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डोर-टू-डोर अब नए सिरे से, फिलहाल गंदगी झेलने को रहें तैयार
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बरेली। मेयर उमेश गौतम और पूर्व नगर आयुक्त के एक और फैसले को पलटने की नगर निगम में शुरुआत कर दी गई है। विभिन्न एजेंसियों को मुफ्त में दिया गया डोर-टू-डोर सफाई का काम अब बंद कर दोबारा ठेका देने की तैयारी है। इसके लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं और इस बार कड़े नियम भी बनाए गए हैं। मगर प्रक्रिया पूरी होने तक लोगों को गंदगी भी झेलनी पड़ेगी। हालांकि, यह एजेंसी नगर निगम में सिक्योरिटी मनी जमा करेंगी और कूड़ा कलेक्शन की एक निश्चित धनराशि भी नगर निगम को वसूलकर देंगी। इसके बदले नगर निगम उन्हें कूड़ा उठाने का चार्ज देगा।
सपा शासनकाल में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में नगर निगम में जमकर भ्रष्टाचार हुआ था। मामला शासन तक पहुंचा था। इससे सबक लेते हुए नगर निगम में भाजपा की सरकार बनी तो निर्णय लिया गया कि कूड़ा कलेक्शन पर नगर निगम कोई धनराशि नहीं व्यय करेगा। निजी एजेंसियां डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करके अपना खर्चा निकालेंगी। शहर में करीब दर्जन भर एजेंसियों को यह जिम्मेदारी दी गई। मगर निगम में सैमुअल पॉल एन. नगर आयुक्त बनकर आए तो उन्होंने यह मुफ्त व्यवस्था बदल दी। अब पुरानी एजेंसियों को हटाकर दोबारा ठेका दिया जाएगा। इसके लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। ठेका लेने वाली एजेंसियों को नगर निगम में दस लाख रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। हर घर की यूजर आईडी बनाकर कम से कम 40 प्रतिशत घरों से वसूली करके नगर निगम को देना होगा। इससे कम राशि पर नगर निगम एजेंसियों से 150 गुना जुर्माना वसूलेगा। साथ ही इन एजेंसियों को गीला और सूखा कूड़ा अलग एकत्र करना होगा। कूड़ा उठाने के बदले इन एजेंसियों को भुगतान नगर निगम करेगा। इसके लिए टेंडर में इनसे दरें भी पूछी गई हैं।
पुरानी एजेंसियों का काम बंद हो जाएगा और नई एजेंसियां कूड़ा कलेक्शन करेंगी। उन्हें सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी और कम से कम 40 प्रतिशत घरों से यूजर चार्ज वसूलना होगा। इसके लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। - संजीव प्रधान, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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सपा शासनकाल में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में नगर निगम में जमकर भ्रष्टाचार हुआ था। मामला शासन तक पहुंचा था। इससे सबक लेते हुए नगर निगम में भाजपा की सरकार बनी तो निर्णय लिया गया कि कूड़ा कलेक्शन पर नगर निगम कोई धनराशि नहीं व्यय करेगा। निजी एजेंसियां डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करके अपना खर्चा निकालेंगी। शहर में करीब दर्जन भर एजेंसियों को यह जिम्मेदारी दी गई। मगर निगम में सैमुअल पॉल एन. नगर आयुक्त बनकर आए तो उन्होंने यह मुफ्त व्यवस्था बदल दी। अब पुरानी एजेंसियों को हटाकर दोबारा ठेका दिया जाएगा। इसके लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। ठेका लेने वाली एजेंसियों को नगर निगम में दस लाख रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी। हर घर की यूजर आईडी बनाकर कम से कम 40 प्रतिशत घरों से वसूली करके नगर निगम को देना होगा। इससे कम राशि पर नगर निगम एजेंसियों से 150 गुना जुर्माना वसूलेगा। साथ ही इन एजेंसियों को गीला और सूखा कूड़ा अलग एकत्र करना होगा। कूड़ा उठाने के बदले इन एजेंसियों को भुगतान नगर निगम करेगा। इसके लिए टेंडर में इनसे दरें भी पूछी गई हैं।
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पुरानी एजेंसियों का काम बंद हो जाएगा और नई एजेंसियां कूड़ा कलेक्शन करेंगी। उन्हें सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी और कम से कम 40 प्रतिशत घरों से यूजर चार्ज वसूलना होगा। इसके लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। - संजीव प्रधान, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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