{"_id":"5d0800148ebc3e50954c1ef7","slug":"156080538314-bareilly-news197","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएमएसए की केंद्रीय कार्यकारिणी के लिए डाॅक्टरों ने डाले वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएमएसए की केंद्रीय कार्यकारिणी के लिए डाॅक्टरों ने डाले वोट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। निजी चिकित्सकों की सोमवार को हुई हड़ताल के बीच प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ उत्तर प्रदेश की केंद्रीय कार्यकारिणी का चुनाव भी संपन्न हुआ। जिले के 146 सरकारी चिकित्सकों में से कुल 80 ही जिला मुख्यालय पहुंचकर मतदान कर सके।
जिला अस्पताल के मीटिंग हाल में निर्वाचन अधिकारी एसीएमओ आलोक चंद्रा और रिटर्निंग ऑफिसर डा. एके गौतम की देखरेख में संपन्न चुनाव में 146 चिकित्सकों को मतदान करना था। सुबह नौ बजे से सायं छह बजे तक चले इस चुनाव में जिले से कुल 80 चिकित्सकों ने मतदान किया। संगठन के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने बताया कि सभी मतदाताओं ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष (मुख्यालय), उपाध्यक्ष (महिला), महामंत्री, अपर महामंत्री, वित्त सचिव, संपादक के लिए एक-एक और उपाध्यक्ष (सामान्य) के तीन पदों के लिए मतदान किया। इस तरह एक चिकित्सक ने 10 पदाधिकारी चुनने के लिए दस वोट डाले। अध्यक्ष ने बताया कि निजी डाक्टरों की हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों पर बोझ अधिक होने के चलते कई चिकित्सक मतदान को नहीं पहुंच सके।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के मीटिंग हाल में निर्वाचन अधिकारी एसीएमओ आलोक चंद्रा और रिटर्निंग ऑफिसर डा. एके गौतम की देखरेख में संपन्न चुनाव में 146 चिकित्सकों को मतदान करना था। सुबह नौ बजे से सायं छह बजे तक चले इस चुनाव में जिले से कुल 80 चिकित्सकों ने मतदान किया। संगठन के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने बताया कि सभी मतदाताओं ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष (मुख्यालय), उपाध्यक्ष (महिला), महामंत्री, अपर महामंत्री, वित्त सचिव, संपादक के लिए एक-एक और उपाध्यक्ष (सामान्य) के तीन पदों के लिए मतदान किया। इस तरह एक चिकित्सक ने 10 पदाधिकारी चुनने के लिए दस वोट डाले। अध्यक्ष ने बताया कि निजी डाक्टरों की हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों पर बोझ अधिक होने के चलते कई चिकित्सक मतदान को नहीं पहुंच सके।
विज्ञापन