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सिपाही भर्ती परीक्षा: जीएस-हिंदी रोक सकती है नौकरी की राह
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बरेली। पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से कराई जा रही सिपाही भर्ती परीक्षा में पहले दिन परीक्षा केंद्र पर सख्ती साफ नजर आई। चेकिंग के दौरान ही परीक्षार्थियों के बैग, मोबाइल, इलेक्ट्रानिक गैजेट्स बाहर रखवा लिए गए। परीक्षा देकर निकले अधिकांश परीक्षार्थी सामान्य अध्ययन विषय को लेकर टेंशन में थे। अलग-अलग केंद्रों पर मिले कुछ परीक्षार्थियों से अमर उजाला ने बात की तो उनका कहना था कि जनरल स्टडी और हिंदी से संबंधित सवाल उनके कॅरियर का गणित बिगाड़ सकती है।
मुझे मैथ को लेकर ज्यादा टेंशन थी, वो क्वेश्चन तो सही हो गए पर जीएस के बिगड़ गए। पता नहीं क्या होगा।
- अक्षय कुमार, लखीमपुर खीरी
केवल जीएस ही नहीं हिंदी भी कठिन थी। जैसे-तैसे पेपर निपटा दिया, अब घर जाकर आंसर मिलाएंगे।
- महेंद्र सिंह, लखनऊ
-सख्ती जरूरत से ज्यादा थी। जेवर तो जेवर, क्लिप तक निकलवा लिए गए। हालांकि पेपर आसान था।
- पिंकी, बुलंदशहर
-150 क्वेश्चन के लिहाज से टाइम कम रखा गया। ये दो की बजाय तीन घंटे होता तो सही रहता।
- विचित्र कुमार, सीतापुर
मुझे मैथ को लेकर ज्यादा टेंशन थी, वो क्वेश्चन तो सही हो गए पर जीएस के बिगड़ गए। पता नहीं क्या होगा।
- अक्षय कुमार, लखीमपुर खीरी
केवल जीएस ही नहीं हिंदी भी कठिन थी। जैसे-तैसे पेपर निपटा दिया, अब घर जाकर आंसर मिलाएंगे।
- महेंद्र सिंह, लखनऊ
-सख्ती जरूरत से ज्यादा थी। जेवर तो जेवर, क्लिप तक निकलवा लिए गए। हालांकि पेपर आसान था।
- पिंकी, बुलंदशहर
-150 क्वेश्चन के लिहाज से टाइम कम रखा गया। ये दो की बजाय तीन घंटे होता तो सही रहता।
- विचित्र कुमार, सीतापुर