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जब महिला डॉक्टर ने डिलिवरी करने से किया मना
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पीलीभीत। सुरक्षित प्रसव के लिए सरकार कई योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। गर्भवती को घर से लाने और प्रसव के बाद घर छोड़ने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी दी जा रही है। उनकी सभी जांचें और टीकाकरण मुफ्त किए जा रहे हैं। प्रसव के लिए प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है, लेकिन इस सारी कवायद पर हेल्थ सिस्टम ही पानी फेर रहा है। महिला अस्पतालों में प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को परेशान किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को देखने को मिला। इसे लेकर काफी देर तक अस्पताल में हंगामा भी हुआ।
सुनगढ़ी क्षेत्र के नौगवा पकड़िया की रूबी की मंगलवार रात करीब 11 बजे पति इरशाद ने प्रसव के लिए महिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां तैनात डॉक्टर ने बुधवार को ऑपरेशन से डिलिवरी करने की बात कही। इरशाद इस पर राजी हो गए। इस दौरान रूबी की बाहर से कुछ जांचें भी कराई गईं। आरोप है कि सुबह करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा की शिकायत पर जब इरशाद और उसकी मां नन्नी ने डॉ. विनीता चतुर्वेदी से डिलिवरी कराने को कहा तो उन्होंने स्टाफ न होने की बात कहकर ऑपरेशन करने से इंकार कर दिया और प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने को कह दिया। यह बात रूबी के घरवालों को नागवार गुजरी। आनन-फानन में दर्द से तड़प रही प्रसूता को निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए वाहन की व्यवस्था की गई। इरशाद पत्नी रूबी को अस्पताल से ले जाने लगे तो उनसे रजिस्टर में साइन करने को कहा गया। इससे घरवाले भड़क गए और हंगामा करने लगे। इरशाद ने डॉक्टर पर प्रसव के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया।
पहले भी लग चुके हैं आरोप
डिलिवरी के दौरान लापरवाही और वसूली के मामले में महिला अस्पताल अक्सर सुर्खियों में रहता है। करीब दो माह पूर्व डिलिवरी के दौरान लापरवाही बरतने समेत एक अन्य मामले में डॉ. विनीता चतुर्वेदी पर गंभीर आरोप लगे थे। इन दोनों ही मामलों की एडी हेल्थ के स्तर से जांच चल रही है।
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रूबी को रात में भर्ती कराया गया था। रुपये मांगने के आरोप गलत है। सुबह मेरी ड्यूटी थी, स्टाफ के राजी नहीं होने पर मैंने ऑपरेशन करने से इंकार कर दिया था। - डॉ. विनीता चतुर्वेदी, महिला अस्पताल
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सुनगढ़ी क्षेत्र के नौगवा पकड़िया की रूबी की मंगलवार रात करीब 11 बजे पति इरशाद ने प्रसव के लिए महिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां तैनात डॉक्टर ने बुधवार को ऑपरेशन से डिलिवरी करने की बात कही। इरशाद इस पर राजी हो गए। इस दौरान रूबी की बाहर से कुछ जांचें भी कराई गईं। आरोप है कि सुबह करीब नौ बजे प्रसव पीड़ा की शिकायत पर जब इरशाद और उसकी मां नन्नी ने डॉ. विनीता चतुर्वेदी से डिलिवरी कराने को कहा तो उन्होंने स्टाफ न होने की बात कहकर ऑपरेशन करने से इंकार कर दिया और प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने को कह दिया। यह बात रूबी के घरवालों को नागवार गुजरी। आनन-फानन में दर्द से तड़प रही प्रसूता को निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए वाहन की व्यवस्था की गई। इरशाद पत्नी रूबी को अस्पताल से ले जाने लगे तो उनसे रजिस्टर में साइन करने को कहा गया। इससे घरवाले भड़क गए और हंगामा करने लगे। इरशाद ने डॉक्टर पर प्रसव के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया।
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पहले भी लग चुके हैं आरोप
डिलिवरी के दौरान लापरवाही और वसूली के मामले में महिला अस्पताल अक्सर सुर्खियों में रहता है। करीब दो माह पूर्व डिलिवरी के दौरान लापरवाही बरतने समेत एक अन्य मामले में डॉ. विनीता चतुर्वेदी पर गंभीर आरोप लगे थे। इन दोनों ही मामलों की एडी हेल्थ के स्तर से जांच चल रही है।
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रूबी को रात में भर्ती कराया गया था। रुपये मांगने के आरोप गलत है। सुबह मेरी ड्यूटी थी, स्टाफ के राजी नहीं होने पर मैंने ऑपरेशन करने से इंकार कर दिया था। - डॉ. विनीता चतुर्वेदी, महिला अस्पताल