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अब सरकारी कंपनी करेगी किसानों की फसलों का बीमा
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बरेली। किसान फसल बीमा योजना में खामियों के चलते सरकार ने इस बार योजना का पैटर्न बदल दिया है। किसानों को फसल बीमा कराने के लिए प्रीमियम जमा करने से लेकर क्लेम मिलने तक काफी चीजें आसान होंगी। प्राइवेट बीमा कंपनी ने बीते साल फसल बीमा के क्लेम देने में लेटलतीफी की। बहुत से किसानों को फसल नुकसान के बाद भी क्लेम नहीं मिला। उसके चलते इस बार प्राइवेट कंपनी को फसल बीमा के टेंडर नहीं मिले। इस बार सरकारी बीमा कंपनी न्यू इंडिया इंश्योरेंस लिमिटेड किसानों की फसल का बीमा करेगी।
फसल बीमा कंपनी बरेली में दलहन की अन्य फसलों समेत उड़द, बाजरा, तिल और धान की फसलों का बीमा करेगी। नवाबगंज और मझगवां ब्लॉकों में मिर्च और शिमला मिर्च को भी बीमा के दायरे में लाया गया है। खरीफ सीजन में बीमा की मुख्य फसल धान होगी। क्रेडिट कार्ड धारक किसानों की फसल बीमा प्रीमियम की किस्त बैंक से ही काट ली जाएगी। जिनका किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बना है, कंपनी उन किसानों से भी संपर्क कर फसलों का बीमा करेगी। बिना क्रेडिट कार्डधारक किसानों से बीमा प्रीमियम की राशि नकद ली जाएगी। प्राकृतिक आपदा की वजह से फसल नुकसान होने पर किसान स्थानीय स्तर पर ही बीमा कंपनी के दफ्तर में क्लेम के लिए संपर्क कर सकेंगे। खरीफ सीजन की फसलों का बीमा 31 जुलाई तक किया जाएगा। निर्धारित तिथि के बाद बीमा प्रीमियम नहीं जमा होगा।
ऑनलाइन पोर्टल भी लांच
बीमा कंपनी के प्रतिनिधि आरएस कुरील ने बताया कि फसल बीमा में प्रीमियम समेत किसानों को अन्य तरह की सुविधा के लिए पीएमडीएफवाई नामक पोर्टल भी लांच कर दिया गया है। किसान न केवल इस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन प्रीमियम जमा कर सकते हैं बल्कि कोई समस्या होने पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। किसी भी किसान को अपनी फसल का बीमा कराने के लिए आधार नंबर होना जरूरी है। बिना आधार नंबर के किसी भी फसल का बीमा नहीं कराया जाएगा।
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फसल बीमा योजना में कुछ खामियां थीं। इस बार ठीक किया गया है। फसल बीमा का दायरा भी बढ़ाया गया है। इस बार सरकारी कंपनी फसलों का बीमा करेगी। आपदा में फसल नष्ट होने पर किसानों को क्लेम देने में देरी नहीं होगी।
- सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
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फसल बीमा कंपनी बरेली में दलहन की अन्य फसलों समेत उड़द, बाजरा, तिल और धान की फसलों का बीमा करेगी। नवाबगंज और मझगवां ब्लॉकों में मिर्च और शिमला मिर्च को भी बीमा के दायरे में लाया गया है। खरीफ सीजन में बीमा की मुख्य फसल धान होगी। क्रेडिट कार्ड धारक किसानों की फसल बीमा प्रीमियम की किस्त बैंक से ही काट ली जाएगी। जिनका किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बना है, कंपनी उन किसानों से भी संपर्क कर फसलों का बीमा करेगी। बिना क्रेडिट कार्डधारक किसानों से बीमा प्रीमियम की राशि नकद ली जाएगी। प्राकृतिक आपदा की वजह से फसल नुकसान होने पर किसान स्थानीय स्तर पर ही बीमा कंपनी के दफ्तर में क्लेम के लिए संपर्क कर सकेंगे। खरीफ सीजन की फसलों का बीमा 31 जुलाई तक किया जाएगा। निर्धारित तिथि के बाद बीमा प्रीमियम नहीं जमा होगा।
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ऑनलाइन पोर्टल भी लांच
बीमा कंपनी के प्रतिनिधि आरएस कुरील ने बताया कि फसल बीमा में प्रीमियम समेत किसानों को अन्य तरह की सुविधा के लिए पीएमडीएफवाई नामक पोर्टल भी लांच कर दिया गया है। किसान न केवल इस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन प्रीमियम जमा कर सकते हैं बल्कि कोई समस्या होने पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। किसी भी किसान को अपनी फसल का बीमा कराने के लिए आधार नंबर होना जरूरी है। बिना आधार नंबर के किसी भी फसल का बीमा नहीं कराया जाएगा।
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फसल बीमा योजना में कुछ खामियां थीं। इस बार ठीक किया गया है। फसल बीमा का दायरा भी बढ़ाया गया है। इस बार सरकारी कंपनी फसलों का बीमा करेगी। आपदा में फसल नष्ट होने पर किसानों को क्लेम देने में देरी नहीं होगी।
- सत्येंद्र कुमार, सीडीओ