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अखिलेश से निराश अपर्णा की निगाह आंवला सीट पर
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फरीदपुर। पिता मुलायम सिंह यादव की तगड़ी सिफारिश के बावजूद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का अपने भाई प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव को लोकसभा चुनाव में टिकट न देना आंवला में नए चुनावी समीकरण बना सकता है। दरअसल पिछले कई दिनों से अपर्णा यादव के समर्थक आंवला क्षेत्र में प्रमुख सियासी लोगों से बातचीत कर उनके यहां से चुनाव लड़ने की संभावनाएं तलाशने में जुटे हुए हैं। माना जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव की ही सलाह पर यह कवायद शुरू की गई है। यह भी कहा जा रहा है कि अगर अपर्णा यादव आंवला से चुनाव लड़ीं तो बसपा की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी अर्पणा यादव लखनऊ से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गई थीं। लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद अर्पणा ने संभल लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी का टिकट मांगा था। मुलायम सिंह यादव ने भी उनकी सिफारिश की थी, लेकिन एक-एक करके सपा की पांचवी लिस्ट जारी हो गई और अर्पणा को अखिलेश ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया। इस बीच संभल से शफीकुर रहमान को प्रत्याशी भी घोषित कर दिया गया। इसी के बाद अपर्णा के समर्थकों ने यह फीडबैक लेना शुरू कर दिया है कि आंवला सीट से उनके चुनाव लड़ने पर उनकी जीत की क्या संभावनाएं बन सकती हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि अपर्णा किस पार्टी से चुनाव मैदान में उतरेंगी, लेकिन माना जा रहा है कि उनकी ओर से आंवला से चुनाव की संभावनाएं तलाश करने की कवायद मुलायम सिंह के ही इशारे पर शुरू की गई हैं।
बता दें कि सपा-बसपा के गठबंधन में आंवला सीट बसपा के खाते में गई है। बसपा की ओर से इस सीट पर अभी प्रत्याशी तय नहीं हुआ है, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि अगर अपर्णा ने इस सीट से चुनाव लड़ा तो बसपा प्रत्याशी के लिए काफी मुश्किल खड़ी हो सकती है।
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नेताजी के जमाने में सपा का गढ़ रही आंवला सीट
अर्पणा की ननिहाल जलालाबाद में है। जो लोग आंवला में सियासी लोगों से फीडबैक ले रहे हैं, उनमें ज्यादातर उनकी ननिहाल के ही लोग हैं। बता दें कि आंवला लोकसभा क्षेत्र में यादव काफी भारी संख्या में है और चुनाव का रुख मोड़ने में भी सक्षम हैं। इन्हीं समीकरणों के चलते समाजवादी पार्टी कई बार आंवला सीट अपनी झोली में डाल चुकी है। समाजवादी पार्टी के परंपरागत वोटों में यादवों के साथ मुस्लिम भी शामिल हैं। इसलिए आंवला सीट पर ठाकुर प्रत्याशी को टिकट देकर सपा कई बार यह सीट भाजपा से छीन चुकी है। अपर्णा यादव के समर्थन में बीजेपी कार्यकर्ताओं से भी संपर्क कर उनका मन टटोला गया है।
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मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी अर्पणा यादव लखनऊ से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गई थीं। लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद अर्पणा ने संभल लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी का टिकट मांगा था। मुलायम सिंह यादव ने भी उनकी सिफारिश की थी, लेकिन एक-एक करके सपा की पांचवी लिस्ट जारी हो गई और अर्पणा को अखिलेश ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया। इस बीच संभल से शफीकुर रहमान को प्रत्याशी भी घोषित कर दिया गया। इसी के बाद अपर्णा के समर्थकों ने यह फीडबैक लेना शुरू कर दिया है कि आंवला सीट से उनके चुनाव लड़ने पर उनकी जीत की क्या संभावनाएं बन सकती हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि अपर्णा किस पार्टी से चुनाव मैदान में उतरेंगी, लेकिन माना जा रहा है कि उनकी ओर से आंवला से चुनाव की संभावनाएं तलाश करने की कवायद मुलायम सिंह के ही इशारे पर शुरू की गई हैं।
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बता दें कि सपा-बसपा के गठबंधन में आंवला सीट बसपा के खाते में गई है। बसपा की ओर से इस सीट पर अभी प्रत्याशी तय नहीं हुआ है, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि अगर अपर्णा ने इस सीट से चुनाव लड़ा तो बसपा प्रत्याशी के लिए काफी मुश्किल खड़ी हो सकती है।
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नेताजी के जमाने में सपा का गढ़ रही आंवला सीट
अर्पणा की ननिहाल जलालाबाद में है। जो लोग आंवला में सियासी लोगों से फीडबैक ले रहे हैं, उनमें ज्यादातर उनकी ननिहाल के ही लोग हैं। बता दें कि आंवला लोकसभा क्षेत्र में यादव काफी भारी संख्या में है और चुनाव का रुख मोड़ने में भी सक्षम हैं। इन्हीं समीकरणों के चलते समाजवादी पार्टी कई बार आंवला सीट अपनी झोली में डाल चुकी है। समाजवादी पार्टी के परंपरागत वोटों में यादवों के साथ मुस्लिम भी शामिल हैं। इसलिए आंवला सीट पर ठाकुर प्रत्याशी को टिकट देकर सपा कई बार यह सीट भाजपा से छीन चुकी है। अपर्णा यादव के समर्थन में बीजेपी कार्यकर्ताओं से भी संपर्क कर उनका मन टटोला गया है।