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आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संख्या से जान लीजिए शारदा योजना का सच

Thu, 27 Jun 2019 02:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jun 2019 02:32 AM IST
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आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संख्या से जान लीजिए शारदा योजना का सच
बरेली। गरीब बच्चों को साक्षर बनाने के लिए शासन कितनी भी कवायद कर ले, लेकिन अफसर इसमें पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। आउट ऑफ स्कूल बच्चों की बढ़ती संख्या इसका उदाहरण है। एक आंकड़े के मुताबिक, जिले में पिछले साल आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संख्या साढ़े तीन हजार थी, जो अब बढ़कर दोगुने से भी ज्यादा हो गई है।
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सर्व शिक्षा अभियान की ‘शारदा’ योजना के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले और स्कूल तक न पहुंच पाने वाले बच्चों को चिह्नित कर उन्हें उनकी उम्र के आधार पर विद्यालयों में फिर से प्रवेश कराने का आदेश शासन ने दिया है। उम्र अधिक होने पर कक्षा में प्रवेश से पहले बच्चों को ब्रिज कोर्स कराया जाता है। ताकि संबंधित कक्षा के अनुरूप बच्चे मानसिक स्तर पर तैयार हो जाएं और अन्य बच्चों के साथ घुलमिल कर पढ़ाई कर सकें । सूत्रों के मुताबिक जिले में बढ़ती जा रही आउट ऑफ स्कूल बच्चों की तादाद की मुख्य वजह बिना ब्रिज कोर्स कराए प्रवेश कराना है। जिससे क्लास में पहुंचने पर बच्चा हीन भावना से ग्रसित हो जाता है। क्लास के अन्य बच्चे जो फर्राटे से लिख और पढ़ रहे हैं, उनके बीच वह खुद को असहज महसूस करता है और फिर स्कूल छोड़ देता है।
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आलमपुर में सबसे ज्यादा बच्चे छोड़ रहे स्कूल
जिले में शारदा योजना के तहत इस साल आउट ऑफ स्कूल 8965 बच्चे चिह्नित हुए हैं। जिसमें 4336 छात्र और 4359 छात्राएं हैं। आलमपुर में सर्वाधिक 1486 बच्चों का पढ़ाई से मोहभंग हुआ है। दूसरे पायदान पर भोजीपुरा है, जहां 1012 बच्चों ने स्कूल छोड़ा है। वहीं, नवाबगंज में महज 27 और फरीदपुर शहरी क्षेत्र में 54 बच्चे ही आउट ऑफ स्कूल चिह्नित हुए हैं।
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अफसर बोले- पारिवारिक स्थिति जिम्मेदार
ब्रिज कोर्स कराने के बजाय अफसर बच्चों की परवरिश और पारिवारिक स्थिति को जिम्मेदार बता रहे हैं। उनके मुताबिक जो बच्चे उम्र में अधिक हो चुके हैं, उन्हें ब्रिज कोर्स कराया जाता है ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें। लेकिन सूची के अनुसार सभी बच्चे पहले अध्ययनरत थे, जिन्होंने बीच में पढ़ाई छोड़ दी है। इसलिए उन्हें ब्रिज कोर्स की जरूरत नहीं है।


कहां कितने आउट ऑफ स्कूल बच्चे
ब्लॉक बच्चे
आलमपुर 1486
भोजीपुरा 1012
मझगवां 710
मीरगंज 692
फतेहगंज 689
भदपुरा 655
रिछा 641
फरीदपुर 534
रामनगर 489
बरेली शहर 394
शेरगढ़ 283
भुता 246
बहेड़ी 175
बिथरी चैनपुर 174
आंवला 166
क्यारा 143
बहेड़ी शहर 125
फरीदपुर शहर 54
नवाबगंज 27

‘शारदा योजना के तहत चिह्नित बच्चों का प्रवेश कराने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर ब्रिज कोर्स भी कराया जा रहा है। फिर भी कई बच्चे ऐसे हैं जो पारिवारिक स्थिति की वजह से स्कूल छोड़ रहे हैं।’
- तनुजा त्रिपाठी, बीएसए
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