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Bareilly News: आरोग्य मेले में आए 25 फीसदी मरीज वायरल रोगों से पीड़ित
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लैब टेक्नीशियन की कमी से कई केंद्रों पर प्रभावित रही मरीजों की जांच
बरेली। मौसम में आ रहे बदलाव से सेहत के प्रति जरा सी अनदेखी बीमार बना रही है। रविवार को आरोग्य मेले में इलाज के लिए पहुंचे 3,810 मरीजों में 25 फीसदी से ज्यादा वायरल बीमारियों की चपेट में रहे। कई केंद्रों पर मरीजों की जांच भी प्रभावित रही।
एनयूएचएम के नोडल डॉ. अजमेर सिंह के मुताबिक, मौसम में बदलाव से पारा में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। बच्चे और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए ज्यादातर इसी आयुवर्ग के लोग इलाज के लिए आए।
बुखार, सर्दी, जुकाम, खांसी के मरीजों को जांच के बाद दवाएं दी गईं। दूसरी ओर, शहर और देहात के कई केंद्रों पर लैब टेक्नीशियन की कमी रही। रोस्टर व्यवस्था के चलते पुराना शहर, हरूनगला, कालीबाड़ी, स्वालेनगर व अन्य केंद्रों पर जांच प्रभावित रही। सोमवार को मरीजों को बुलाया गया।
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फरीदपुर सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक, ओपीडी में कोई गंभीर मरीज नहीं पहुंचा। ज्यादातर वायरल और सामान्य बीमारियों की चपेट में रहे। इन्हें दवा के साथ बचाव के उपाय बताए गए। गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। ब्यूरो
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बरेली। मौसम में आ रहे बदलाव से सेहत के प्रति जरा सी अनदेखी बीमार बना रही है। रविवार को आरोग्य मेले में इलाज के लिए पहुंचे 3,810 मरीजों में 25 फीसदी से ज्यादा वायरल बीमारियों की चपेट में रहे। कई केंद्रों पर मरीजों की जांच भी प्रभावित रही।
एनयूएचएम के नोडल डॉ. अजमेर सिंह के मुताबिक, मौसम में बदलाव से पारा में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। बच्चे और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, इसलिए ज्यादातर इसी आयुवर्ग के लोग इलाज के लिए आए।
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बुखार, सर्दी, जुकाम, खांसी के मरीजों को जांच के बाद दवाएं दी गईं। दूसरी ओर, शहर और देहात के कई केंद्रों पर लैब टेक्नीशियन की कमी रही। रोस्टर व्यवस्था के चलते पुराना शहर, हरूनगला, कालीबाड़ी, स्वालेनगर व अन्य केंद्रों पर जांच प्रभावित रही। सोमवार को मरीजों को बुलाया गया।
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फरीदपुर सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक, ओपीडी में कोई गंभीर मरीज नहीं पहुंचा। ज्यादातर वायरल और सामान्य बीमारियों की चपेट में रहे। इन्हें दवा के साथ बचाव के उपाय बताए गए। गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। ब्यूरो