{"_id":"5ce5b5eabdec22077c356afc","slug":"155855823711-bareilly-news60","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौके पर तलाशे जाएंगे पंप हाउस के सबूत, राजस्व विभाग ढूंढ रहा दस्तावेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौके पर तलाशे जाएंगे पंप हाउस के सबूत, राजस्व विभाग ढूंढ रहा दस्तावेज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। लोकसभा चुनाव की मतगणना के चलते वीसी बीडीए के आवास संबंधी जांच फिलहाल रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। जलकल विभाग के पास जमीन संबंधी दस्तावेज नही हैं इसलिए मौके पर जाकर पड़ताल की जाएगी। वहीं, राजस्व विभाग पंप हाउस को जमीन आवंटन संबंधी दस्तावेज खंगाल रहा है।
मंगलवार को पार्षद सतीश कातिब, अब्दुल कयूम मुन्ना, अनुपम चमन समेत कई पार्षदों ने मेयर को दी शिकायती पत्र में आरोप लगाए कि वीसी बीडीए का बंगला नगर निगम के पंप हाउस की जमीन पर बना है। सबूत के तौर पार्षदों ने पुराना नक्शा और नगर निगम बोर्ड की पुरानी कार्रवाई भी सौंपी। इस आधार पर पार्षदों इसे नगर निगम की जमीन बताते हुए वापस लेने की मांग की। इस पर मेयर उमेश गौतम ने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. और प्रभारी जीएम जलकल तारकेश्वर पांडेय को पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिए। मगर बृहस्पतिवार को लोकसभा चुनाव की मतगणना के चलते यह जांच आगे नहीं बढ़ सकी। प्रभारी जीएम जलकल तारकेश्वर पांडेय का कहना है कि पंप हाउस बनाने के लिए जलकल विभाग को कई विभागों से जमीनें मिल जाती हैं। यह जमीन कहां से मिली, राजस्व विभाग ही बता सकता है। पंप हाउस वहां पर था या नहीं, मतगणना के बाद मौके पर जाकर इसकी जांच की जाएगी।
पार्षद आक्रोशित, धरने की चेतावनी
निगम की जमीनों पर कब्जे को लेकर पार्षद आक्रोशित हैं। पार्षद सतीश कातिब का कहना है कि नगर आयुक्त से बार-बार शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा है। अगर अफसरों का यही रवैया रहा तो वह नगर निगम में धरना देने को बाध्य होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को पार्षद सतीश कातिब, अब्दुल कयूम मुन्ना, अनुपम चमन समेत कई पार्षदों ने मेयर को दी शिकायती पत्र में आरोप लगाए कि वीसी बीडीए का बंगला नगर निगम के पंप हाउस की जमीन पर बना है। सबूत के तौर पार्षदों ने पुराना नक्शा और नगर निगम बोर्ड की पुरानी कार्रवाई भी सौंपी। इस आधार पर पार्षदों इसे नगर निगम की जमीन बताते हुए वापस लेने की मांग की। इस पर मेयर उमेश गौतम ने नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. और प्रभारी जीएम जलकल तारकेश्वर पांडेय को पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिए। मगर बृहस्पतिवार को लोकसभा चुनाव की मतगणना के चलते यह जांच आगे नहीं बढ़ सकी। प्रभारी जीएम जलकल तारकेश्वर पांडेय का कहना है कि पंप हाउस बनाने के लिए जलकल विभाग को कई विभागों से जमीनें मिल जाती हैं। यह जमीन कहां से मिली, राजस्व विभाग ही बता सकता है। पंप हाउस वहां पर था या नहीं, मतगणना के बाद मौके पर जाकर इसकी जांच की जाएगी।
विज्ञापन
पार्षद आक्रोशित, धरने की चेतावनी
निगम की जमीनों पर कब्जे को लेकर पार्षद आक्रोशित हैं। पार्षद सतीश कातिब का कहना है कि नगर आयुक्त से बार-बार शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा है। अगर अफसरों का यही रवैया रहा तो वह नगर निगम में धरना देने को बाध्य होंगे।
विज्ञापन