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शक के घेरे में आई मृदा कार्ड बनाने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी
Updated Mon, 08 Oct 2018 01:14 AM IST
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बरेली। किसानों के मृदा कार्ड बनाने से लेकर खेतों से मिट्टी के नमूने लाने और लैब में उनकी जांच कराने का कांट्रेक्ट लेने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी की पात्रता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताते हैं कि कंपनी ने एक ही मशीन और संसाधनों से कई जिलों में कांट्रेक्ट ले लिया। इसकी कृषि निदेशक स्तर पर जांच भी चल रही है। उप निदेशक (कृषि) स्तर पर हुई टेंडर प्रक्रिया में यहां भी कृषि विभाग के अधिकारी शामिल थे। अलबत्ता, सीडीओ ने इस मामले में डीडी कृषि को बुलाकर पूछताछ भी की। इससे विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
कृषि विभाग किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच के लिए मृदा कार्ड जारी करने और नमूनों को लैब में लाकर उनकी जांच कराने का काम आउटसोर्सिंग कंपनी को देता है। यहां भी करीब साढ़े चार लाख किसानों के लिए विभाग टेंडर करता है, जबकि इसमें फर्जीवाड़ा की शिकायतें होती रही हैं। हाल में आउटसोर्सिंग कंपनी की पात्रता को लेकर सवाल उठे हैं। सीडीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि ऐसी जानकारी सामने आई है कि जिस फर्म ने मृदा कार्ड और मिट्टी की जांच का काम लिया है, उसीने अपनी वही मशीन और अन्य संसाधन दिखाकर मुरादाबाद और गाजियाबाद सहित कई जिलों में भी काम ले लिया है। इससे टेंडर प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों से पूछताछ हो रही है। डीडी कृषि विनोद कुमार यादव से भी टेंडर से संबंधित रिकार्ड लेकर देखे गए हैं। हालांकि अब तक इसमें गड़बड़ी की बात तो सामने नहीं आ है। हालांकि यह जांच शासन स्तर से ही चलने की जानकारी मिली है। इसलिए गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई भी वहीं से होनी हैं। इधर, उपनिदेशक कृषि विनोद कुमार यादव ने इस संबंध में कोई जानकारी न होने की बात कही है।
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कृषि विभाग किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच के लिए मृदा कार्ड जारी करने और नमूनों को लैब में लाकर उनकी जांच कराने का काम आउटसोर्सिंग कंपनी को देता है। यहां भी करीब साढ़े चार लाख किसानों के लिए विभाग टेंडर करता है, जबकि इसमें फर्जीवाड़ा की शिकायतें होती रही हैं। हाल में आउटसोर्सिंग कंपनी की पात्रता को लेकर सवाल उठे हैं। सीडीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि ऐसी जानकारी सामने आई है कि जिस फर्म ने मृदा कार्ड और मिट्टी की जांच का काम लिया है, उसीने अपनी वही मशीन और अन्य संसाधन दिखाकर मुरादाबाद और गाजियाबाद सहित कई जिलों में भी काम ले लिया है। इससे टेंडर प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों से पूछताछ हो रही है। डीडी कृषि विनोद कुमार यादव से भी टेंडर से संबंधित रिकार्ड लेकर देखे गए हैं। हालांकि अब तक इसमें गड़बड़ी की बात तो सामने नहीं आ है। हालांकि यह जांच शासन स्तर से ही चलने की जानकारी मिली है। इसलिए गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई भी वहीं से होनी हैं। इधर, उपनिदेशक कृषि विनोद कुमार यादव ने इस संबंध में कोई जानकारी न होने की बात कही है।
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