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शिक्षकों की हड़ताल कल से, शासन कार्रवाई के मूड में
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 24 Oct 2018 03:10 PM IST
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हड़ताल
- फोटो : amar ujala
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गुरुवार से शिक्षक और राज्य कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर रहे हैं, वहीं शासन इनके खिलाफ कार्रवाई के मूड में है। जो शिक्षक, कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे, उनका पूरा रिकॉर्ड शासन ने मांगा है। तीनों दिन की सूचना ई-मेल से शासन को भेजी जाएगी। वहीं जो शिक्षक और कर्मचारी हड़ताल के दिनों में ड्यूटी करेंगे, उनको विभाग सुरक्षा मुहैया कराएगा। हड़ताल पर रहने वालों को उतने दिन का वेतन नहीं दिया जाएगा।
लंबे अरसे बाद शिक्षक और राज्य कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। शिक्षकों की मानें तो 1986 में इतने बड़े स्तर पर हड़ताल हुई थी। इस बार तीन दिन की हड़ताल में बेसिक शिक्षा के साथ राज्य कर्मचारी और इंटर कॉलेजों के शिक्षक भी शामिल होंगे। बरेली में कई हजार शिक्षक और कर्मचारी हड़ताल करने की तैयारी में हैं।
वहीं बेसिक शिक्षा सचिव रूबी सिंह ने सभी बीएसए को आदेश जारी कर हड़ताल पर जाने वाले शिक्षकों के नाम, पद, विद्यालय का नाम आदि रिकॉर्ड ई-मेल से शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। हड़ताल के दिनों में स्कूल और विभाग खुलेंगे और जो शिक्षक और कर्मचारी ड्यूटी करने आएंगे उनको सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
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जबरन स्कूल और ऑफिस बंद कराने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। बीएसए कार्यालय में कंट्रोल रूम भी बनेगा। इधर, शासन के इस आदेश से शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि चाहे जो हो जाए तीन दिन पूरी तरह स्कूल और कार्यालय बंद कराए जाएंगे।
बीएसए तनुजा त्रिपाठी का कहना है कि शासन ने हड़ताल पर जाने वाले शिक्षकों को ब्योरा मांगा है। एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। जो शिक्षक और कर्मचारी ड्यूटी पर आना चाहते हैं उनको पूरा संरक्षण प्रदान किया जाएगा।
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री हरीश बाबू शर्मा का कहना है कि 1986 में जितना बड़ा आंदोलन हुआ था, ये उससे भी बड़ा होगा। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षक पूरी ताकत से आंदोलन करेंगे।
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लंबे अरसे बाद शिक्षक और राज्य कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। शिक्षकों की मानें तो 1986 में इतने बड़े स्तर पर हड़ताल हुई थी। इस बार तीन दिन की हड़ताल में बेसिक शिक्षा के साथ राज्य कर्मचारी और इंटर कॉलेजों के शिक्षक भी शामिल होंगे। बरेली में कई हजार शिक्षक और कर्मचारी हड़ताल करने की तैयारी में हैं।
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वहीं बेसिक शिक्षा सचिव रूबी सिंह ने सभी बीएसए को आदेश जारी कर हड़ताल पर जाने वाले शिक्षकों के नाम, पद, विद्यालय का नाम आदि रिकॉर्ड ई-मेल से शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। हड़ताल के दिनों में स्कूल और विभाग खुलेंगे और जो शिक्षक और कर्मचारी ड्यूटी करने आएंगे उनको सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
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जबरन स्कूल और ऑफिस बंद कराने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। बीएसए कार्यालय में कंट्रोल रूम भी बनेगा। इधर, शासन के इस आदेश से शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षक नेताओं का कहना है कि चाहे जो हो जाए तीन दिन पूरी तरह स्कूल और कार्यालय बंद कराए जाएंगे।
बीएसए तनुजा त्रिपाठी का कहना है कि शासन ने हड़ताल पर जाने वाले शिक्षकों को ब्योरा मांगा है। एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। जो शिक्षक और कर्मचारी ड्यूटी पर आना चाहते हैं उनको पूरा संरक्षण प्रदान किया जाएगा।
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री हरीश बाबू शर्मा का कहना है कि 1986 में जितना बड़ा आंदोलन हुआ था, ये उससे भी बड़ा होगा। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षक पूरी ताकत से आंदोलन करेंगे।