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ब्लैक लिस्ट विज्ञापन एजेंसी
Updated Sat, 24 Mar 2018 10:03 AM IST
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ब्लैकलिस्ट विज्ञापन एजेंसी की फाइल दबाकर रिटायर हो गया बाबू
पूर्व नगर आयुक्त ने किया था ब्लैक लिस्ट, मेयर ने सभी होर्डिंग उखाड़ने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
पूर्व नगर आयुक्त शीलधर यादव ने जिस विज्ञापन एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे, मगर नगर निगम का बाबू पूरी फाइल ही दबाकर बैठ गया। यह फाइल अब उसके रिटायर होने पर सामने आई। मामला संज्ञान में आने पर मेयर उमेश गौतम ने विज्ञापन एजेंसी के शहर में लगे सभी होर्डिंग उखाड़ने के निर्देश दिए हैं।
जनवरी 2016 में तत्कालीन नगर आयुक्त शीलधर यादव ने तत्कालीन विज्ञापन लिपिक राम सिंह जाटव से शहर में लगे अवैध यूनिपोल की जांच कराई थी। इसमें विपिन अग्रवाल की श्री साईं एडवरटाइजिंग के तीन यूनिपोल अवैध रूप से लगे पाए गए। इस पर नगर आयुक्त ने राम सिंह जाटव को एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। मगर राम सिंह इस आदेश और फाइल को दबाकर बैठ गए। नतीजा यह हुआ कि वर्ष 2017 के लिए इस एजेंसी के 15 होर्डिंग और एक रूफटॉप की साइट का नवीनीकरण कर दिया। इसी बीच विवादों के चलते रामसिंह जाटव सस्पेंड हो गया और मेराज वली खां को विज्ञापन लिपिक बनाया गया लेकिन यह फाइल गायब ही रही। राम सिंह जाटव जब रिटायर हुए तो उन्होंने यह फाइल नगर निगम को सौंपी। इतने दिन बाद जब यह फाइल सामने आई तो हड़कंप मच गया। मेयर उमेश गौतम ने सख्ती दिखाते हुए इस विज्ञापन एजेंसी के सभी होर्डिंग उखाड़कर जब्त करने के आदेश दिए हैं।
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पूर्व नगर आयुक्त ने किया था ब्लैक लिस्ट, मेयर ने सभी होर्डिंग उखाड़ने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
पूर्व नगर आयुक्त शीलधर यादव ने जिस विज्ञापन एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे, मगर नगर निगम का बाबू पूरी फाइल ही दबाकर बैठ गया। यह फाइल अब उसके रिटायर होने पर सामने आई। मामला संज्ञान में आने पर मेयर उमेश गौतम ने विज्ञापन एजेंसी के शहर में लगे सभी होर्डिंग उखाड़ने के निर्देश दिए हैं।
जनवरी 2016 में तत्कालीन नगर आयुक्त शीलधर यादव ने तत्कालीन विज्ञापन लिपिक राम सिंह जाटव से शहर में लगे अवैध यूनिपोल की जांच कराई थी। इसमें विपिन अग्रवाल की श्री साईं एडवरटाइजिंग के तीन यूनिपोल अवैध रूप से लगे पाए गए। इस पर नगर आयुक्त ने राम सिंह जाटव को एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। मगर राम सिंह इस आदेश और फाइल को दबाकर बैठ गए। नतीजा यह हुआ कि वर्ष 2017 के लिए इस एजेंसी के 15 होर्डिंग और एक रूफटॉप की साइट का नवीनीकरण कर दिया। इसी बीच विवादों के चलते रामसिंह जाटव सस्पेंड हो गया और मेराज वली खां को विज्ञापन लिपिक बनाया गया लेकिन यह फाइल गायब ही रही। राम सिंह जाटव जब रिटायर हुए तो उन्होंने यह फाइल नगर निगम को सौंपी। इतने दिन बाद जब यह फाइल सामने आई तो हड़कंप मच गया। मेयर उमेश गौतम ने सख्ती दिखाते हुए इस विज्ञापन एजेंसी के सभी होर्डिंग उखाड़कर जब्त करने के आदेश दिए हैं।
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