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त्योहारों पर पैक्ड फूड से खतरा, कमजोर कोल्ड चेन से खराब हो रहा सामान
Updated Tue, 06 Nov 2018 02:38 AM IST
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दिवाली पर मुनाफाखोरों ने ग्राहकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की कोई कसर नहीं छोड़ी है। त्योहार पर खरीदी गए आइटमों को खाने से पहले ही पूरी तरह परख लें, अन्यथा आपको परेशानी हो सकती है। बेकरी आइटम हो या फिर मिठाई-नमकीन। त्योहार पर घटिया श्रेणी की खाद्य सामग्री और अखाद्य रंगों से तैयार इन आइटम को मनमानी दरों पर बेचा जा रहा है। खाद्य तेल बाजार भी इससे अछूता नहीं है।
पांच दिन तक चलने वाले दीपोत्सव पर मिठाई, नमकीन, ब्रेकरी, ड्राई फ्रूट आदि के बाजार में सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार होता है। इसलिए व्यापारी भी यह त्योहार अपने हिसाब से ही चलाते हैं। मिठाई, नमकीन, ब्रेकरी आइटमों में ज्यादा मिलावट की आशंका होती है। अखाद्य रंग, कथित देशी घी और अन्य घटिया सामग्री आदि इसके निर्माण में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है। हाल ही में अजंता स्वीट्स फैक्ट्री पर लगे एफएसडीए और आयकर के छापों से ऐसे तमाम तथ्य सामने आए हैं, जिससे ग्राहक और उपभोक्ता दोनों ही आशंकित हैं। अब तक लोग जिस नमकीन को देशी घी से बना हुआ मानकर खरीदते आ रहे थे खुद अजंता स्वीट्स ने अपनी सफाई में कहा कि नमकीन और अन्य आइटम देशी घी से नहीं रिफाइंड से बनते हैं।
राजेंद्र नगर, कैंट, सिविल लाइंस, सीबी गंज, सुभाष नगर, सैलानी, श्यामगंज समेत विभिन्न इलाकों में हर दिन लाखों रुपये को बेकरी का कारोबार होता है। अच्छा मुनाफा देख इसमें मिठाई विक्र्रेता भी घुस गए हैं। कुछ कारोबारी घटिया सामग्री और केमिकल आदि बेकरी में इस्तेमाल कर रहे हैं। राजेंद्रनगर स्थित एक प्रमुख प्रतिष्ठान से साहूकारा निवासी नरेश शर्मा ने डबल रोटी खरीदी, घर जाकर चखी तो घटास और अलग महक आने पर शिकायत की तो दुकानदार ने बदलने से मना कर दिया। ग्राहक एफएसडीए के पास पहुंचा तो उन्होंने बिल मांगा, जिस पर नरेश ने कहा कि बिल तो उसे दिया ही नहीं गया। जिला एफएसडीए अधिकारी कार्यालय ने परेशान ग्राहक को ऐसे ही टरका दिया। सुनील खंडेलवाल भी इसका शिकार हो चुके हैं।
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मिठाई विक्रेता नहीं करते कोल्ड चेन मेनटेन
ज्यादातर बेकर और कई मिठाई विक्रेता कोल्ड चेन भी मेनटेन नहीं करते हैं। बिजली गुल होने पर जनरेटर इस्तेमाल नहीं करते हैं, इससे उचित तापमान नहीं मिलने पर बेकरी आदि आइटम खराब हो जाते हैं ओर खाने योग्य नहीं रहते। बेकरी आइटम ज्यादा प्रभावित होते हैं। डबल रोटी और बंद आदि में स्पंज और सफेदी रोकने को खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है। निम्नस्तरीय खमीर और मैदा भी स्वाद को बिगाड़ रही है।
बेकरी आइटमों में खराब सामग्री इस्तेमाल होने की जानकारी मिली है, साथ ही अन्य उत्पादों में घटिया देशी घी इस्तेमाल होने की लगातार शिकायतें आयी हैं। विभाग उपभोक्ता और ग्राहक हित और उनकी स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए चेकिंग कराएगा।
- संजय पांडे, एफएसडीए सहायक आयुक्त
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पांच दिन तक चलने वाले दीपोत्सव पर मिठाई, नमकीन, ब्रेकरी, ड्राई फ्रूट आदि के बाजार में सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार होता है। इसलिए व्यापारी भी यह त्योहार अपने हिसाब से ही चलाते हैं। मिठाई, नमकीन, ब्रेकरी आइटमों में ज्यादा मिलावट की आशंका होती है। अखाद्य रंग, कथित देशी घी और अन्य घटिया सामग्री आदि इसके निर्माण में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है। हाल ही में अजंता स्वीट्स फैक्ट्री पर लगे एफएसडीए और आयकर के छापों से ऐसे तमाम तथ्य सामने आए हैं, जिससे ग्राहक और उपभोक्ता दोनों ही आशंकित हैं। अब तक लोग जिस नमकीन को देशी घी से बना हुआ मानकर खरीदते आ रहे थे खुद अजंता स्वीट्स ने अपनी सफाई में कहा कि नमकीन और अन्य आइटम देशी घी से नहीं रिफाइंड से बनते हैं।
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राजेंद्र नगर, कैंट, सिविल लाइंस, सीबी गंज, सुभाष नगर, सैलानी, श्यामगंज समेत विभिन्न इलाकों में हर दिन लाखों रुपये को बेकरी का कारोबार होता है। अच्छा मुनाफा देख इसमें मिठाई विक्र्रेता भी घुस गए हैं। कुछ कारोबारी घटिया सामग्री और केमिकल आदि बेकरी में इस्तेमाल कर रहे हैं। राजेंद्रनगर स्थित एक प्रमुख प्रतिष्ठान से साहूकारा निवासी नरेश शर्मा ने डबल रोटी खरीदी, घर जाकर चखी तो घटास और अलग महक आने पर शिकायत की तो दुकानदार ने बदलने से मना कर दिया। ग्राहक एफएसडीए के पास पहुंचा तो उन्होंने बिल मांगा, जिस पर नरेश ने कहा कि बिल तो उसे दिया ही नहीं गया। जिला एफएसडीए अधिकारी कार्यालय ने परेशान ग्राहक को ऐसे ही टरका दिया। सुनील खंडेलवाल भी इसका शिकार हो चुके हैं।
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मिठाई विक्रेता नहीं करते कोल्ड चेन मेनटेन
ज्यादातर बेकर और कई मिठाई विक्रेता कोल्ड चेन भी मेनटेन नहीं करते हैं। बिजली गुल होने पर जनरेटर इस्तेमाल नहीं करते हैं, इससे उचित तापमान नहीं मिलने पर बेकरी आदि आइटम खराब हो जाते हैं ओर खाने योग्य नहीं रहते। बेकरी आइटम ज्यादा प्रभावित होते हैं। डबल रोटी और बंद आदि में स्पंज और सफेदी रोकने को खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है। निम्नस्तरीय खमीर और मैदा भी स्वाद को बिगाड़ रही है।
बेकरी आइटमों में खराब सामग्री इस्तेमाल होने की जानकारी मिली है, साथ ही अन्य उत्पादों में घटिया देशी घी इस्तेमाल होने की लगातार शिकायतें आयी हैं। विभाग उपभोक्ता और ग्राहक हित और उनकी स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए चेकिंग कराएगा।
- संजय पांडे, एफएसडीए सहायक आयुक्त