फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   राष्ट्रगान पर नहीं होनी चाहिए सियासत, सभी गाएं

राष्ट्रगान पर नहीं होनी चाहिए सियासत, सभी गाएं

Tue, 15 Aug 2017 02:26 AM IST
Updated Tue, 15 Aug 2017 02:26 AM IST
विज्ञापन
राष्ट्रगान पर नहीं होनी चाहिए सियासत, सभी गाएं
राष्ट्रगान पर नहीं होनी चाहिए सियासत, सभी गाएं - फोटो : बरेली, अमर उजाला
बरेली। शहर काजी ने जहां मदरसों में राष्ट्रगान न गाने की अपील की है वहीं आम मुसलमानों का साफ कहना है कि इसपर सियासत नहीं होनी चाहिए। यह देश की एकता अखंडता का प्रतीक है। इसे सभी को गाना चाहिए।
विज्ञापन

- राष्ट्रगान हमारी भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। यह गान देश की पहचान है। इसे लेकर कोई ऐसी बात नहीं होना चाहिए जिससे देश की एकता पर आंच आए। देश की एकता अखंडता को कायम रखना हम सब का कर्तव्य है। - दानिश खान, व्यापारी सिविल लाइंस।
विज्ञापन

- राष्ट्रीय गान हमारे देश की शान है। हम भारतीय है इसके गाने में हमें कोई हर्ज नहीं होना चाहिए। यह हमारे देश के इत्तेहाद को मजबूत करता है। मगर जबरदस्ती किसी काम को कराना उचित नहीं - मोहम्मद शहाब सिद्दीकी, व्यापारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

- स्कूल के समय से लेकर आज तक हमने राष्ट्रगान गाया है। इसकी एक एक लाइन आज तक याद है। इसे गाने में फक्र भी महसूस होता है। लेकिन अगर कोई जबरदस्ती बोले कि गाना है तो नहीं गाएंगे - वरधा खान, छात्रा।

-राष्ट्रगान पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। मजहब और मुल्क अलग-अलग हैं। इस्लाम भी मुल्क से मौहब्बत करने का पैगाम देता है। सरकार का आदेश सबके लिए होना चाहिए था। किसी विशेष मजहब या किसी एक संस्थान के लिए आदेश करना गलत है। सरकार को आदेश करना था तो सबके लिए करना चाहिए था। जबरन किसी पर राष्ट्रगान गाने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता है- शाकिब खान, अधिवक्ता

राष्ट्रगान का विरोध करना ठीक नहीं है। इस्लाम भी अपने मुल्क से मोहब्बत का पैगाम देता है। इसलिए सभी को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रगान गाना चाहिए। इस पर सियासत नहीं होनी चाहिए। प्रदेश सरकार का मदरसों के लिए विशेष तौर पर आदेश करना गलत है। सभी धर्मों की शिक्षण संस्थाओं के लिए आदेश होना चाहिए- डॉ. अरशद अली, बच्चा रोग विशेषज्ञ

-देश में रहने वाले हर इंसान को वफादार बनकर रहना चाहिए। सरकार को यह लगा होगा कि स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रगान नहीं होता। इसलिए राष्ट्रगान को अनिवार्य किया है। सरकार के आदेश का पालन करना चाहिए। राष्ट्रगान हमारा मान है सम्मान जो बचपन से ही हमें स्कूलों में सिखाया जाता है। राष्ट्रगान का आदर और सम्मान करना चाहिए-फरहत नकवी, अध्यक्ष, मेरा हक फाउंडेशन

-राष्ट्रगान का मतलब यह देश के हर नागरिक के लिए है। मदरसों में हमेशा से ही राष्ट्रगान होता रहा है। इस पर सियासत नहीं होनी चाहिए। किसी से जबरन राष्ट्रगान नहीं पढ़वाया जा सकता है। स्वतंत्रता दिवस पर मदरसों में राष्ट्रगान की अनिवार्यता करके सरकार ने एक धर्म को टारगेट करना गलत है। यह आदेश सबके लिए होना चाहिए था-डॉ. फाजिल मंजूरी, सर्जन


- हम सब लोगों को मिल कर जश्न-ए-आजादी का पर्व मनाना चाहिए। हमारे मदरसे में भी पिछले 40 साल से झंडा फहराया जा रहा है। मिठाईयां बांटी जाती हैं और इकबाल का तराना गाया जाता है। इससे पहले कभी राष्ट्रगान के लिए दबाव नहीं डाला गया। - पाशा मियां निजामी नियाजी, सज्जादानशीन खानकाह निजामिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed