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एडीएम प्रशासन की फर्जी आईडी बनाकर कौन भेज रहा शिकायतें
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बरेली। ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना में आए लाखों के कंप्यूटर खराब होने पर किसी व्यक्ति ने एडीएम प्रशासन की फर्जी आईडी बनाकर शिकायत कर दी। शिकायत निस्तारण के लिए लखनऊ से कंपनी के लोग यहां पहुंचे तो यह भेद खुला। इसके बाद कलक्ट्रेट में हड़कंप मच गया और मामले की जांच के निर्देश दिए गए। वहीं, एडीएम ने कंपनी के अधिकारियों से खराब कंप्यूटरों की जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है।
शासन ने ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के तहत आउट सोर्सिंग के माध्यम से 108 कंप्यूटर उपलब्ध कराए थे। करीब दो साल पहले डीएम सुरेंद्र सिंह के कार्यकाल में ये कंप्यूटर विकास भवन समेत दूसरे विभागों को तो दे दिए गए लेकिन कलक्ट्रेट के कमरा नंबर-नौ में जून में दिए गए। स्वच्छता कार्यक्रम में प्रयोग के दौरान एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी को इन कंप्यूटरों के खराब होने की बात पता लगी। इनमें से ज्यादातर सही काम नहीं कर रहे थे। इस पर उन्होंने फोन से सेवा प्रदाता कंपनी के लखनऊ में बैठने वाले अधिकारियों से बात करके नाराजगी जताई। इसके बाद कंपनी के लोग यहां आए। उन्होंने एडीएम प्रशासन की ई-मेल आईडी से की गई शिकायतों के बारे में एडीएम स्टाफ से बात की तो उन लोगों ने बताया कि यह एडीएम की अधिकृत आईडी ही नहीं है। इसके बाद यह पता करने की कोशिशें शुरू हुईं कि एडीएम की फर्जी आईडी बनाकर कौन इस्तेमाल कर रहा है लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। फिलहाल एडीएम ने इसकी जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कंपनी के अधिकारियों से गारंटी पीरियड में ही खराब होने वाले कंप्यूटरों की रिपोर्ट मांगी है। एडीएम की फर्जी आईडी से शिकायत मिलने के संबंध में कंपनी के एक उच्चाधिकारी ने भी पुष्टि की है।
यह बात मेरे संज्ञान में आई है कि मेरे नाम की आईडी का कोई इस्तेमाल कर रहा है। उसका इस्तेमाल करके ई -डिस्ट्रिक परियोजना में मिले कंप्यूटरों खराब होने की शिकायत की गई है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। - रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
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शासन ने ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के तहत आउट सोर्सिंग के माध्यम से 108 कंप्यूटर उपलब्ध कराए थे। करीब दो साल पहले डीएम सुरेंद्र सिंह के कार्यकाल में ये कंप्यूटर विकास भवन समेत दूसरे विभागों को तो दे दिए गए लेकिन कलक्ट्रेट के कमरा नंबर-नौ में जून में दिए गए। स्वच्छता कार्यक्रम में प्रयोग के दौरान एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी को इन कंप्यूटरों के खराब होने की बात पता लगी। इनमें से ज्यादातर सही काम नहीं कर रहे थे। इस पर उन्होंने फोन से सेवा प्रदाता कंपनी के लखनऊ में बैठने वाले अधिकारियों से बात करके नाराजगी जताई। इसके बाद कंपनी के लोग यहां आए। उन्होंने एडीएम प्रशासन की ई-मेल आईडी से की गई शिकायतों के बारे में एडीएम स्टाफ से बात की तो उन लोगों ने बताया कि यह एडीएम की अधिकृत आईडी ही नहीं है। इसके बाद यह पता करने की कोशिशें शुरू हुईं कि एडीएम की फर्जी आईडी बनाकर कौन इस्तेमाल कर रहा है लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। फिलहाल एडीएम ने इसकी जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, कंपनी के अधिकारियों से गारंटी पीरियड में ही खराब होने वाले कंप्यूटरों की रिपोर्ट मांगी है। एडीएम की फर्जी आईडी से शिकायत मिलने के संबंध में कंपनी के एक उच्चाधिकारी ने भी पुष्टि की है।
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यह बात मेरे संज्ञान में आई है कि मेरे नाम की आईडी का कोई इस्तेमाल कर रहा है। उसका इस्तेमाल करके ई -डिस्ट्रिक परियोजना में मिले कंप्यूटरों खराब होने की शिकायत की गई है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। - रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
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