{"_id":"5cf044d8bdec22070d45acbf","slug":"155925018315-bareilly-news60","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग से दुष्कर्म में दस साल कैद की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिग से दुष्कर्म में दस साल कैद की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को विशेष न्यायाधीश इफ्तेखार अहमद की अदालत ने दस साल कैद की सजा सुनाई। वारदात 22 जून 2014 को हुई थी। पीड़िता और उसके परिवार वालों के गुहार लगाने के बावजूद थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।
बाद में एसएसपी के आदेश पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट में पीड़ित की मां ने कहा था कि घटना वाले दिन उसकी 15 साल की बेटी दुकान से कुछ सामान लेने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। बेटी को रिश्तेदारों में तलाश किया गया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन अगले दिन दोपहर डेढ़ बजे पीड़ित की मां के मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने सख्त हिदायत दी थी कि बेटी को न खोजा जाए और न ही पुलिस से शिकायत की जाए। बेटी उसके पास है। उसने पीड़ित की मां से बात भी कराई। जो बेतहाशा रोए जा रही थी। 24 जून 14 को ग्यारह बजे उसके पास फिर फोन आया और धमकाया गया। बाद में पीड़ित को पुलिस ने बरामद कराया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को अदालत ने आगरा के रहने वाले अभियुक्त नरेंद्र कुमार को दोषी ठहराते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई।
विज्ञापन
बाद में एसएसपी के आदेश पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट में पीड़ित की मां ने कहा था कि घटना वाले दिन उसकी 15 साल की बेटी दुकान से कुछ सामान लेने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। बेटी को रिश्तेदारों में तलाश किया गया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। अगले दिन अगले दिन दोपहर डेढ़ बजे पीड़ित की मां के मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने सख्त हिदायत दी थी कि बेटी को न खोजा जाए और न ही पुलिस से शिकायत की जाए। बेटी उसके पास है। उसने पीड़ित की मां से बात भी कराई। जो बेतहाशा रोए जा रही थी। 24 जून 14 को ग्यारह बजे उसके पास फिर फोन आया और धमकाया गया। बाद में पीड़ित को पुलिस ने बरामद कराया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को अदालत ने आगरा के रहने वाले अभियुक्त नरेंद्र कुमार को दोषी ठहराते हुए दस साल कैद की सजा सुनाई।
विज्ञापन