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ध्वस्तीकरण के दो आदेश होने पर मांगी विधिक राय
Updated Wed, 16 May 2018 01:36 AM IST
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ध्वस्तीकरण के दो आदेश
होने पर मांगी विधिक राय
- सीएम तक पहुंचा रिटायर्ड सीओ और व्यवसायी का झगड़ा
अमर ुजाला ब्यूरो
बरेली।
रिटायर्ड सीओ और व्यापारी के बीच मकान निर्माण का झगड़ा मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने सीएम को ऑनलाइन शिकायत भेजी है। बिना नक्शा स्वीकृत कराए मकान का निर्माण होने पर बीडीए ने 2010 और 2018 में दो बार ध्वस्तीकरण के आदेश कर दिए। भवन मालिक ने कमिश्नर न्यायालय में केस दायर कर रखा है। बीडीए ने यह निर्माण ध्वस्त करने पर विधिक राय मांगी है।
रामपुर गार्डन में रहने वाले रिटायर्ड सीओ ने अपने पड़ोस में प्राधिकरण से बिना नक्शा मंजूर कराए मकान निर्माण नियम विरुद्ध कराने की शिकायत वर्ष 2010 में की थी। जांच के बाद शिकायत सही पाए जाने पर बीडीए ने 21 दिसंबर 2010 को बिल्डिंग ध्वस्त करने के आदेश किए थे। उस आदेश का पालन आठ साल तक नहीं हुआ। हाल ही में जब रिटायर्ड सीओ ने मुख्यमंत्री से शिकायत की तो वहां से भी जांच कराकर कार्रवाई के आदेश दिए गए। तब बीडीए ने आठ मार्च 2018 को फिर ध्वस्तीकरण के आदेश कर दिए। कोतवाली पुलिस ने ध्वस्तीकरण कराने में हीलाहवाली की, तब तक दूसरे पक्ष ने कमिश्नर न्यायालय से स्थगन आदेश ले लिया। दूसरे पक्ष ने भी सीएम को प्रार्थना पत्र दे दिया, जिसकी जांच आ गई।
बीडीए एक्सीएन अनिल मिश्रा ने बताया कि एक ही बिल्डिंग के दो बार ध्वस्तीकरण के आदेश होने पर विधिक राय मांगी गई है। विधिक राय मिलते ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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होने पर मांगी विधिक राय
- सीएम तक पहुंचा रिटायर्ड सीओ और व्यवसायी का झगड़ा
अमर ुजाला ब्यूरो
बरेली।
रिटायर्ड सीओ और व्यापारी के बीच मकान निर्माण का झगड़ा मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने सीएम को ऑनलाइन शिकायत भेजी है। बिना नक्शा स्वीकृत कराए मकान का निर्माण होने पर बीडीए ने 2010 और 2018 में दो बार ध्वस्तीकरण के आदेश कर दिए। भवन मालिक ने कमिश्नर न्यायालय में केस दायर कर रखा है। बीडीए ने यह निर्माण ध्वस्त करने पर विधिक राय मांगी है।
रामपुर गार्डन में रहने वाले रिटायर्ड सीओ ने अपने पड़ोस में प्राधिकरण से बिना नक्शा मंजूर कराए मकान निर्माण नियम विरुद्ध कराने की शिकायत वर्ष 2010 में की थी। जांच के बाद शिकायत सही पाए जाने पर बीडीए ने 21 दिसंबर 2010 को बिल्डिंग ध्वस्त करने के आदेश किए थे। उस आदेश का पालन आठ साल तक नहीं हुआ। हाल ही में जब रिटायर्ड सीओ ने मुख्यमंत्री से शिकायत की तो वहां से भी जांच कराकर कार्रवाई के आदेश दिए गए। तब बीडीए ने आठ मार्च 2018 को फिर ध्वस्तीकरण के आदेश कर दिए। कोतवाली पुलिस ने ध्वस्तीकरण कराने में हीलाहवाली की, तब तक दूसरे पक्ष ने कमिश्नर न्यायालय से स्थगन आदेश ले लिया। दूसरे पक्ष ने भी सीएम को प्रार्थना पत्र दे दिया, जिसकी जांच आ गई।
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बीडीए एक्सीएन अनिल मिश्रा ने बताया कि एक ही बिल्डिंग के दो बार ध्वस्तीकरण के आदेश होने पर विधिक राय मांगी गई है। विधिक राय मिलते ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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