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कारोबार छोड़ें सुनकर अफसर ने रवि अग्रवाल से पूछा-डर लगता है
Updated Mon, 08 Oct 2018 01:14 AM IST
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बरेली। ‘अराजक’ शब्द पर विफरे व्यापारियों के बीच कारोबारी रवि अग्रवाल प्रधान आयकर निदेशक अमलेंद्र कुमार से भिड़ गए और सवाल-जवाब करने लगे। इस पर निदेशक ने उनका नाम पूछा और क्या करते हैं जानना चाहा। उन्होंने अपना नाम तो बता दिया, लेकिन क्या करते हैं के सवाल पर कहा- इंडस्ट्री नहीं है। व्यापार करते है। निदेशक ने फिर सवाल दागा- क्या कारोबार करते है, तो अग्रवाल बोले इसे छोड़िए। इस पर निदेशक मुस्कराए और बोले- क्या डर लगता है।
प्रधान आयकर निदेशक मीडिया से बात कर रहे थे, तभी वहां मौजूद व्यापारी बीच में बोलने लगे। निदेशक ने इस बीच व्यापारियों के लिए ‘अराजक’ शब्द का इस्तेमाल कर दिया। इस पर व्यापारियों ने शोर शराबा कर दिया। व्यापारी अमित कुमार वर्मा, संदीप टंडन, सुरेश सुंदरानी, सुदेश अग्रवाल, दर्शन लाल भाटिया, राजेश जसोरिया आदि ने घनश्याम खंडेलवाल को नीरव मोदी बताने और उन पर व्यक्तिगत आक्षेप लगाने पर ऐतराज किया। इस बीच सारनाथ फर्म प्रमुख रवि अग्रवाल ने कहा कि जब बैंक स्टेटमेंट या लोन आदि की गड़बड़ी थी तो इसमें छापा मारने की क्या जरूरत थी? अग्रवाल ने कहा कि ये काम तो सर्च से ही हो जाता है। सब कुछ लिखा पढ़ी में है।
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प्रधान आयकर निदेशक मीडिया से बात कर रहे थे, तभी वहां मौजूद व्यापारी बीच में बोलने लगे। निदेशक ने इस बीच व्यापारियों के लिए ‘अराजक’ शब्द का इस्तेमाल कर दिया। इस पर व्यापारियों ने शोर शराबा कर दिया। व्यापारी अमित कुमार वर्मा, संदीप टंडन, सुरेश सुंदरानी, सुदेश अग्रवाल, दर्शन लाल भाटिया, राजेश जसोरिया आदि ने घनश्याम खंडेलवाल को नीरव मोदी बताने और उन पर व्यक्तिगत आक्षेप लगाने पर ऐतराज किया। इस बीच सारनाथ फर्म प्रमुख रवि अग्रवाल ने कहा कि जब बैंक स्टेटमेंट या लोन आदि की गड़बड़ी थी तो इसमें छापा मारने की क्या जरूरत थी? अग्रवाल ने कहा कि ये काम तो सर्च से ही हो जाता है। सब कुछ लिखा पढ़ी में है।
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