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11 साल तक शासन कब्जे पर मुकदमे की फाइल दबाए तो माफिया क्यों न गुर्राए
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बरेली। बीडीए में 11 साल पहले जोन एक के तत्कालीन जेई ने बीसलपुर रोड पर अवैध कालोनी निर्माण कराने वाले भूमाफिया पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना बारादरी में तहरीर दी थी। बसपा शासन के इस मामले में बीडीए के अफसर और पुलिस दोनों माफिया पर मेहरबान हो गए। उसे बचाने के लिए पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और अफसरों ने भी खुद कार्रवाई करने के बजाय पूरा मामला शासन को भेज दिया। इसके बाद अब तक न शासन से कोई निर्देश आया न माफिया पर कोई कार्रवाई हो सकी। हद तो यह है कि भूमाफिया के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का एलान करने वाली योगी सरकार में भी इस अवैध कॉलोनी की फाइल शासन में ही दबी रह गई।
बीडीए में जोन एक के जेई अरुण तोमर ने 2007-08 को थाना बारादरी में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा गया था कि पीलीभीत बाईपास के पूर्वी भाग में एक कॉलोनी का तलपट मानचित्र स्वीकृत कराया गया जिसके अनुसार कॉलोनी के पार्क नंबर एक का एरिया करीब 1746 वर्ग मीटर है जबकि स्थलीय माप में इस जमीन पर क्लब बना है। नियमानुसार क्लब पार्क के दूसरी ओर होना चाहिए। जेई की तहरीर में कहा गया था कि कॉलोनी के पार्क नंबर एक लगे हुए भाग का कुल क्षेत्रफल करीब 2715 मीटर है, जिसका भू-उपयोग व्यवसायिक है। इसी जगह पर कॉलोनी के क्लब का नक्शा भी स्वीकृत है जिसमें से लगभग 1176 वर्ग मीटर एरिया पार्किँग का दर्शाया गया था। क्लब का कवर्ड एरिया लगभग 544 वर्ग मीटर है जबकि एरिया की स्थलीय माप के अनुसार पार्किँग के रूप में 2436 वर्ग मीटर और क्लब भवन 806 वर्ग मीटर जमीन पर बना है, जिसका कवर्ड एरिया लगभग 638 वर्ग मीटर है।
तहरीर में कहा गया था कि तलपट मानचित्र में व्यवसायिक भू-खंड का क्षेत्रफल 4460 वर्ग मीटर है जबकि स्थलीय माप में पार्क नंबर एक और व्यवसायिक भूखंड का क्षेत्रफल 4391 मीटर ही है। मानचित्र में स्कूल बिल्डिंग से सटा प्ले ग्राउंड है और उसके बाद करीब 1.80 वर्ग मीटर का पार्क नंबर छह है और उसके बाद 114 मीटर का फुटपाथ बना दिखाया है जबकि मौके पर फुटपाथ के साथ पार्क वाले भाग को भी स्कूल के प्ले ग्राउंड में शामिल कर लिया गया है। फुटपाथ के दोनों ओर गेट लगाकर उसे बंद कर दिया गया है। जेई की रिपोर्ट का निष्कर्ष था कि सार्वजनिक पार्क की भूमि पर क्लब बना लिया गया है और सार्वजनिक पार्क की जमीन और फुटपाथ को प्राइवेट स्कूल के प्ले ग्राउंड में शामिल कर लिया गया। जेई की तहरीर पर बारादरी पुलिस ने 11 साल बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उस समय के बीडीए अफसरों ने माफिया से सौदेबाजी कर पूरा मामला शासन को संदर्भित कर कालोनाइजर को बचा दिया। योगी सरकार में भी सिस्टम भू-माफिया पर मेहरबान बना रहा।
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इस कॉलोनी का मानचित्र से विपरीत निर्माण मेरे आने से पहले का मामला है। यह पूरा मामला शासन को संदर्भित कर दिया गया था। अगर शासन से इस संबंध में कार्रवाई का कोई आदेश होता है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। - दिव्या मित्तल, उपाध्यक्ष बीडीए
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बीडीए में जोन एक के जेई अरुण तोमर ने 2007-08 को थाना बारादरी में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा गया था कि पीलीभीत बाईपास के पूर्वी भाग में एक कॉलोनी का तलपट मानचित्र स्वीकृत कराया गया जिसके अनुसार कॉलोनी के पार्क नंबर एक का एरिया करीब 1746 वर्ग मीटर है जबकि स्थलीय माप में इस जमीन पर क्लब बना है। नियमानुसार क्लब पार्क के दूसरी ओर होना चाहिए। जेई की तहरीर में कहा गया था कि कॉलोनी के पार्क नंबर एक लगे हुए भाग का कुल क्षेत्रफल करीब 2715 मीटर है, जिसका भू-उपयोग व्यवसायिक है। इसी जगह पर कॉलोनी के क्लब का नक्शा भी स्वीकृत है जिसमें से लगभग 1176 वर्ग मीटर एरिया पार्किँग का दर्शाया गया था। क्लब का कवर्ड एरिया लगभग 544 वर्ग मीटर है जबकि एरिया की स्थलीय माप के अनुसार पार्किँग के रूप में 2436 वर्ग मीटर और क्लब भवन 806 वर्ग मीटर जमीन पर बना है, जिसका कवर्ड एरिया लगभग 638 वर्ग मीटर है।
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तहरीर में कहा गया था कि तलपट मानचित्र में व्यवसायिक भू-खंड का क्षेत्रफल 4460 वर्ग मीटर है जबकि स्थलीय माप में पार्क नंबर एक और व्यवसायिक भूखंड का क्षेत्रफल 4391 मीटर ही है। मानचित्र में स्कूल बिल्डिंग से सटा प्ले ग्राउंड है और उसके बाद करीब 1.80 वर्ग मीटर का पार्क नंबर छह है और उसके बाद 114 मीटर का फुटपाथ बना दिखाया है जबकि मौके पर फुटपाथ के साथ पार्क वाले भाग को भी स्कूल के प्ले ग्राउंड में शामिल कर लिया गया है। फुटपाथ के दोनों ओर गेट लगाकर उसे बंद कर दिया गया है। जेई की रिपोर्ट का निष्कर्ष था कि सार्वजनिक पार्क की भूमि पर क्लब बना लिया गया है और सार्वजनिक पार्क की जमीन और फुटपाथ को प्राइवेट स्कूल के प्ले ग्राउंड में शामिल कर लिया गया। जेई की तहरीर पर बारादरी पुलिस ने 11 साल बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उस समय के बीडीए अफसरों ने माफिया से सौदेबाजी कर पूरा मामला शासन को संदर्भित कर कालोनाइजर को बचा दिया। योगी सरकार में भी सिस्टम भू-माफिया पर मेहरबान बना रहा।
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इस कॉलोनी का मानचित्र से विपरीत निर्माण मेरे आने से पहले का मामला है। यह पूरा मामला शासन को संदर्भित कर दिया गया था। अगर शासन से इस संबंध में कार्रवाई का कोई आदेश होता है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। - दिव्या मित्तल, उपाध्यक्ष बीडीए