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विवि के गर्ल्स हॉस् टल में हंगामा
Updated Sun, 11 Mar 2018 10:04 AM IST
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महिला दिवस पर आधी रात तक भूखी रहीं विवि में छात्राएं
गर्ल्स हॉस्टल में असुरक्षा और अव्यवस्थाओं से छात्राएं नाराज
शनिवार को भी छात्राओं ने किया विरोध, वार्डन ने शांत कराया
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक तरफ जहां पूरी दुनिया में महिलाओं के सम्मान की बात हो रही थी वहीं दूसरी तरफ एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में छात्राओं को अपने हक के लिए आधी रात तक भूखा रहना पड़ा। मांग बदहाल गर्ल्स हॉस्टल में बेहतर सुविधाओं और सुरक्षा की थी। पिछले तीन दिन से छात्राएं अपनी मांगों को लेकर विरोध जता रही हैं। शनिवार को भी छात्राएं हॉस्टल में विरोध करती रहीं। गुस्साईं छात्राओं ने चीफ वार्डन को शिकायती पत्र भी सौंपा है। हॉस्टल की वार्डन ने बड़ी मुश्किल से छात्राओं को समझा बुझाकर शांत कराया।
छात्राएं कई बार हॉस्टल की बदहाली के खिलाफ आवाज उठा चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ है। छात्राएं हॉस्टल का समय बढ़ाकर साढ़े सात बजे करने, साफ सफाई, चौबीस घंटे बिजली, एंबुलेंस सुविधा आदि की मांग कर ही हैं। उनका कहना है कि मैटर्न का बर्ताव अच्छा नहीं है, वह छात्राओं पर रोब झाड़ती हैं। मेस का एक लड़का भी आए दिन कमेंट पास करता है। उसकी भी शिकायत की है। गुर्स्साइं छात्राओं ने गुरुवार रात खाना खाने से मना कर दिया। बोलीं, जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाता तब तक खाना नहीं खाएंगी। रात एक बजे तक वार्डन उनको समझातीं रहीं, उसके बाद छात्राओं ने खाना खाया। शुक्रवार को भी छात्राओं ने विरोध जताया। शनिवार को छात्राएं चीफ वार्डन प्रोफेसर एके जेटली से मिलीं और उन्हें शिकायती पत्र सौंपा। शनिवार दोपहर को छात्राओं ने फिर खाना खाने से मना कर दिया। शाम तक छात्राओं का विरोध जारी रहा। बड़ी मुश्किल से वार्डन ने उनको समझाकर शांत कराया। कुछ सीनियर छात्राओं के साथ वार्डन शनिवार रात तक वार्ता करतीं रहीं ताकि उनका विरोध खत्म हो सके। हालांकि छात्राओं में रोष बरकरार है।
ये हैं प्रमुख मांगें
हॉस्टल में अंतिम प्रवेश का समय बढ़ाकर शाम साढ़े सात बजे किया जाए। हालांकि विवि प्रशासन ने समय बढ़ाकर साढ़े छह बजे कर दिया है।
बाथरूम काफी गंदे पड़े हैं, उनको साफ कराया जाए। साफ पानी और खाना अच्छा दिया जाए।
चौबीस घंटे बिजली की सुविधाए मिले।
मेस में एक लड़का कई बार लड़कियों पर कमेंट कर चुका है, उसे हटाया जाए। यह मांग पूरी हो गई है।
अभिभावकों से मिलने की चौबीस घंटे अनुमति दी जाए।
मेडिकल और एंबुलेंस की सुविधा मिले।
हॉस्टल में खेलने की व्यवस्था हो।
वर्जन
छात्राओं की ज्यादातर मांगे मान ली हैं। छात्राएं हमारे बच्चों की तरह हैं। उनकी हर समस्या दूर की जाएंगी। पहले छह बजे का समय था, इसे बढ़ाकर साढ़े छह कर दिया है। इससे ज्यादा समय नहीं बढ़ा सकते। मेस में जो लड़का था उसे हटा दिया है। - डॉ. संतोष अरोरा, वार्डन
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गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने शिकायत की है। 24 मार्च को बैठक बुलाई है। छात्राओं की जो मांगे सही हैं उनको पूरा कराया जाएगा। - प्रोफेसर एके जेटली, चीफ वार्डन
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गर्ल्स हॉस्टल में असुरक्षा और अव्यवस्थाओं से छात्राएं नाराज
शनिवार को भी छात्राओं ने किया विरोध, वार्डन ने शांत कराया
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक तरफ जहां पूरी दुनिया में महिलाओं के सम्मान की बात हो रही थी वहीं दूसरी तरफ एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में छात्राओं को अपने हक के लिए आधी रात तक भूखा रहना पड़ा। मांग बदहाल गर्ल्स हॉस्टल में बेहतर सुविधाओं और सुरक्षा की थी। पिछले तीन दिन से छात्राएं अपनी मांगों को लेकर विरोध जता रही हैं। शनिवार को भी छात्राएं हॉस्टल में विरोध करती रहीं। गुस्साईं छात्राओं ने चीफ वार्डन को शिकायती पत्र भी सौंपा है। हॉस्टल की वार्डन ने बड़ी मुश्किल से छात्राओं को समझा बुझाकर शांत कराया।
छात्राएं कई बार हॉस्टल की बदहाली के खिलाफ आवाज उठा चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ है। छात्राएं हॉस्टल का समय बढ़ाकर साढ़े सात बजे करने, साफ सफाई, चौबीस घंटे बिजली, एंबुलेंस सुविधा आदि की मांग कर ही हैं। उनका कहना है कि मैटर्न का बर्ताव अच्छा नहीं है, वह छात्राओं पर रोब झाड़ती हैं। मेस का एक लड़का भी आए दिन कमेंट पास करता है। उसकी भी शिकायत की है। गुर्स्साइं छात्राओं ने गुरुवार रात खाना खाने से मना कर दिया। बोलीं, जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाता तब तक खाना नहीं खाएंगी। रात एक बजे तक वार्डन उनको समझातीं रहीं, उसके बाद छात्राओं ने खाना खाया। शुक्रवार को भी छात्राओं ने विरोध जताया। शनिवार को छात्राएं चीफ वार्डन प्रोफेसर एके जेटली से मिलीं और उन्हें शिकायती पत्र सौंपा। शनिवार दोपहर को छात्राओं ने फिर खाना खाने से मना कर दिया। शाम तक छात्राओं का विरोध जारी रहा। बड़ी मुश्किल से वार्डन ने उनको समझाकर शांत कराया। कुछ सीनियर छात्राओं के साथ वार्डन शनिवार रात तक वार्ता करतीं रहीं ताकि उनका विरोध खत्म हो सके। हालांकि छात्राओं में रोष बरकरार है।
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ये हैं प्रमुख मांगें
हॉस्टल में अंतिम प्रवेश का समय बढ़ाकर शाम साढ़े सात बजे किया जाए। हालांकि विवि प्रशासन ने समय बढ़ाकर साढ़े छह बजे कर दिया है।
बाथरूम काफी गंदे पड़े हैं, उनको साफ कराया जाए। साफ पानी और खाना अच्छा दिया जाए।
चौबीस घंटे बिजली की सुविधाए मिले।
मेस में एक लड़का कई बार लड़कियों पर कमेंट कर चुका है, उसे हटाया जाए। यह मांग पूरी हो गई है।
अभिभावकों से मिलने की चौबीस घंटे अनुमति दी जाए।
मेडिकल और एंबुलेंस की सुविधा मिले।
हॉस्टल में खेलने की व्यवस्था हो।
वर्जन
छात्राओं की ज्यादातर मांगे मान ली हैं। छात्राएं हमारे बच्चों की तरह हैं। उनकी हर समस्या दूर की जाएंगी। पहले छह बजे का समय था, इसे बढ़ाकर साढ़े छह कर दिया है। इससे ज्यादा समय नहीं बढ़ा सकते। मेस में जो लड़का था उसे हटा दिया है। - डॉ. संतोष अरोरा, वार्डन
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गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने शिकायत की है। 24 मार्च को बैठक बुलाई है। छात्राओं की जो मांगे सही हैं उनको पूरा कराया जाएगा। - प्रोफेसर एके जेटली, चीफ वार्डन