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अलखनाथ मंदिर के तीन बाबाओं को हत्या में उम्रकैद

Sun, 13 May 2018 06:14 PM IST
Updated Sun, 13 May 2018 06:14 PM IST
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अलखनाथ मंदिर के तीन बाबाओं को हत्या में उम्रकैद
बरेली।
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अलखनाथ मंदिर में बाबा नीरज गिरि की हत्या के मामले में शुक्रवार को अदालत ने इसी मंदिर के तीन बाबाओं को उम्रकैद की सजा सुनाई।
नीरज गिरि को 20 अगस्त 2013 को बेरहमी से पीटकर मार दिया गया था और उनकी लाश मंदिर परिसर में ही गड्ढा खोदकर दबा दी गई थी। पुलिस की जांच में लाश की पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर तेजाब डालने की भी बात सामने आई थी।
बाबा नीरज गिरि की हत्या के चार दिन बाद 24 अगस्त 2013 को उनकी लाश पुलिस ने मंदिर परिसर से बरामद की थी। इससे पहले अलखनाथ मंदिर के महंत बालक गिरि के चेले पवन गिरि ने 20 अगस्त को ही थाना किला में नीरज गिरि की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें 27 वर्षीय नीरज गिरि को झगड़ालू स्वभाव का बताते हुए कहा गया था कि नीरज गिरि अक्सर नशा करने के बाद मंदिर के दूसरे बाबाओं के चेलों के साथ मारपीट करते रहते थे। 20 अगस्त को भी नीरज गिरि की अलखनाथ मंदिर के ही बाबा लक्ष्मी गिरि के चेले सुरेंद्र गिरि, चौधरी तालाब हनुमान मंदिर के बाबा ओमकार भारती के चेले कन्हैया भारती और महंत बालक गिरि के चेले मुरावपुरा निवासी दिनेश गिरि के साथ मारपीट हुई। इसके बाद तीनों लोग नीरज गिरि को संत निवास की तीसरी मंजिल पर ले गए। पवन गिरि समेत कई लोग इस दौरान वहां मौजूद थे। इस घटना के बाद से नीरज गिरि गायब हो गए थे।
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अलखनाथ मंदिर के बाग में एक गड्ढे में दबी नीरज गिरि की लाश 24 अगस्त को बरामद होने के बाद मौके पर साधुओं का जमावड़ा लग गया। नीरज गिरि की शिनाख्त के बाद पाया गया कि उनके शरीर पर चोटों के तमाम निशान हैं। पुलिस की विवेचना में नीरज गिरि की हत्या में सुरेंद्र गिरि, कन्हैया भारती और दिनेश गिरि का नाम सामने आया। आरोपियों ने हत्या के बाद नीरज गिरि के कपड़े बदल दिए थे और गड्ढा खोदकर उन्हें दबा दिया था। लेकिन कब्र बिज्जुओं के गड्ढा खोद देने से लाश बाहर निकल आई थी।
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अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सोनी मलिक ने इस मामले में कुल नौ गवाह पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीश उमेश पांडे ने सुरेंद्र गिरि, कन्हैया भारती और दिनेश गिरि समेत तीनों बाबाओं को दोषी मानते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने तीनों सभी अभियुक्तों पर साठ-साठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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