फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   हाल-ए-स्पोर्ट्स स्टेडियम बरेली- बच्चों ! पहले घास हटाओ.. फिर हॉकी खेलो

हाल-ए-स्पोर्ट्स स्टेडियम बरेली- बच्चों ! पहले घास हटाओ.. फिर हॉकी खेलो

Tue, 21 May 2019 02:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2019 02:11 AM IST
विज्ञापन
हाल-ए-स्पोर्ट्स स्टेडियम बरेली- बच्चों ! पहले घास हटाओ.. फिर हॉकी खेलो
बरेली। जिस स्टेडियम में भारत-श्रीलंका मैत्री क्रिकेट मैच खेला गया हो, वहां हॉकी के खिलाड़ी खेलने से पहले हाथों से ही घास हटाते हैं... सुनने में जरूर अजीब लगता है, लेकिन सच यही है। यहां एथलेटिक्स के लिए चार सौ मीटर का ट्रैक तक क्लियर नहीं है। बाउंड्रीवाल भी कई स्थानों से क्षतिग्रस्त है। मोहल्ले के लोग बिना रोक टोक के स्टेडियम में आते-जाते हैं। दर्शक दीर्घा से पहले लगाई गई जाली भी गायब हो चुकी है।
विज्ञापन

स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए व्यवस्थाएं नाकाफी ही नहीं बदहाली का शिकार भी हैं। खेल उपकरण ही नहीं बल्कि खेल मैदान भी इन दिनों दुर्दशा का शिकार हैं। सोमवार शाम स्टेडियम की फील्ड में एक तरफ कुछ बच्चे फुटबाल का अभ्यास कर रहे थे। कुछ क्रिकेट तो कुछ हॉकी खेलते दिखाई दिए। खिलाड़ियों की माने तो फील्ड पूरी तरह समतल नहीं रह गई है। कहीं बड़ी-बड़ी घास है तो कहीं धूल उड़ती रहती है। हॉकी का अभ्यास करने के लिए बच्चे जब फील्ड में उतर वार्मअप होने लगे तो उन्हें फील्ड में उगी बड़ी घास परेशान करने लगी। खुरपी या हंसिया थी नहीं लिहाजा बच्चों ने अभ्यास शुरू करने से पहले हाथ से ही स्टेडियम में उगी घास उखाड़ी और उसे फील्ड के बाहर ले जाकर फेंका। इसके बाद बिना कोच अभ्यास शुरू कर दिया।
विज्ञापन


दौड़े तो तब.. जब पता हो कि ट्रैक कहां है
फील्ड कई स्थान पर सूखी है जिससे धूल उड़ती है। स्टेडियम प्रशासन ने सोमवार को पानी के पाइप डालकर छोड़ दिया। बेतरतीब तरीके से बहता पानी कहीं गीला कर रहा है तो कही नहीं। फील्ड में ट्रैक भी स्पष्ट नहीं है। लिहाजा दौड़ का अभ्यास करने वाले बच्चों को भी खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन बच्चों ने बताया कि पिछले काफी समय से चार सौ मीटर का ट्रैक सही नहीं है। चूना लंबे समय से नहीं डाला गया है। ट्रैक से सटे बास्केट बॉल मैदान में लोहे की एंगल में लगी जाली टूट कर ट्रैक की ओर निकल गई है। जिससे दौड़ते समय उससे चोट का भी खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाउंड्री वॉल टूट गई पर जिम्मेदारों की नींद नहीं
स्टेडियम की बाउंड्री के साथ ही दर्शक दीर्घा भी बनी हुई है। इस दर्शक दीर्घा की दीवार और सीढ़ियां लगातार टूटती जा रही हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि बाउंड्री के टूटने का यह सिलसिला पिछले कई साल से चल रहा है। पहले दो स्थानों पर बाउंड्री क्षतिग्रस्त थी। अब तीसरे स्थान पर भी क्षतिग्रस्त हो गई। ईट और सीढ़ियों में लगी सरिया भी गायब है। स्टेडियम प्रशासन ने इसकी रोकथाम के लिए न तो कोई प्रयास किए और न ही टूटी चहारदीवारी-दर्शक दीर्घा की सीढ़ियों को बनाने की ही जहमत उठाई। दर्शक दीर्घा के आगे मैच के दौरान दर्शकों को फील्ड में जाने से रोकने के लिए लोहे के पाइप के सहारे जालियां लगाई गई थीं। सालों पहले वह भी धीरे-धीरे गायब हो चुकी हैं। कुछ पाइप भी गायब हो चुके हैं।


यादों को भी नहीं सहेज पाए
शहर के पुराने खिलाड़ियों के मुताबिक नब्बे के दशक में इस स्टेडियम की फील्ड इतनी उम्दा थी कि यहां एक बार भारत और श्रीलंका के बीच मैच भी हुआ था। यादगार के रूप में ग्राउंड के एक छोर पर लगा स्कोर बोर्ड है। स्टेडियम प्रशासन ने इस यादगार स्कोर बोर्ड की भी फिहाजत नहीं की। लिहाजा उसमें लगी टीन और लोहे की चादरें गल-गल कर गिर रही हैं। लोगों का मानना है कि यदि स्टेडियम प्रशासन उसका रख रखाव करता रहता तो उसकी यह दशा नहीं होती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed