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दैत्य बनकर दौड़ते हैं अवैध खनन करने वाले वाहन
Updated Mon, 12 Feb 2018 10:01 PM IST
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फोटो- 06 बीडीएनयूजेएचपीएच-03
दैत्य बनकर दौड़ते हैं अवैध खनन करने वाले वाहन
सिर्फ छह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का व्यावसायिक लाइसेंस, काम कर रही दर्जनों
कई घायल हो चुके, कई की जाने गईं
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/ उझानी।
कछला में भले ही बालू खनन का प्वाइंट है, लेकिन इसकी आड़ में खनन का जो खेल चल रहा है, उसका दुष्प्रभाव सरकार के साथ आम लोगों पर भी पड़ रहा है। बालू ढोने वाली किसी भी ट्रॉली में दो सौ क्विंटल से कम वजन नहीं होता। ये ट्रैक्टर जब सड़कों पर दौड़ते हैं तो उनके चालकों को किसी की जान की परवाह नहीं होती।
कुछ दिन पहले उसहैत क्षेत्र में बालू भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार में सवार तीन की मौत इसी अवैध धंधे की वजह से हुई। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में चार घन मीटर से अधिक बालू लोड नहीं किया जा सकता। वह भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के मालिकों के पास इसके इस्तेमाल का व्यावसायिक परमिट हो। जिले में केवल छह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ही व्यावसायिक परमिट जारी है, लेकिन सड़कों पर रोज दौड़ती सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने पुलिस और परिवहन अधिकारियों की भूमिका को कटघरे में ला दिया है। कछला के आसपास इलाके के साथ सहसवान, कादरचौक, उसहैत समेत गंगा किनारे उन सभी स्थानों से बालू खनन की शिकायतें अफसरों के संज्ञान में पहुंचती रही हैं। ऐसा भी नहीं कि अफसरों की नजर बालू लदे ओवरलोड वाहनों पर नहीं पड़ती हो। नजरंदाज कर निकल जाने से धंधेबाजों के हौसले बढ़ जाते हैं। पुलिस और परिवहन कार्यालय के कुछ कर्मचारी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चालकों को रोककर उनके लाइसेंस चेक करें तो ज्यादातर के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं निकलेगा।
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ट्रॉलियों पर पीछे नहीं लगी होती रेडियम प्लेट
उझानी। बालू लदी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पर सड़क पर दौड़ते वाहनों के चालकों को बहुत करीब पहुंचने पर ही नजर पड़ती है। ट्रॉलियों के पीछे न तो इंडीकेटर होते हैं और न ही ऐसी कोई प्लेट लगी होती जिस पर रोशनी पड़ते ही रेडियम चमक उठे। सबसे अहम बात तो यह भी है कि ओवरलोड ट्रैक्टर का ब्रेक जल्दी नहीं लग पाता। ब्रेक लगते-लगते सात-आठ मीटर तक ट्रैक्टर पहुंच जाता है। ऐसे में हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
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वर्जन
सामान्य ट्रैक्टर ट्रॉलियों को कृषि आधारित होने की वजह से कार्रवाई से अलग रखा जाता है। हां, ओवरलोड होने की दशा में इन पर जरूर कार्रवाई होती है। गन्ना और बालू आदि से ओवरलोड ऐसे कई वाहनों पर पिछले दिनों कार्रवाई हुई है जो लगातार जारी है।
- अमिताभ राय, एआरटीओ प्रवर्तन
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फोटो- 12 बीडीएनयूजेएचपीएच-08
एआरटीओ ने बालू भरा
ओवरलोड ट्रॉला पकड़ा
कादरचौक रोड पर चेकिंग बचने को बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने बदला रूट
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
गंगा से सटे इलाकों में अवैध खनन जारी है। सोमवार सुबह एआरटीओ (प्रशासन) अमिताभ राय ने कादरचौक-उझानी रोड पर चेकिंग के दौरान बालू भरा ओवरलोड ट्रॉला पकड़ लिया। चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ में उसने कहा कि बदायूं-फर्रुखाबाद जिले के बार्डर से अवैध खनन कर बालू भरकर ला रहा था। एआरटीओ ने चालक समेत ट्रॉला को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
एआरटीओ (प्रशासन) अमिताभ राय सुबह में करीब आठ बजे कोतवाली क्षेत्र में उझानी-कादरचौक रोड पर पहुंचे। बालू से ओवरलोड वाहनों की वजह से हो रहे हादसों पर अंकुश लगाने की नीयत से उप संभागीय परिवहन कार्यालय की टीम ने ट्रॉला रोका तो चालक ने कागज दिखाकर कर्मचारियों को गुमराह करने की कोशिश भी की। ट्रॉला में बालू ओवरलोड था। चालक ने फर्रुखाबाद जिले के बार्डर पर खनन होने की बात कही। चालक से नाम और पता पूछने के बाद ट्रॉला को कोतवाली लाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। उप संभागीय परिवहन कार्यालय की टीम के चेकिंग अभियान की भनक लगते ही धंधेबाजों ने बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बमनौसी रोड के रास्ते निकालना शुरू कर दिया।
एआरटीओ अमिताभ राय का कहना है कि खनन कहां किया जा रहा है, यह तो खनन विभाग के अफसरों को पता होगा लेकिन बालू से ओवरलोड वाहनों चालकों को बख्शा नहीं जाएगा। सड़क पर ऐसे वाहन नजर आते ही कार्रवाई की जाएगी। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी पकड़ा जाएगा।
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दैत्य बनकर दौड़ते हैं अवैध खनन करने वाले वाहन
सिर्फ छह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का व्यावसायिक लाइसेंस, काम कर रही दर्जनों
कई घायल हो चुके, कई की जाने गईं
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/ उझानी।
कछला में भले ही बालू खनन का प्वाइंट है, लेकिन इसकी आड़ में खनन का जो खेल चल रहा है, उसका दुष्प्रभाव सरकार के साथ आम लोगों पर भी पड़ रहा है। बालू ढोने वाली किसी भी ट्रॉली में दो सौ क्विंटल से कम वजन नहीं होता। ये ट्रैक्टर जब सड़कों पर दौड़ते हैं तो उनके चालकों को किसी की जान की परवाह नहीं होती।
कुछ दिन पहले उसहैत क्षेत्र में बालू भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार में सवार तीन की मौत इसी अवैध धंधे की वजह से हुई। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में चार घन मीटर से अधिक बालू लोड नहीं किया जा सकता। वह भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के मालिकों के पास इसके इस्तेमाल का व्यावसायिक परमिट हो। जिले में केवल छह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ही व्यावसायिक परमिट जारी है, लेकिन सड़कों पर रोज दौड़ती सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने पुलिस और परिवहन अधिकारियों की भूमिका को कटघरे में ला दिया है। कछला के आसपास इलाके के साथ सहसवान, कादरचौक, उसहैत समेत गंगा किनारे उन सभी स्थानों से बालू खनन की शिकायतें अफसरों के संज्ञान में पहुंचती रही हैं। ऐसा भी नहीं कि अफसरों की नजर बालू लदे ओवरलोड वाहनों पर नहीं पड़ती हो। नजरंदाज कर निकल जाने से धंधेबाजों के हौसले बढ़ जाते हैं। पुलिस और परिवहन कार्यालय के कुछ कर्मचारी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चालकों को रोककर उनके लाइसेंस चेक करें तो ज्यादातर के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं निकलेगा।
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ट्रॉलियों पर पीछे नहीं लगी होती रेडियम प्लेट
उझानी। बालू लदी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पर सड़क पर दौड़ते वाहनों के चालकों को बहुत करीब पहुंचने पर ही नजर पड़ती है। ट्रॉलियों के पीछे न तो इंडीकेटर होते हैं और न ही ऐसी कोई प्लेट लगी होती जिस पर रोशनी पड़ते ही रेडियम चमक उठे। सबसे अहम बात तो यह भी है कि ओवरलोड ट्रैक्टर का ब्रेक जल्दी नहीं लग पाता। ब्रेक लगते-लगते सात-आठ मीटर तक ट्रैक्टर पहुंच जाता है। ऐसे में हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
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वर्जन
सामान्य ट्रैक्टर ट्रॉलियों को कृषि आधारित होने की वजह से कार्रवाई से अलग रखा जाता है। हां, ओवरलोड होने की दशा में इन पर जरूर कार्रवाई होती है। गन्ना और बालू आदि से ओवरलोड ऐसे कई वाहनों पर पिछले दिनों कार्रवाई हुई है जो लगातार जारी है।
- अमिताभ राय, एआरटीओ प्रवर्तन
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फोटो- 12 बीडीएनयूजेएचपीएच-08
एआरटीओ ने बालू भरा
ओवरलोड ट्रॉला पकड़ा
कादरचौक रोड पर चेकिंग बचने को बालू लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने बदला रूट
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
गंगा से सटे इलाकों में अवैध खनन जारी है। सोमवार सुबह एआरटीओ (प्रशासन) अमिताभ राय ने कादरचौक-उझानी रोड पर चेकिंग के दौरान बालू भरा ओवरलोड ट्रॉला पकड़ लिया। चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ में उसने कहा कि बदायूं-फर्रुखाबाद जिले के बार्डर से अवैध खनन कर बालू भरकर ला रहा था। एआरटीओ ने चालक समेत ट्रॉला को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
एआरटीओ (प्रशासन) अमिताभ राय सुबह में करीब आठ बजे कोतवाली क्षेत्र में उझानी-कादरचौक रोड पर पहुंचे। बालू से ओवरलोड वाहनों की वजह से हो रहे हादसों पर अंकुश लगाने की नीयत से उप संभागीय परिवहन कार्यालय की टीम ने ट्रॉला रोका तो चालक ने कागज दिखाकर कर्मचारियों को गुमराह करने की कोशिश भी की। ट्रॉला में बालू ओवरलोड था। चालक ने फर्रुखाबाद जिले के बार्डर पर खनन होने की बात कही। चालक से नाम और पता पूछने के बाद ट्रॉला को कोतवाली लाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। उप संभागीय परिवहन कार्यालय की टीम के चेकिंग अभियान की भनक लगते ही धंधेबाजों ने बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बमनौसी रोड के रास्ते निकालना शुरू कर दिया।
एआरटीओ अमिताभ राय का कहना है कि खनन कहां किया जा रहा है, यह तो खनन विभाग के अफसरों को पता होगा लेकिन बालू से ओवरलोड वाहनों चालकों को बख्शा नहीं जाएगा। सड़क पर ऐसे वाहन नजर आते ही कार्रवाई की जाएगी। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी पकड़ा जाएगा।