{"_id":"5c056628bdec2241be1dea9b","slug":"201543857704-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्वविद्यालय ने कॉलेजों से मांगा खर्चे का हिसाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्वविद्यालय ने कॉलेजों से मांगा खर्चे का हिसाब
Updated Mon, 03 Dec 2018 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
घोटाले पर पब्लिक ऑडिट कमेटी (पीएसी) के शिकंजा कसे जाने के बाद एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय अब कॉलेजों पर नकेल कसनी शुरू कर दी है। प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षाओं से पहले कॉलेजों से पिछले वर्षों में भेजी गई रकम का हिसाब मांगा है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर कॉलेज परीक्षा से पहले रकम का समायोजन नहीं कराते हैं तो अगली परीक्षा के लिए अग्रिम भुगतान नहीं दिया जाएगा। पत्र जारी होने के बाद कॉलेजों में खलबली मच गई है।
दरअसल, पीएसी ने 2013-14 में कॉलेजों को दी गई परीक्षा के लिए अग्रिम भुगतान में गड़बड़ी पकड़ी थी। लाखों रुपये का समायोजन ही नहीं कराया गया। विधान सभा में शिकायत होने के बाद पीएसी ने जांच बैठा दी और विश्वविद्यालय से 23 बिंदुओं पर जवाब तलब कर लिया। कुछ बिंदुओं पर विश्वविद्यालय ने जवाब दिया, बाकी पर जवाब के लिए दो माह का वक्त मांग लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब रिकॉर्ड खंगाले तो अग्रिम भुगतान में गोलमाल सिर्फ 2013 में ही नहीं बल्कि अन्य वर्षों में भी हुआ। ऑडिट में भी इसमें आपत्तियां उठीं। अब विश्वविद्यालय ने पूर्व में दिए गए अग्रिम भुगतान के समायोजन को कहा है। कॉलेजों को जारी आदेश में कहा गया कि कॉलेज परीक्षा से पहले समायोजन करा लें, नहीं तो आगे होने वाली परीक्षाओं का खर्चा नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
दरअसल, पीएसी ने 2013-14 में कॉलेजों को दी गई परीक्षा के लिए अग्रिम भुगतान में गड़बड़ी पकड़ी थी। लाखों रुपये का समायोजन ही नहीं कराया गया। विधान सभा में शिकायत होने के बाद पीएसी ने जांच बैठा दी और विश्वविद्यालय से 23 बिंदुओं पर जवाब तलब कर लिया। कुछ बिंदुओं पर विश्वविद्यालय ने जवाब दिया, बाकी पर जवाब के लिए दो माह का वक्त मांग लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जब रिकॉर्ड खंगाले तो अग्रिम भुगतान में गोलमाल सिर्फ 2013 में ही नहीं बल्कि अन्य वर्षों में भी हुआ। ऑडिट में भी इसमें आपत्तियां उठीं। अब विश्वविद्यालय ने पूर्व में दिए गए अग्रिम भुगतान के समायोजन को कहा है। कॉलेजों को जारी आदेश में कहा गया कि कॉलेज परीक्षा से पहले समायोजन करा लें, नहीं तो आगे होने वाली परीक्षाओं का खर्चा नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन