{"_id":"5ced9416bdec22077e09c5e3","slug":"155907386120-bareilly-news91","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंपाउंडिंग की आड़- यानी शहर भर में सिर्फ 68 अवैध निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंपाउंडिंग की आड़- यानी शहर भर में सिर्फ 68 अवैध निर्माण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बीडीए के सात मई से चल रहे कंपाउंडिंग अभियान को शहर से बहुत ज्यादा सहयोग नहीं मिला। 68 नर्सिंग होम संचालकों को प्राधिकरण की ओर से नोटिस भेजे गए थे, लेकिन इनमें से 55 ने कंपाउंडिंग आवेदन जमा कर दिए हैं, लेकिन वह अभी पेंडिंग हैं। अब तक मात्र चार नर्सिंग होम संचालकों ने ही कंपाउंडिंग कर्राइ है। अन्य नर्सिंग होम संचालक बीडीए से आवेदन फार्म लाने के बाद भी कंपाउंडिंग कराने नहीं पहुंचे। बीडीए ने अब अवैध नर्सिंग होम और बरातघर संचालकों पर कार्रवाई का मन बना लिया है। 29 मई के बाद इन पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
रिहायशी एरिया में चल रहे निजी नर्सिंग होम भवनों को बीडीए ने कंपाउंड कराने की चेतावनी दी थी। नर्सिंग होम संचालकों की सुविधा के लिए बीडीए ने सात मई से कैंप भी लगा रखा है। 650 से ज्यादा अवैध भवन या दुकान मालिकों को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं। स्टेडियम रोड, डीडीपुरम्, राजेन्द्रनगर और सौ फुटा रोड समेत शहर के विभिन्न अस्पतालों को अवैध चिह्नित किया गया है। इनमें से अब तक चार नर्सिंग होमस की कंपाउंडिंग ही हो पाई है।
बीडीए के कैंप में कंपाउंडिंग के लिए आवेदन तो 55 से ज्यादा लोगों ने जमा किए हैं, लेकिन तमाम भवन मालिक आवेदन खरीदने के बाद जमा कराने नहीं आए। अब कैंप में कुछ ही दिन बाकी बचे हैं। शहर में छोटे बड़े 400 से ज्यादा नर्सिंग होम और सैकड़ों क्लीनिक चल रहे हैं। रामपुर गार्डन, राजेंद्र नगर, सिविल लाइंस समेत बड़ी संख्या में प्राइवेट नर्सिँग होम रिहायशी नक्शे मंजूर कराकर चलाए जा रहे हैं। बीडीए टीम ने शहर में अवैध भवनों का सर्वे भी पूरा कर लिया है। नर्सिंग होम के अलावा बरातघर, कांप्लेक्स या दुकान मालिक भी अपने भवनों की कंपाउंडिंग कराने की पहल नहीं कर रहे हैं। व्यापारियों और कारोबारियों ने बीडीए के कंपाउंडिंग अभियान पर ही सवाल उठा दिए। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जब अवैध भवन बन रहे थे तो बीडीए के इंजीनियर कहां थे? अगर अवैध भवन मालिकों पर कार्रवाई हो रही है तो दोषी बीडीए स्टॉफ पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इन सबके बीच 29 मई के बाद अवैध भवनों पर बीडीए कार्रवाई करने का मन बना रहा है।
विज्ञापन
रिहायशी इलाके में कमर्शियल गतिविधियां चलाने वाले अवैध नर्सिंग होम, बरातघर या कोई भी भवन बना है तो उसकी कंपाउंडिंग कराना जरूरी है। 29 मई के बाद कंपाउंडिंग न कराने वाले भवन मालिकों पर प्राधिकरण नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। आशीष शिवपुरी चीफ टाउन प्लानर बीडीए
विज्ञापन
रिहायशी एरिया में चल रहे निजी नर्सिंग होम भवनों को बीडीए ने कंपाउंड कराने की चेतावनी दी थी। नर्सिंग होम संचालकों की सुविधा के लिए बीडीए ने सात मई से कैंप भी लगा रखा है। 650 से ज्यादा अवैध भवन या दुकान मालिकों को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं। स्टेडियम रोड, डीडीपुरम्, राजेन्द्रनगर और सौ फुटा रोड समेत शहर के विभिन्न अस्पतालों को अवैध चिह्नित किया गया है। इनमें से अब तक चार नर्सिंग होमस की कंपाउंडिंग ही हो पाई है।
विज्ञापन
बीडीए के कैंप में कंपाउंडिंग के लिए आवेदन तो 55 से ज्यादा लोगों ने जमा किए हैं, लेकिन तमाम भवन मालिक आवेदन खरीदने के बाद जमा कराने नहीं आए। अब कैंप में कुछ ही दिन बाकी बचे हैं। शहर में छोटे बड़े 400 से ज्यादा नर्सिंग होम और सैकड़ों क्लीनिक चल रहे हैं। रामपुर गार्डन, राजेंद्र नगर, सिविल लाइंस समेत बड़ी संख्या में प्राइवेट नर्सिँग होम रिहायशी नक्शे मंजूर कराकर चलाए जा रहे हैं। बीडीए टीम ने शहर में अवैध भवनों का सर्वे भी पूरा कर लिया है। नर्सिंग होम के अलावा बरातघर, कांप्लेक्स या दुकान मालिक भी अपने भवनों की कंपाउंडिंग कराने की पहल नहीं कर रहे हैं। व्यापारियों और कारोबारियों ने बीडीए के कंपाउंडिंग अभियान पर ही सवाल उठा दिए। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जब अवैध भवन बन रहे थे तो बीडीए के इंजीनियर कहां थे? अगर अवैध भवन मालिकों पर कार्रवाई हो रही है तो दोषी बीडीए स्टॉफ पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। इन सबके बीच 29 मई के बाद अवैध भवनों पर बीडीए कार्रवाई करने का मन बना रहा है।
विज्ञापन
रिहायशी इलाके में कमर्शियल गतिविधियां चलाने वाले अवैध नर्सिंग होम, बरातघर या कोई भी भवन बना है तो उसकी कंपाउंडिंग कराना जरूरी है। 29 मई के बाद कंपाउंडिंग न कराने वाले भवन मालिकों पर प्राधिकरण नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। आशीष शिवपुरी चीफ टाउन प्लानर बीडीए