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प्रत्याशियों की फर्जी सूची वायरल होने से खलबली
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बरेली। सपा-बसपा गठबंधन की घोषणा के बाद दावेदारों ने जोड़तोड़ शुरू कर दिया है। इसी बीच सोमवार को व्हाट्सऐप ग्रुपों पर बसपा के 38 प्रत्याशियों की एक फर्जी सूची वायरल हुई, जिसमें मंडल की दो सीटें पीलीभीत और शाहजहांपुर बसपा के खाते में बताई गईं। वहीं एक अन्य वायरल व्हाट्सऐप मेसेज में दोनों पार्टियों को दो-दो सीटें बताई गईं। इन मेसेज के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं, मगर कुछ ही देर बाद बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा का एक और पत्र ग्रुपों में वायरल होने लगा, जिसमें सूची को फर्जी बताया गया। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने भी इन सूचियों को फर्जी करार दिया।
बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा की ओर से पहले जारी पत्र के मुताबिक बरेली मंडल में पीलीभीत से अनीस अहमद और शाहजहांपुर से उमेद सिंह कश्यप का नाम लोकसभा प्रत्याशी के तौर लिखा गया था। पत्र जारी करने की तिथि 13 जनवरी थी। जैसे ही यह पत्र वायरल हुआ राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं क्योंकि पीलीभीत से सपा के भगवत सरन गंगवार भी दावेदार हैं। मगर इस पत्र में मंडल की बरेली, आंवला और बदायूं सीट का कोई जिक्र न देख माना गया कि बसपा ने यह सीटें सपा के लिए छोड़ दी हैं। क्योंकि सपा में आंवला से पूर्व सांसद सर्वराज सिंह और बरेली से इस्लाम साबिर दावेदार हैं। बदायूं से धर्मेंद्र यादव मौजूदा सांसद हैं और इस सीट पर प्रत्याशी न बदला जाना लगभग तय है। बरेली के लिए एक दूसरी पार्टी के बड़े नेता भी सपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। साथ ही चर्चा है कि आंवला से चुनाव लड़ने के लिए पीलीभीत जिले के दो मुस्लिम नेता और बदायूं के एक बसपा नेता भी पैरवी में लगे हैं। वहीं, एक अन्य वायरल सूची में सपा के लिए आंवला से सर्वराज सिंह, बरेली से आयशा इस्लाम, पीलीभीत से बुद्धसेन वर्मा और बसपा में शाहजहांपुर से उमेद सिंह कश्यप के नाम हैं। इसमें बदायूं सीट का कोई जिक्र नहीं है। वहीं, शाहजहांपुर से सपा में मिथलेश कुमार तो बसपा से पूर्व विधायक विजयपाल सिंह की पत्नी सुनीता सिंह भी दावेदार हैं।
कुछ ही देर में आए दूसरे पत्र में पहले वाला फर्जी बताया
बसपा का पत्र जारी होने के बाद सीटों के बंटवारे को लेकर सपाई कयासबाजी में जुटे थे। इसी बीच बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा के नाम से दूसरा पत्र व्हाट्सऐप ग्रुपों में वायरल होने लगा। इसमें कहा गया कि प्रत्याशी घोषित होने संबंधी जो पत्र वायरल हो रहा है, वह फर्जी है। अभी दोनों पार्टी के प्रमुख नेताओं के बीच बैठक करके सीट बंटवारे पर मंथन भी नहीं हुआ है तो घोषणा कैसे हो सकती है।
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बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा की ओर से पहले जारी पत्र के मुताबिक बरेली मंडल में पीलीभीत से अनीस अहमद और शाहजहांपुर से उमेद सिंह कश्यप का नाम लोकसभा प्रत्याशी के तौर लिखा गया था। पत्र जारी करने की तिथि 13 जनवरी थी। जैसे ही यह पत्र वायरल हुआ राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं क्योंकि पीलीभीत से सपा के भगवत सरन गंगवार भी दावेदार हैं। मगर इस पत्र में मंडल की बरेली, आंवला और बदायूं सीट का कोई जिक्र न देख माना गया कि बसपा ने यह सीटें सपा के लिए छोड़ दी हैं। क्योंकि सपा में आंवला से पूर्व सांसद सर्वराज सिंह और बरेली से इस्लाम साबिर दावेदार हैं। बदायूं से धर्मेंद्र यादव मौजूदा सांसद हैं और इस सीट पर प्रत्याशी न बदला जाना लगभग तय है। बरेली के लिए एक दूसरी पार्टी के बड़े नेता भी सपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। साथ ही चर्चा है कि आंवला से चुनाव लड़ने के लिए पीलीभीत जिले के दो मुस्लिम नेता और बदायूं के एक बसपा नेता भी पैरवी में लगे हैं। वहीं, एक अन्य वायरल सूची में सपा के लिए आंवला से सर्वराज सिंह, बरेली से आयशा इस्लाम, पीलीभीत से बुद्धसेन वर्मा और बसपा में शाहजहांपुर से उमेद सिंह कश्यप के नाम हैं। इसमें बदायूं सीट का कोई जिक्र नहीं है। वहीं, शाहजहांपुर से सपा में मिथलेश कुमार तो बसपा से पूर्व विधायक विजयपाल सिंह की पत्नी सुनीता सिंह भी दावेदार हैं।
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कुछ ही देर में आए दूसरे पत्र में पहले वाला फर्जी बताया
बसपा का पत्र जारी होने के बाद सीटों के बंटवारे को लेकर सपाई कयासबाजी में जुटे थे। इसी बीच बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा के नाम से दूसरा पत्र व्हाट्सऐप ग्रुपों में वायरल होने लगा। इसमें कहा गया कि प्रत्याशी घोषित होने संबंधी जो पत्र वायरल हो रहा है, वह फर्जी है। अभी दोनों पार्टी के प्रमुख नेताओं के बीच बैठक करके सीट बंटवारे पर मंथन भी नहीं हुआ है तो घोषणा कैसे हो सकती है।
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