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जीआईएस सर्वे में उलझा निगम जहां बताए मकान निकले खोखे
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बरेली। शहर के जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे ने नगर निगम के टैक्स अनुभाग के कर्मचारियों को उलझा दिया है। सर्वे में करीब 40 हजार मकान बढ़कर बताए गए हैं। मगर जब टैक्स अनुभाग के कलक्टर भौतिक सत्यापन को पहुंचते हैं तो मकान की जगह खोखा रखा मिलता है।
नगर निगम के जोन दो के वार्ड नौ महला में जांच के दौरान सामने आया कि मिशन मार्केट की 35 दुकानें और इंदिरा मार्केट की 284 दुकानें भी जीआईएस सर्वे में नए भवन बता दिए गए हैं। जीआईएस सर्वे के बाद बनाए गए नक्शे को लेकर जब टैक्स कलक्टर सत्यापन को पहुंचे तो यह खुलासा हुआ। इसके अलावा कुछ अन्य स्थानों पर रखे खोखे भी मकान बता दिए गए। इनका सत्यापन करने में टैक्स अनुभाग की टीम को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं।
बटलर प्लाजा का भी कर दिया बंटवारा
जीआईएस सर्वे करने वाली कंपनी की टीम ने टुकड़ों में बांटकर बनाए गए बटलर प्लाजा का भी बंटवारा करके इसे दो हिस्सों में बांट दिया। ऐसा ही कुछ अन्य बड़े भवनों के साथ भी हुआ है, जिसके चलते टैक्स अनुभाग के कलक्टर परेशान हैं।
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जीआईएस सर्वे में बेशक कुछ विसंगतियां हैं, लेकिन इसकी वजह से बहुत सारे नए मकान भी पता लगे हैं। इनमें से 15 हजार से अधिक मकानों की टैक्स वसूलने के लिए फीडिंग भी हो चुकी है।
- राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
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नगर निगम के जोन दो के वार्ड नौ महला में जांच के दौरान सामने आया कि मिशन मार्केट की 35 दुकानें और इंदिरा मार्केट की 284 दुकानें भी जीआईएस सर्वे में नए भवन बता दिए गए हैं। जीआईएस सर्वे के बाद बनाए गए नक्शे को लेकर जब टैक्स कलक्टर सत्यापन को पहुंचे तो यह खुलासा हुआ। इसके अलावा कुछ अन्य स्थानों पर रखे खोखे भी मकान बता दिए गए। इनका सत्यापन करने में टैक्स अनुभाग की टीम को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं।
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बटलर प्लाजा का भी कर दिया बंटवारा
जीआईएस सर्वे करने वाली कंपनी की टीम ने टुकड़ों में बांटकर बनाए गए बटलर प्लाजा का भी बंटवारा करके इसे दो हिस्सों में बांट दिया। ऐसा ही कुछ अन्य बड़े भवनों के साथ भी हुआ है, जिसके चलते टैक्स अनुभाग के कलक्टर परेशान हैं।
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जीआईएस सर्वे में बेशक कुछ विसंगतियां हैं, लेकिन इसकी वजह से बहुत सारे नए मकान भी पता लगे हैं। इनमें से 15 हजार से अधिक मकानों की टैक्स वसूलने के लिए फीडिंग भी हो चुकी है।
- राजेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त