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बीएसएफ ट्रेन रुक-रुक कर क्यों चल रही है, जवाब तलब
Updated Tue, 03 Apr 2018 10:03 AM IST
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टुल्ला- बीएसएफ स्पेशल ट्रेन रोकने पर रक्षा मंत्रालय ने मांगा जवाब
हेडिंग- रोजा से बरेली जंक्शन 7 घंटे में पहुंची बीएसएफ स्पेशल तो भड़के जवान
सबहेड- गुस्साए जवानों ने जंक्शन पर तीन घंटे तक जमकर किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। गुवाहाटी से बरेली तक पहुंचने में बीएसएफ स्पेशल ट्रेन को 72 घंटे लग गए। इस रनथ्रू स्पेशल ट्रेन के संचालन में किस कदर लापरवाही बरती गई, इसका अंदाजा तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेन ने रोजा (शाहजहांपुर) से बरेली जंक्शन तक 78 किमी की दूरी सात घंटे में तय की। इससे गुस्साए बीएसएफ जवानों ने जंक्शन पर करीब तीन घंटे तक जमकर हंगामा किया। ट्रेन को जगह-जगह रोके जाने पर रक्षा मंत्रालय ने रेलवे का जवाब तलब किया है। अब रेलवे अफसर मामले में लीपापोती करने में लगे हुए हैं।
पाकिस्तान बार्डर पर तैनाती के लिए गोला-बारूद और हथियार लेकर बीएसएफ की टुकड़ी स्पेशल ट्रेन से दो दिन पहले असम से जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुई। बरेली जंक्शन तक आने में इस ट्रेन को 72 घंटे से अधिक समय लग गया। हद तो तब हो गई जब रोजा (शाहजहांपुर) से बरेली जंक्शन तक 78 किमी की दूरी तय करने में ट्रेन को सात घंटे का वक्त लगा। ट्रेन रविवार रात 1:40 बजे जंक्शन पहुंची तो गुस्साए बीएसएफ जवानों ने स्टेशन मास्टर ऑफिस घेर लिया। उनका कहना था कि स्पेशल ट्रेन को जगह-जगह रोककर दूसरी ट्रेनें गुजारीं गईं। असम से यहां तक आने में 72 घंटे गए, जबकि यह रनथ्रू ट्रेन है। ट्रेन के कोचों में पानी भी नहीं है। कई कोच की लाइट खराब है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। जंक्शन से ट्रेन को रवाना करने के लिए सिग्नल दिया गया लेकिन नाराज जवानों ने नहीं चलने दी। उनका कहना था कि पहले स्पेशल रनथ्रू ट्रेन को रोककर दूसरी ट्रेनों को पास करने का कारण बताया जाए। बीएसएफ कमांडर ने इस लापरवाही की बाबत रेलवेे बुक में अपनी शिकायत भी दर्ज कर दी।
बीएसएफ जवानों के हंगामे की सूचना मिलने पर स्टेशन अधीक्षक ओपी मीणा भी जंक्शन पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह जवानों का समझाया। कहा, ट्रेन को रन कराना या रोकना मुरादाबाद कंट्रोल रूम के अधिकार क्षेत्र में है। इसके बाद करीब 4.35 बजे ट्रेन रवाना हुई। इधर, ट्रेन के समय पर जम्मू न पहुंचने पर बीएसएफ हेड क्वार्टर ने कमांडर से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने सारी हकीकत बयां कर दी। इसके बाद बीएसएफ हेड क्वार्टर ने रक्षा मंत्रालय से शिकायत की। बताया जाता है कि रक्षा मंत्रालय ने रेल मंत्रालय से बीएसएफ स्पेशल ट्रेन लेट होने के मामले में रिपोर्ट तलब की है।
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हेडिंग- रोजा से बरेली जंक्शन 7 घंटे में पहुंची बीएसएफ स्पेशल तो भड़के जवान
सबहेड- गुस्साए जवानों ने जंक्शन पर तीन घंटे तक जमकर किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। गुवाहाटी से बरेली तक पहुंचने में बीएसएफ स्पेशल ट्रेन को 72 घंटे लग गए। इस रनथ्रू स्पेशल ट्रेन के संचालन में किस कदर लापरवाही बरती गई, इसका अंदाजा तो इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रेन ने रोजा (शाहजहांपुर) से बरेली जंक्शन तक 78 किमी की दूरी सात घंटे में तय की। इससे गुस्साए बीएसएफ जवानों ने जंक्शन पर करीब तीन घंटे तक जमकर हंगामा किया। ट्रेन को जगह-जगह रोके जाने पर रक्षा मंत्रालय ने रेलवे का जवाब तलब किया है। अब रेलवे अफसर मामले में लीपापोती करने में लगे हुए हैं।
पाकिस्तान बार्डर पर तैनाती के लिए गोला-बारूद और हथियार लेकर बीएसएफ की टुकड़ी स्पेशल ट्रेन से दो दिन पहले असम से जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुई। बरेली जंक्शन तक आने में इस ट्रेन को 72 घंटे से अधिक समय लग गया। हद तो तब हो गई जब रोजा (शाहजहांपुर) से बरेली जंक्शन तक 78 किमी की दूरी तय करने में ट्रेन को सात घंटे का वक्त लगा। ट्रेन रविवार रात 1:40 बजे जंक्शन पहुंची तो गुस्साए बीएसएफ जवानों ने स्टेशन मास्टर ऑफिस घेर लिया। उनका कहना था कि स्पेशल ट्रेन को जगह-जगह रोककर दूसरी ट्रेनें गुजारीं गईं। असम से यहां तक आने में 72 घंटे गए, जबकि यह रनथ्रू ट्रेन है। ट्रेन के कोचों में पानी भी नहीं है। कई कोच की लाइट खराब है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। जंक्शन से ट्रेन को रवाना करने के लिए सिग्नल दिया गया लेकिन नाराज जवानों ने नहीं चलने दी। उनका कहना था कि पहले स्पेशल रनथ्रू ट्रेन को रोककर दूसरी ट्रेनों को पास करने का कारण बताया जाए। बीएसएफ कमांडर ने इस लापरवाही की बाबत रेलवेे बुक में अपनी शिकायत भी दर्ज कर दी।
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बीएसएफ जवानों के हंगामे की सूचना मिलने पर स्टेशन अधीक्षक ओपी मीणा भी जंक्शन पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह जवानों का समझाया। कहा, ट्रेन को रन कराना या रोकना मुरादाबाद कंट्रोल रूम के अधिकार क्षेत्र में है। इसके बाद करीब 4.35 बजे ट्रेन रवाना हुई। इधर, ट्रेन के समय पर जम्मू न पहुंचने पर बीएसएफ हेड क्वार्टर ने कमांडर से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने सारी हकीकत बयां कर दी। इसके बाद बीएसएफ हेड क्वार्टर ने रक्षा मंत्रालय से शिकायत की। बताया जाता है कि रक्षा मंत्रालय ने रेल मंत्रालय से बीएसएफ स्पेशल ट्रेन लेट होने के मामले में रिपोर्ट तलब की है।
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