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स्कॉलरशिप पाने की आय सीमा 2.5 लाख रुपये हुई
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बरेली। हाईस्कूल या इससे ऊपर पढ़ाई करने वालों की राज्य सरकार से स्कॉलरशिप पाने वाले छात्र-छात्राओं के परिवार की आय सीमा सरकार ने 50 हजार रुपये तक बढ़ा दी है। अब 2.5 लाख रुपये तक की वार्षिक आमदनी वाले सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राएं भी सरकार से स्कॉलरशिप पाने के हकदार होंगे।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति पाने के लिए इस बार अनुसूचित जाति के 17540 और सामान्य वर्ग के 8714 छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है। पूर्व दशमोत्तर में अनुसूचित जाति से 7375 और सामान्य वर्ग में 3881 छात्र-छात्राओं ने आवेदन भेजे हैं। पूर्व दशम में पहले सरकार प्रति स्टूडेंट 2250 रुपये छात्रवृत्ति वार्षिक के हिसाब से देती थी, लेकिन अब सरकार ने इसमें 750 रुपये बढ़ा दिए हैं। अब प्रत्येक स्टूडेंट को तीन हजार रुपये सालाना स्कॉलरशिप मिलेगी। इंटर कालेजों और डिग्री कालेजों से आने वाले छात्रवृत्ति के आवेदनों में से बड़ी संख्या में गलतियां निकली हैं। इन आवेदनों को संदिग्ध मानते हुए सत्यापन के लिए डीआईओएस को भेजा गया है। समाज कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित ने बताया कि डीआईओएस के सत्यापन के बाद ही इन आवेदनों को मंजूरी दी जाएगी। अगर सत्यापन रिपोर्ट में यह आवेदन गलत पाए गए तो उनके आवेदन रद्द होंगे।
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दशमोत्तर छात्रवृत्ति पाने के लिए इस बार अनुसूचित जाति के 17540 और सामान्य वर्ग के 8714 छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है। पूर्व दशमोत्तर में अनुसूचित जाति से 7375 और सामान्य वर्ग में 3881 छात्र-छात्राओं ने आवेदन भेजे हैं। पूर्व दशम में पहले सरकार प्रति स्टूडेंट 2250 रुपये छात्रवृत्ति वार्षिक के हिसाब से देती थी, लेकिन अब सरकार ने इसमें 750 रुपये बढ़ा दिए हैं। अब प्रत्येक स्टूडेंट को तीन हजार रुपये सालाना स्कॉलरशिप मिलेगी। इंटर कालेजों और डिग्री कालेजों से आने वाले छात्रवृत्ति के आवेदनों में से बड़ी संख्या में गलतियां निकली हैं। इन आवेदनों को संदिग्ध मानते हुए सत्यापन के लिए डीआईओएस को भेजा गया है। समाज कल्याण अधिकारी अशोक दीक्षित ने बताया कि डीआईओएस के सत्यापन के बाद ही इन आवेदनों को मंजूरी दी जाएगी। अगर सत्यापन रिपोर्ट में यह आवेदन गलत पाए गए तो उनके आवेदन रद्द होंगे।
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