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परसाखेड़ा में फैक्ट्रियों का गंदा पानी रामगंगा में छोड़ने की होगी जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Updated Sat, 08 Dec 2018 07:29 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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परसाखेड़ा में बीएल एग्रो, सोया फूड सहित पांच फैक्ट्रियों का गंदा पानी सीधे रामगंगा में गिराए जाने का मामला सामने आया है। इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर ने तीन सदस्यीय टीम बनाकर मामले की जांच शुरू करा दी है। इस मामले में स्थानीय लोगों ने भी शिकायत की थी कि फैक्ट्रियों से गंदा पानी छोड़े जाने के कारण गंभीर बीमारियां फैल रही हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच जिला प्रशासन को पूरी करके देनी है। लोगों ने यह शिकायत की थी कि परसाखेड़ा फैक्ट्री एरिया में स्थित सोया फूड, टीचर गोल्ड विनोद सॉप, पशुपति प्लाई, काने बिस्कुट और बीएल एग्रो फैक्ट्रियां हैं। उनके यहां से निकलने वाला गंदा पानी रेलवे लाइन से होता हुआ आसपास के गांवों के तालाबों में जमा हो जाता है।
इन सभी तालाबों को गंदा करने के बाद यह पानी शंका नदी से होता हुआ रामगंगा में गिरता है। तालाबों का पानी गंदा होने से क्षेत्रवासियों में बीमारियां बढ़ रही हैं, तो वहीं रामगंगा प्रदूषित हो रही है। इस मामले में डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने एसडीएम सदर एमपी सिंह को जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
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एसडीएम की ओर से इस मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसमें उप श्रमायुक्त, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को शामिल किया गया है। एसडीएम ने जांच टीम को आठ दिसंबर तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करके के आदेश दिए हैं।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच जिला प्रशासन को पूरी करके देनी है। लोगों ने यह शिकायत की थी कि परसाखेड़ा फैक्ट्री एरिया में स्थित सोया फूड, टीचर गोल्ड विनोद सॉप, पशुपति प्लाई, काने बिस्कुट और बीएल एग्रो फैक्ट्रियां हैं। उनके यहां से निकलने वाला गंदा पानी रेलवे लाइन से होता हुआ आसपास के गांवों के तालाबों में जमा हो जाता है।
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इन सभी तालाबों को गंदा करने के बाद यह पानी शंका नदी से होता हुआ रामगंगा में गिरता है। तालाबों का पानी गंदा होने से क्षेत्रवासियों में बीमारियां बढ़ रही हैं, तो वहीं रामगंगा प्रदूषित हो रही है। इस मामले में डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने एसडीएम सदर एमपी सिंह को जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
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एसडीएम की ओर से इस मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसमें उप श्रमायुक्त, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को शामिल किया गया है। एसडीएम ने जांच टीम को आठ दिसंबर तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करके के आदेश दिए हैं।