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ऑनलाइन केंद्र निर्धारण को सौ कॉलेजों नहीं दिया डाटा
Updated Tue, 18 Jul 2017 01:28 AM IST
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ऑनलाइन केंद्र निर्धारण को सौ कॉलेजों नहीं दिया डाटा
- फोटो : अमर उजाला
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ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में कॉलेज सहयोग नहीं कर रहे। कॉलेजों को ऑनलाइन अपना डाटा अपलोड करना था, पर 100 कॉलेजों ने डाटा अपलोड नहीं किया। एसवी इंटर कॉलेज में सोमवार को डीआईओएस ने सभी राजकीय, अनुदानित और वित्तविहीन कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की और फटकार लगाते हुए कहा कि तीन दिन में अगर डाटा अपलोड नहीं करते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अनुदानित कॉलेजों की संपत्ति का मुद्दा भी उठा। डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा ने कहा कि सभी अनुदानित कॉलेज अपनी संपत्ति का ब्योरा दें। शासन को यह ब्योरा जाएगा। इसके अलावा फर्जी मान्यता वाले कॉलेजों का मुद्दा भी उठा।
कुछ प्रधानाचार्यों का कहना था कि जूनियर हाईस्कूल तक की मान्यता लेकर दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई कराई जा रही है। इस पर डीआईओएस ने कहा कि निरीक्षण किया जाएगा और अगर ऐसे कॉलेज मिलते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया
डीआईओएस की बैठक में मांगों को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ता बैठक कक्ष में घुस गए। इसको लेकर काफी नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हो गई। आरोप लगाया कि राजकीय और अनुदानित कॉलेजों में शिक्षक छात्रों को डराकर कोचिंग पढ़ने को मजबूर करते हैं। फेल करने की धमकी दी जाती है। छात्रों को सुविधाएं दी जाएं। छात्रों से जो पैसा लिया जाए उसकी रसीद दी जाए। कॉलेजों में आधार कार्ड कैंप लगाए जाएं। इस मौके पर संगठन के महानगर संगठन मंत्री राहुल चौहान, गौरव यादव, योगेश पंडित, आंशिका जोहरी, अक्षत हर्ष, सचिन, अंकित आशीष, दीपक आदि मौजूद रहे।
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ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण प्रक्रिया में कॉलेज सहयोग नहीं कर रहे। कॉलेजों को ऑनलाइन अपना डाटा अपलोड करना था, पर 100 कॉलेजों ने डाटा अपलोड नहीं किया। एसवी इंटर कॉलेज में सोमवार को डीआईओएस ने सभी राजकीय, अनुदानित और वित्तविहीन कॉलेजों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की और फटकार लगाते हुए कहा कि तीन दिन में अगर डाटा अपलोड नहीं करते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अनुदानित कॉलेजों की संपत्ति का मुद्दा भी उठा। डीआईओएस अचल कुमार मिश्रा ने कहा कि सभी अनुदानित कॉलेज अपनी संपत्ति का ब्योरा दें। शासन को यह ब्योरा जाएगा। इसके अलावा फर्जी मान्यता वाले कॉलेजों का मुद्दा भी उठा।
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कुछ प्रधानाचार्यों का कहना था कि जूनियर हाईस्कूल तक की मान्यता लेकर दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई कराई जा रही है। इस पर डीआईओएस ने कहा कि निरीक्षण किया जाएगा और अगर ऐसे कॉलेज मिलते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया
डीआईओएस की बैठक में मांगों को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ता बैठक कक्ष में घुस गए। इसको लेकर काफी नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हो गई। आरोप लगाया कि राजकीय और अनुदानित कॉलेजों में शिक्षक छात्रों को डराकर कोचिंग पढ़ने को मजबूर करते हैं। फेल करने की धमकी दी जाती है। छात्रों को सुविधाएं दी जाएं। छात्रों से जो पैसा लिया जाए उसकी रसीद दी जाए। कॉलेजों में आधार कार्ड कैंप लगाए जाएं। इस मौके पर संगठन के महानगर संगठन मंत्री राहुल चौहान, गौरव यादव, योगेश पंडित, आंशिका जोहरी, अक्षत हर्ष, सचिन, अंकित आशीष, दीपक आदि मौजूद रहे।