{"_id":"5b0862754f1c1bfd6e8b49cb","slug":"181527276149-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैंट गुड्स यार्ड में गड़बड़झाला, विजिलेंस ने मालगोदाम खंगाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैंट गुड्स यार्ड में गड़बड़झाला, विजिलेंस ने मालगोदाम खंगाला
Updated Sun, 27 May 2018 02:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली।
बरेली कैंट स्टेशन के मालगोदाम और अनलोडिंग साइट पर लंबे समय से गड़बड़ियों की शिकायतें मिलने पर विजिलेंस ने गुरुवार को छापा मारा। टीम ने मालगोदाम और अनलोडिंग साइट के दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। अफसरों से भी पूछताछ की लेकिन वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
बुधवार देर रात बड़ौदा हाउस की विजिलेंस टीम जंक्शन पहुंची। टीम के आने की भनक लगते ही वेंडर अलर्ट हो गए। रिटायरिंग रूम में रात गुजारने के बाद गुरुवार को टीम ने कैंट स्टेशन के मालगोदाम और अनलोडिंग साइट पर छापा मारा। छापे की कार्रवाई से जंक्शन के अधिकारी अनभिज्ञ थे। उन्हें अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की आशंका थी, लेकिन टीम के अचानक कैंट स्टेशन के गुड्स यार्ड में पहुंचने से हड़कंप मच गया। हालांकि उस समय सीमेंट की कोई रेक अनलोड नहीं हो रही थी। टीम ने अनलोडिंग साइट पर पहुंचकर सीमेंट की रेक से संबंधित दस्तावेज मांगे, उन्हें चेक किया तो काफी गड़बड़ी मिली। इन पर सुपरवाइजर से पूछा तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद टीम सभी दस्तावेज अपने साथ ले गई। करीब 15 दिन पहले अमर उजाला ने कैंट स्टेशन पर गोलमाल की खबर प्रकाशित की थी। इसमें मालगाड़ियों में ओवरलोडिंग का मुद्दा उठाया गया था। माना जा रहा है कि इसी का संज्ञान लेकर विजिलेंस टीम ने छापा मारा।
हर वैगन में होती हैं सीमेंट की 10 बोरी एक्स्ट्रा
गुड्स शेड के आंकड़ों को देखें तो रजिस्टर में 1318 बोरियां दर्ज होती हैं, जबकि बोरियां आतीं कहीं ज्यादा है। सूत्रों का कहना कि सीमेंट फैक्ट्री से हर वैगन में डैमेज की भरपाई के लिए करीब 10 बोरियां ज्यादा लोड की जाती हैं, ताकि व्यापारी को कोई नुकसान न उठाना पड़े। एक मालगाड़ी करीब 55 वैगन की होती है। हर बार ज्यादा आने वाली बोरियों का गुड्स शेड के रजिस्टर में कोई हिसाब नहीं रखा जाता है। ओवरलोडिंग का यह खेल सेटिंग से चलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली कैंट स्टेशन के मालगोदाम और अनलोडिंग साइट पर लंबे समय से गड़बड़ियों की शिकायतें मिलने पर विजिलेंस ने गुरुवार को छापा मारा। टीम ने मालगोदाम और अनलोडिंग साइट के दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। अफसरों से भी पूछताछ की लेकिन वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
बुधवार देर रात बड़ौदा हाउस की विजिलेंस टीम जंक्शन पहुंची। टीम के आने की भनक लगते ही वेंडर अलर्ट हो गए। रिटायरिंग रूम में रात गुजारने के बाद गुरुवार को टीम ने कैंट स्टेशन के मालगोदाम और अनलोडिंग साइट पर छापा मारा। छापे की कार्रवाई से जंक्शन के अधिकारी अनभिज्ञ थे। उन्हें अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की आशंका थी, लेकिन टीम के अचानक कैंट स्टेशन के गुड्स यार्ड में पहुंचने से हड़कंप मच गया। हालांकि उस समय सीमेंट की कोई रेक अनलोड नहीं हो रही थी। टीम ने अनलोडिंग साइट पर पहुंचकर सीमेंट की रेक से संबंधित दस्तावेज मांगे, उन्हें चेक किया तो काफी गड़बड़ी मिली। इन पर सुपरवाइजर से पूछा तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद टीम सभी दस्तावेज अपने साथ ले गई। करीब 15 दिन पहले अमर उजाला ने कैंट स्टेशन पर गोलमाल की खबर प्रकाशित की थी। इसमें मालगाड़ियों में ओवरलोडिंग का मुद्दा उठाया गया था। माना जा रहा है कि इसी का संज्ञान लेकर विजिलेंस टीम ने छापा मारा।
विज्ञापन
हर वैगन में होती हैं सीमेंट की 10 बोरी एक्स्ट्रा
गुड्स शेड के आंकड़ों को देखें तो रजिस्टर में 1318 बोरियां दर्ज होती हैं, जबकि बोरियां आतीं कहीं ज्यादा है। सूत्रों का कहना कि सीमेंट फैक्ट्री से हर वैगन में डैमेज की भरपाई के लिए करीब 10 बोरियां ज्यादा लोड की जाती हैं, ताकि व्यापारी को कोई नुकसान न उठाना पड़े। एक मालगाड़ी करीब 55 वैगन की होती है। हर बार ज्यादा आने वाली बोरियों का गुड्स शेड के रजिस्टर में कोई हिसाब नहीं रखा जाता है। ओवरलोडिंग का यह खेल सेटिंग से चलता है।
विज्ञापन