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नवाबगंज जमीन घोटाला- रिपोर्ट दर्ज हो रही न विभागीय कार्रवाई
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बरेली। नवाबगंज जमीन घोटाले की जांच पूरी होने के बावजूद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराने में टालमटोल हो रही है। नये एसीएम फर्स्ट के कार्यभार ग्रहण करने के बावजूद मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एसीएम का कहना है कि विभाग के किसी बाबू को ही रिपोर्ट दर्ज करानी है। इसके लिए मातहतों को बुलाकर बातचीत की गई है। विभागीय कार्रवाई भी संबधित विभाग को ही करनी है। इसके लिए भी पत्राचार किया गया है।
नवाबगंज के डांडिया नजमुल निशा में इबरार नाम के एक शख्स की करीब सौ बीघा जमीन हड़पने के लिए खतौनी में फर्जीवाड़ा किया गया था। पूर्व में एडीएम सिटी रहे ओपी वर्मा ने मामले की जांच कराई थी। तब घोटालेबाजों ने उनके नाम की फर्जी चिट्ठी बनाकर गड़बड़ी करने की कोशिश की थी। अपर सिटी मजिस्ट्रेट (प्रथम) जलालुद्दीन ने अभिलेखागार और चकबंदी के कई कर्मचारियों सहित आठ लोगों को चिह्नित किया था। इन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर के साथ विभागीय कार्रवाई भी होनी है, लेकिन फाइल को ही दबा दिया गया। इस बीच एडीएम सिटी ओपी वर्मा और जांच अधिकारी जलालुद्दीन दोनों का ही स्थानांतरण हो गया। इसके बाद दोनों ही पदों पर नये अफसर आ गए, लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।
जांच अधिकारी एसीएम फर्स्ट जलालुद्दीन ने अपनी जांच आख्या में लिखा है कि प्रकरण की रिपोर्ट किसी विभागीय बाबू की तरफ से दर्ज होनी है। इस संबंध में मैंने स्टाफ को बुलाकर भी जानकारी की है। मामले में जल्द ही एक्शन लिया जाएगा। - मदन कुमार, एसीएम फर्स्ट
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नवाबगंज के डांडिया नजमुल निशा में इबरार नाम के एक शख्स की करीब सौ बीघा जमीन हड़पने के लिए खतौनी में फर्जीवाड़ा किया गया था। पूर्व में एडीएम सिटी रहे ओपी वर्मा ने मामले की जांच कराई थी। तब घोटालेबाजों ने उनके नाम की फर्जी चिट्ठी बनाकर गड़बड़ी करने की कोशिश की थी। अपर सिटी मजिस्ट्रेट (प्रथम) जलालुद्दीन ने अभिलेखागार और चकबंदी के कई कर्मचारियों सहित आठ लोगों को चिह्नित किया था। इन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर के साथ विभागीय कार्रवाई भी होनी है, लेकिन फाइल को ही दबा दिया गया। इस बीच एडीएम सिटी ओपी वर्मा और जांच अधिकारी जलालुद्दीन दोनों का ही स्थानांतरण हो गया। इसके बाद दोनों ही पदों पर नये अफसर आ गए, लेकिन कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।
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जांच अधिकारी एसीएम फर्स्ट जलालुद्दीन ने अपनी जांच आख्या में लिखा है कि प्रकरण की रिपोर्ट किसी विभागीय बाबू की तरफ से दर्ज होनी है। इस संबंध में मैंने स्टाफ को बुलाकर भी जानकारी की है। मामले में जल्द ही एक्शन लिया जाएगा। - मदन कुमार, एसीएम फर्स्ट
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