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संवासिनियों की सुरक्षा में गार्ड नहीं मिले तैनात, जताई नाराजगी
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बरेली। हाईकोर्ट के आदेश पर अधिकारियों की टीम ने शनिवार को आर्य समाज अनाथालय (बालिका) में चेकिंग की तो संवासिनियों के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात न होने पर नाराजगी जाहिर की गई। इसके साथ 18 साल से ज्यादा उम्र की संवासिनियों को अनाथालय से शिफ्ट न करने की वजह भी पूछी गई। टीम ने छोटे बच्चों के लिए एक एनजीओ से संचालित बॉर्न बेबी फोर्ड संस्था का भी देखा।
अधिकारियों की टीम में एडीएम सिटी महेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार, एडिशन सीएमओ दीपक सिंह, सीडब्ल्यूसी के डीएन मिश्रा आदि शामिल थे। आर्य समाज अनाथालय बालिका की चेकिंग में पता चला कि बालिकाओं की सुरक्षा के लिए कोई सुरक्षा कर्मी ही नहीं है। जबकि होली के समय कुछ अराजकतत्वों ने अनाथालय ने संवासिनियों के रंग लगाने के लिए जबरदस्ती घुसने की कोशिश की थी। यह मामला कई दिनों तक चर्चित भी रहा था। इसके बावजूद बालिकाओं की सुरक्षा की प्रति लापरवाही पर टीम ने असंतोष जाहिर किया। अधिकारियों ने अनाथालय की वार्डर से पूछा कि यहां कई संवासिनियां बालिग हो चुकी हैं। उन्हें ममता आश्रय गृह क्यों स्थानांतरित नहीं किया जा रहा? इस पर उन्होंने बताया कि ये संवासिनियां यहां से जाना ही नहीं चाहती हैं। एडीएम सिटी ने अनाथालय की उस युवती से भी बात की, जिनसे अनाथालय के लोगों पर जबरदस्ती उससे दोगुनी आयु के शख्स से जबरदस्ती शादी कराने का आरोप लगाया था। इसी क्रम मेें टीम ने छोटे बच्चों के लिए बने बॉर्न बेबी फोर्ड संस्था को भी चेक किया। यहां किचन में सीसीटीवी कैमरा न लगा होने पर डीपीओ नीता अहिरवार ने मैनेजमेंट को इसकी व्यवस्था तत्काल करने के निर्देश दिए। डॉक्टरों की टीम यहां नियमित तौर पर पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करेगी। टीम ने नारी शरणालय में भी संवासिनियों से बातचीत करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अनाथालय में मिली थी गंदगी
डीपीओ नीता अहिरवार ने करीब दो हफ्ते पहले आर्यसमाज अनाथालय (बालक) का निरीक्षण किया था। वहां गंदगी देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की थी। संस्था में बायोमेट्रिक मशीन नहीं मिली थी। सुरक्षा की दृष्टि से यहां सीसीटीवी भी लगे थे, जो चालू हालत में मिले थे।
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अधिकारियों की टीम में एडीएम सिटी महेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार, एडिशन सीएमओ दीपक सिंह, सीडब्ल्यूसी के डीएन मिश्रा आदि शामिल थे। आर्य समाज अनाथालय बालिका की चेकिंग में पता चला कि बालिकाओं की सुरक्षा के लिए कोई सुरक्षा कर्मी ही नहीं है। जबकि होली के समय कुछ अराजकतत्वों ने अनाथालय ने संवासिनियों के रंग लगाने के लिए जबरदस्ती घुसने की कोशिश की थी। यह मामला कई दिनों तक चर्चित भी रहा था। इसके बावजूद बालिकाओं की सुरक्षा की प्रति लापरवाही पर टीम ने असंतोष जाहिर किया। अधिकारियों ने अनाथालय की वार्डर से पूछा कि यहां कई संवासिनियां बालिग हो चुकी हैं। उन्हें ममता आश्रय गृह क्यों स्थानांतरित नहीं किया जा रहा? इस पर उन्होंने बताया कि ये संवासिनियां यहां से जाना ही नहीं चाहती हैं। एडीएम सिटी ने अनाथालय की उस युवती से भी बात की, जिनसे अनाथालय के लोगों पर जबरदस्ती उससे दोगुनी आयु के शख्स से जबरदस्ती शादी कराने का आरोप लगाया था। इसी क्रम मेें टीम ने छोटे बच्चों के लिए बने बॉर्न बेबी फोर्ड संस्था को भी चेक किया। यहां किचन में सीसीटीवी कैमरा न लगा होने पर डीपीओ नीता अहिरवार ने मैनेजमेंट को इसकी व्यवस्था तत्काल करने के निर्देश दिए। डॉक्टरों की टीम यहां नियमित तौर पर पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करेगी। टीम ने नारी शरणालय में भी संवासिनियों से बातचीत करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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निरीक्षण के दौरान अनाथालय में मिली थी गंदगी
डीपीओ नीता अहिरवार ने करीब दो हफ्ते पहले आर्यसमाज अनाथालय (बालक) का निरीक्षण किया था। वहां गंदगी देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की थी। संस्था में बायोमेट्रिक मशीन नहीं मिली थी। सुरक्षा की दृष्टि से यहां सीसीटीवी भी लगे थे, जो चालू हालत में मिले थे।
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