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योगी जी! यह तो सड़क घोटाले में भी घोटाला हो गया

Mon, 27 May 2019 01:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 27 May 2019 01:55 AM IST
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योगी जी! यह तो सड़क घोटाले में भी घोटाला हो गया
बरेली। योगी सरकार में चाहे जो हुआ हो लेकिन पीडब्ल्यूडी में भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ। जिले में बनी कई सड़कों के निर्माण में धांधली की शिकायतों पर खुद मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए थे लेकिन इंजीनियरों ने जांच में भी घोटाला कर दिया। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के गांव गुलड़िया से निकली सड़क समेत जब ज्यादातर सड़कों के सैंपल की जांच रिपोर्ट आई तो अफसर चौकन्ने हो गए हैं। जांच के लिए लैब भेजे गए नमूनों में हेराफेरी की आशंका के चलते उन्होंने दोबारा जांच कराने का फैसला लिया है। अब पीडब्ल्यूडी एक्सईएन खुद अपनी निगरानी में सैंपल भरवाकर लैब में दोबारा उसे चेक कराएंगे।
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पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिकारियों ने रम्पुरा से अलीगंज तक करीब 14 किलोमीटर लंबी सड़क का ठेका 14 करोड़ रुपये में दिया है। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के गांव गुलड़िया से होकर निकली यह सड़क करीब छह महीने पहले पास हुई थी लेकिन इस सड़क के लिए केवल चार करोड़ रुपये ही मिलने से इसका काम ठप हो गया था। इसके साथ शासन में यह शिकायतें भी पहुंची थीं कि इस रोड को बनाने में उत्तराखंड की बढ़िया बजरी के बजाय ग्वालियर और दूसरे जगहों की सस्ती और घटिया बजरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा फरीदपुर-बीसलपुर सहित तमाम दूसरी सड़कों के निर्माण में भी इसी तरह की घपलेबाजी के आरोप लगाए गए थे। मुख्यमंत्री योगी के आदेश के बावजूद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने आदेश को ही दबा लिया। इसका खुलासा होने पर चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी ने रम्पुरा-अलीगंज के साथ तमाम दूसरी सड़कों के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री के सैंपल भरवाकर उनकी जांच कराई। इन सभी की रिपोर्ट के ‘ओके’ आने पर अधिकारी असमंजस में पड़ गए। इसलिए अब प्रांतीय खंड के एक्सईएन हरबंश सिंह इन सड़कों के अपनी निगरानी में दोबारा सैंपल भरवाकर लैब से जांच कराएंगे।
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नमूनों की जांच में ऐसे होता है खेल
इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत से सड़क बनाने के लिए 10 फीसदी बजरी अच्छी क्वालिटी की मंगवा ली जाती है, जबकि 90 प्रतिशत घटिया सामग्री खपा दी जाती है। जब जांच की नौबत आती है तो अच्छी बजरी का सैंपल लेकर जांच करा दी जाती है। इससे घपला सामने नहीं आ पाता।
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कई सड़कों के सैंपल की रिपोर्ट सही मिली है। इसे लेकर असमंजस की स्थिति है। इसलिए खुद अपनी निगरानी में सड़कों के दोबारा नमूनों को भरवाकर उनकी जांच कराई जाएगी।
- हरबंश सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
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