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रामगंगा के जल को आचमन लायक बनाने पर खर्च होंगे 233 करोड़

Sat, 18 Sep 2021 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 01:42 AM IST
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233 crore will be spent on making the water of Ramganga fit for consumption
रामगंगा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

नई दिल्ली में जल निगम और कार्यदायी संस्था के बीच हुआ अनुबंध
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शहर में तीन स्थानों पर 63 एमएलडी के बनाए जाने हैं ट्रीटमेंट प्लांट

बरेली। शहर के 17 बड़े नालों के माध्यम से 63 एमएलडी गंदा पानी रोजाना रामगंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे रामगंगा का जल बेहद प्रदूषित हो गया है। रामगंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए तीन साल से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने की बात चल रही थी। इसके लिए अब जल निगम, नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा और इन्वायरो इंफ्र ा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच अनुबंध हो गया है। अब एसटीपी के जरिए शहर से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करने के बाद ही रामगंगा में छोड़ा जाएगा।
नमामि गंगे परियोजना के तहत बृहस्पतिवार को नेशनल मिशन फार ग्रीन गंगा के दिल्ली स्थित कार्यालय पर जल निगम के अधीक्षण अभियंता नीरज कुमार और कार्यदायी संस्था दिल्ली की इन्वायरो इंफ्र ा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मनीष जैन ने मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
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जल निगम के एक्सईएन संजय कुमार ने बताया कि शहर में तीन स्थानों पर एसटीपी लगाए जाने हैं। इनमें हरूनगला में बीसलपुर रोड पर 42 एमएलडी, हवाई अड्डे के पास ततारपुर में एक एमएलडी और बारी नगला में चौबारी नाले पर 20 एमएलडी का एसटीपी लगेगा। इसके अलावा बाकरगंज के पास सराय तल्फ ी में 35 एमएलडी का एसटीपी जल निगम खुद लगा रहा है, इसका करीब 75 फ ीसदी काम पूरा हो चुका है। एक्सईन ने बताया, अनुबंध के तहत पंद्रह नालों का पानी अनुबंधित संस्था शोधित करेगी। पंद्रह सालों तक एसटीपी का रखरखाव भी संस्था की ओर से ही किया जाएगा।
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समय से जमीन न मिलने पर संशोधित प्रस्ताव भेजा गया

नमामि गंगे परियोजना के तहत जिले में देवरनियां, नकटिया और चौबारी में नदी में प्रवाहित हो रहे प्रदूषित जल को साफ करने के लिए एसटीपी के निर्माण के लिए 271.39 करोड़ रुपये के बजट को नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा ने तीन जनवरी, 2019 को स्वीकृति दी थी। इसके तहत मुख्य पंपिंग स्टेशन और एसटीपी का निर्माण किया जाना था, लेकिन भूमि समय से उपलब्ध न होने के कारण 306.26 करोड़ रुपये का संशोधित प्रस्ताव विभाग को मंजूरी के लिए दिया गया है।

16 कि मी लंबी लाइन बिछाई जाएगी

नकटिया नदी में 13 नाले गिर रहे हैं। अब इन नालों के पानी को पहले एसटीपी में पहुंचाया जाएगा। इसके लिए 16 किमी लंबी इंटरसेप्टिक पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए पीलीभीत रोड के किनारे खोदाई होगी। बैरियर टू चौकी से लेकर सेटेलाइट और यहां से आगे नकटिया नदी तक पाइप लाइन डाली जाएगी। नकटिया नदी बरेली जनपद की सीमा में ही रामगंगा में मिल जाती है। रामगंगा नदी में बदायूं रोड और सुभाषनगर क्षेत्र का पानी गिरता है। इसके लिए रामगंगा तक नाले का निर्माण पहले ही हो चुका है। चौबारी में एसटीपी का निर्माण होगा और यहां पानी का शोधन किया जाएगा।
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