{"_id":"59435fb24f1c1b91058b48c7","slug":"181497587634-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एकेटीयू ने काट ली विश्वविद्यालय के 45 छात्रों की फीस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एकेटीयू ने काट ली विश्वविद्यालय के 45 छात्रों की फीस
Updated Fri, 16 Jun 2017 06:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पढ़ रहे 45 इंजीनियरिंग, प्रबंधन और फार्मेसी के छात्रों का डाटा एनआईसी में न होने के चलते डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय ने नौ लाख रुपये काट लिए हैं। तकनीकी विश्वविद्यालय ने रूहेलखंड विश्वविद्यालय को करीब 95 लाख 40 हजार रुपयेे की जगह सिर्फ 87 लाख रुपये की धनराशि दी है। जबकि करीब नौ लाख रुपये की कटौती कर ली है। अब रूहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से एकेटीयू को पत्र लिखकर काटी गई छात्राें की फीस का बचा पैसा मांगा गया है। इसके लिए पर्याप्त सबूत भी भेजे गए हैं।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय में हर साल प्रवेश परीक्षा के बाद काउंसलिंग होती है। इसमें छात्राें की एडमिशन से पहले इनिशियल फीस जमा कर ली जाती है। बाकी फीस छात्र कॉलेज एलॉट होने के बाद वहीं कॉलेज में जमा करते हैं। सामान्य व ओबीसी वर्ग के छात्रों से 20 हजार रुपये और एससी, एसटी वर्ग के छात्राें से 12 हजार रुपये फीस जमा की जाती है। कॉलेजों में प्रवेश के बाद एकेटीयू प्रशासन इस फीस को कॉलेज व विश्वविद्यालयाें को वापस करता है। लेकिन तकनीकी विश्वविद्यालय ने कहा है कि एनआईसी की वेबसाइट में रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 45 छात्राें का कोई डाटा ही नहीं है। इसलिए इनकी फीस एकेटीयू के पास जमा नहीं हुई है। जबकि रूहेलखंड प्रशासन की ओर से जो पत्र एकेटीयू प्रशासन को लिखा गया है उसमें कहा गया है कि जिन छात्राें को प्रवेश दिया गया है उनको संस्थान आवंटन के बाद ही प्रवेश दिया गया है। इसमें बीटेक, एमबीए, एमसीए, बीफार्मा और होटल मैनेजमेंट के छात्र शामिल हैं। ये सभी विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं।
एकेटीयू की ओर से जिन छात्रों की धनराशि काटी गई है वह सभी विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं। काउंसलिंग में उनको संस्थान आवंटित होने के बाद ही प्रवेश दिया गया था। सारे तथ्य एकेटीयू को भेज दिए गए हैं।
विज्ञापन
डॉ. एके गुप्ता, डीन इंजीनियरिंग विभाग
विज्ञापन
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पढ़ रहे 45 इंजीनियरिंग, प्रबंधन और फार्मेसी के छात्रों का डाटा एनआईसी में न होने के चलते डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय ने नौ लाख रुपये काट लिए हैं। तकनीकी विश्वविद्यालय ने रूहेलखंड विश्वविद्यालय को करीब 95 लाख 40 हजार रुपयेे की जगह सिर्फ 87 लाख रुपये की धनराशि दी है। जबकि करीब नौ लाख रुपये की कटौती कर ली है। अब रूहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से एकेटीयू को पत्र लिखकर काटी गई छात्राें की फीस का बचा पैसा मांगा गया है। इसके लिए पर्याप्त सबूत भी भेजे गए हैं।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय में हर साल प्रवेश परीक्षा के बाद काउंसलिंग होती है। इसमें छात्राें की एडमिशन से पहले इनिशियल फीस जमा कर ली जाती है। बाकी फीस छात्र कॉलेज एलॉट होने के बाद वहीं कॉलेज में जमा करते हैं। सामान्य व ओबीसी वर्ग के छात्रों से 20 हजार रुपये और एससी, एसटी वर्ग के छात्राें से 12 हजार रुपये फीस जमा की जाती है। कॉलेजों में प्रवेश के बाद एकेटीयू प्रशासन इस फीस को कॉलेज व विश्वविद्यालयाें को वापस करता है। लेकिन तकनीकी विश्वविद्यालय ने कहा है कि एनआईसी की वेबसाइट में रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 45 छात्राें का कोई डाटा ही नहीं है। इसलिए इनकी फीस एकेटीयू के पास जमा नहीं हुई है। जबकि रूहेलखंड प्रशासन की ओर से जो पत्र एकेटीयू प्रशासन को लिखा गया है उसमें कहा गया है कि जिन छात्राें को प्रवेश दिया गया है उनको संस्थान आवंटन के बाद ही प्रवेश दिया गया है। इसमें बीटेक, एमबीए, एमसीए, बीफार्मा और होटल मैनेजमेंट के छात्र शामिल हैं। ये सभी विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं।
विज्ञापन
एकेटीयू की ओर से जिन छात्रों की धनराशि काटी गई है वह सभी विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं। काउंसलिंग में उनको संस्थान आवंटित होने के बाद ही प्रवेश दिया गया था। सारे तथ्य एकेटीयू को भेज दिए गए हैं।
विज्ञापन
डॉ. एके गुप्ता, डीन इंजीनियरिंग विभाग