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तीन लाख लोग राशन कार्ड पाने को परेशान
Updated Tue, 18 Jul 2017 01:28 AM IST
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तीन लाख लोग राशन कार्ड पाने को परेशान
- फोटो : अमर उजाला
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ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद हजारों लोग राशन कार्ड से वंचित हैं, कहीं पर्ची नहीं मिली, तो कहीं सत्यापन नहीं हो पाया है। इसके अलावा तीन लाख से ज्यादा लोग राशन बनवाने के लिए आपूर्ति विभाग कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इसमें ज्यादातर गरीब लोग शामिल हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने गलत सूचना दर्ज कराकर गरीबों के हक पर कब्जा लिया है।
जिला पूर्ति कार्यालय हो या फिर तहसील स्तरीय क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी कार्यालय, हर जगह नया राशन कार्ड बनवाने और पुराने कार्ड की पर्ची पाने वालों की भीड़ देखी जा सकती है। स्थिति यह है कि परेशान हाल लोग सुबह से शाम तक एसडीएम कार्यालयों में जमे रहते हैं और तहसील दिवस में राशन कार्ड पाने की फरियाद लेकर पहुंचने लगे हैं। एमएलए, एमपी, सभासद और जनप्रतिनिधियों के आवास और कार्यालय भी इससे अछूते नहीं हैं।
मार्च 2015 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लागू हुआ था। इसके तहत सभी प्रचलित कार्डधारकों से ऑनलाइन फार्म भरवाए गए थे। खाद्य विभाग अभी पुराने प्रचलित कार्डधारकों की सूची क्लीयर नहीं करा पाया है कि निर्धारित कोटा भर चुका है। इससे जिले में तमाम गरीब अभी तक कार्ड पाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं, जबकि विभागीय मिलीभगत से हजारों गैर पात्रों ने गरीबों के हक पर कब्जा कर लिया। बताया जाता है कि कंप्यूटर में अस्सी हजार से ज्यादा आवेदन लंबित हैं, जबकि जिले में तीन लाख से ज्यादा लोग कार्ड से अभी वंचित बताए जाते हैं। इनमें ज्यादातर लोग अति गरीब हैं।
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सत्यापन तिथि बढ़ी
विभाग ने राशन कार्ड सत्यापन तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है। डीएसओ ने कहा है कि कार्डधारक सत्यापन प्रक्रिया में भाग लें और नया फार्म जरूर भरें, अन्यथा कार्ड रद्द हो जाएगा।
‘सभी राशनकार्डों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके तहत नया फार्म भरकर टीम को देना है। इसके बाद ही कार्ड पर्ची जारी होगी। जिले में 1784 टीमें सत्यापन कार्य कर रहीं हैं।’
- सीमा त्रिपाठी, डीएसओ
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ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद हजारों लोग राशन कार्ड से वंचित हैं, कहीं पर्ची नहीं मिली, तो कहीं सत्यापन नहीं हो पाया है। इसके अलावा तीन लाख से ज्यादा लोग राशन बनवाने के लिए आपूर्ति विभाग कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इसमें ज्यादातर गरीब लोग शामिल हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने गलत सूचना दर्ज कराकर गरीबों के हक पर कब्जा लिया है।
जिला पूर्ति कार्यालय हो या फिर तहसील स्तरीय क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी कार्यालय, हर जगह नया राशन कार्ड बनवाने और पुराने कार्ड की पर्ची पाने वालों की भीड़ देखी जा सकती है। स्थिति यह है कि परेशान हाल लोग सुबह से शाम तक एसडीएम कार्यालयों में जमे रहते हैं और तहसील दिवस में राशन कार्ड पाने की फरियाद लेकर पहुंचने लगे हैं। एमएलए, एमपी, सभासद और जनप्रतिनिधियों के आवास और कार्यालय भी इससे अछूते नहीं हैं।
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मार्च 2015 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लागू हुआ था। इसके तहत सभी प्रचलित कार्डधारकों से ऑनलाइन फार्म भरवाए गए थे। खाद्य विभाग अभी पुराने प्रचलित कार्डधारकों की सूची क्लीयर नहीं करा पाया है कि निर्धारित कोटा भर चुका है। इससे जिले में तमाम गरीब अभी तक कार्ड पाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं, जबकि विभागीय मिलीभगत से हजारों गैर पात्रों ने गरीबों के हक पर कब्जा कर लिया। बताया जाता है कि कंप्यूटर में अस्सी हजार से ज्यादा आवेदन लंबित हैं, जबकि जिले में तीन लाख से ज्यादा लोग कार्ड से अभी वंचित बताए जाते हैं। इनमें ज्यादातर लोग अति गरीब हैं।
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सत्यापन तिथि बढ़ी
विभाग ने राशन कार्ड सत्यापन तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है। डीएसओ ने कहा है कि कार्डधारक सत्यापन प्रक्रिया में भाग लें और नया फार्म जरूर भरें, अन्यथा कार्ड रद्द हो जाएगा।
‘सभी राशनकार्डों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके तहत नया फार्म भरकर टीम को देना है। इसके बाद ही कार्ड पर्ची जारी होगी। जिले में 1784 टीमें सत्यापन कार्य कर रहीं हैं।’
- सीमा त्रिपाठी, डीएसओ