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सिर पर हो जब मंत्री का हाथ तो कैसे मिले पुलिस का साथ

Fri, 31 May 2019 03:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 31 May 2019 03:08 AM IST
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सिर पर हो जब मंत्री का हाथ तो कैसे मिले पुलिस का साथ
बरेली। करीब महीने भर पहले नगर निगम की टीम ने हरूनगला में एक तालाब पर कब्जा हटाने की चेतावनी देते हुए माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बारादरी थाने में तहरीर दी थी। मगर माफिया की पीठ पर मंडल के एक मंत्री के पीए का हाथ है। लिहाजा पुलिस ने रिपोर्ट भी नहीं लिखी और माफिया का कब्जा भी बढ़ता रहा। इसके बाद नगर आयुक्त ने एसएसपी को पत्र लिखकर बृहस्पतिवार को कब्जा हटाने के लिए फोर्स मांगा था, जो कि नहीं मिला। तब निगम की टीम निर्माण को सील करके उस पर निगम की संपत्ति का नोट लिखकर चली आई।
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हरूनगला में पवन विहार के पीछे गाटा संख्या 650 पर नगर निगम का तालाब है, जिसका रकबा 2780 वर्ग मीटर है। वहां से कुछ दूरी पर हरूनगला निवासी एक भू माफिया की जमीन है, जिसका गाटा संख्या अलग है। मगर भू माफिया ने गाटा संख्या 650 को अपनी जमीन बताकर उसका काफी हिस्सा पाटकर एक आवास का निर्माण भी शुरू करा दिया। 29 अप्रैल को नगर निगम की टीम ने वहां जाकर आरोपी को चेतावनी दी और कब्जा हटाने को कहा। साथ ही मानचित्रकार हरीश भारती की ओर से थाना बारादरी में माफिया के खिलाफ तालाब पाटकर निगम की जमीन कब्जाने के आरोप में तहरीर भी दी गई। मगर आरोपी मंडल के एक मंत्री के पीए का करीबी होने के चलते बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। तहरीर रिसीव करने के बावजूद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
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नगर आयुक्त ने एसएसपी से मांगा था फोर्स
तालाब की जमीन से कब्जा हटाने के लिए नगर आयुक्त की ओर से एसएसपी को करीब सप्ताह भर पहले पत्र भेजकर फोर्स मांगा गया था। मगर बृहस्पतिवार को जब कार्रवाई का समय आया तो फोर्स नहीं मिला। इसके बाद निगम के राजस्व प्रभारी ललतेश सक्सेना बिना फोर्स मौके पर पहुंचे तो देखा कि निर्माण पहले से भी ज्यादा हो चुका था। इस पर उन्होंने वहां लगे गेट पर ताला डालकर उसे सील कर दिया। साथ ही उस पर निगम की संपत्ति होने का नोट भी लिख दिया।
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फोर्स के लिए एसएसपी को पत्र लिखा गया था। मगर बारादरी थाना क्षेत्र में कोई घटना होने के चलते फोर्स नहीं मिली। इसके चलते अतिक्रमण ध्वस्त करने के बजाय उसे सील कर दिया गया है। - ललतेश सक्सेना, राजस्व प्रभारी
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