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व्हाट्सएप प्रकरण: बीएसए ने चेतावनी देकर शिक्षिका और शिक्षामित्र को दी क्लीन चिट
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बरेली। आखिरकार रफियाबाद प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका और शिक्षामित्र के बीच चल रही तनातनी पर विराम लगाते हुए बीएसए ने दोनों को क्लीन चिट दे दी। उन्हें आपसी विवाद को खत्म कर जर्जर हो रहे विद्यालय को संवारने और प्रभावित हो रही शिक्षा को बेहतर बनाने को कहा है। साथ ही फिर विवाद की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
आलमपुर जाफराबाद स्थित रफियाबाद प्राथमिक विद्यालय का पिछले दिनों संयुक्त शिक्षा निदेशक ने औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने विद्यालय में चल रहे शिक्षिका और शिक्षामित्र के बीच विवाद की वजह और प्रभावित हो रही बच्चों की शिक्षा का जिम्मेदार बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) को बताते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी।
जेडी की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के बाद करीब तीन दिन पहले बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में शिक्षिका की क्लास खाली मिली, जबकि शिक्षा मित्र बच्चों को पढ़ाते हुए मिला। स्कूल की जर्जर हालत देखी और उसकी वजह पूछी, जिसके बाद उन्होंने दोनों को आपसी विवाद को दूर करने का सुझाव दिया। साथ ही एक दूसरे का वीडियो फोटो वायरल करने पर जमकर फटकार लगाई। उन्होंने पिछले वर्ष विद्यालय की रंगाई पुताई और मरम्मत के लिए जारी बजट की जानकारी ली। शिक्षिका को ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यालय को जारी बजट का उपयोग करने को कहा है।
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नियमानुसार हुई है शिक्षामित्र की नियुक्ति
जेडी ने अपनी रिपोर्ट में शिक्षामित्र की नियुक्ति के मामले की जांच कराने की संस्तुति की थी, जिस पर बीएसए ने शिक्षामित्र के नियुक्ति संबंधी दस्तावेज की जांच कराई। बीएसए के मुताबिक शिक्षामित्र की नियुक्ति महिला पद पर ही हुई है। शिक्षामित्र की भर्ती प्रक्रिया के दौरान अन्य किसी ने भी आवेदन नहीं किया था। इसलिए नियमानुसार तत्कालीन जिलाधिकारी ने अन्य आवेदन न होने की स्थिति में शिक्षामित्र की तैनाती को मंजूरी दी है।
औचक निरीक्षण के बाद शिक्षिका और शिक्षामित्र को विद्यालय में प्रभावित हो रही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए हैं। शिक्षामित्र की नियुक्ति नियमानुसार की गई है। अगर अब कोई विवाद उभरा तो दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- तनुजा त्रिपाठी, बीएसए
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आलमपुर जाफराबाद स्थित रफियाबाद प्राथमिक विद्यालय का पिछले दिनों संयुक्त शिक्षा निदेशक ने औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने विद्यालय में चल रहे शिक्षिका और शिक्षामित्र के बीच विवाद की वजह और प्रभावित हो रही बच्चों की शिक्षा का जिम्मेदार बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) को बताते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी।
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जेडी की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के बाद करीब तीन दिन पहले बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में शिक्षिका की क्लास खाली मिली, जबकि शिक्षा मित्र बच्चों को पढ़ाते हुए मिला। स्कूल की जर्जर हालत देखी और उसकी वजह पूछी, जिसके बाद उन्होंने दोनों को आपसी विवाद को दूर करने का सुझाव दिया। साथ ही एक दूसरे का वीडियो फोटो वायरल करने पर जमकर फटकार लगाई। उन्होंने पिछले वर्ष विद्यालय की रंगाई पुताई और मरम्मत के लिए जारी बजट की जानकारी ली। शिक्षिका को ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यालय को जारी बजट का उपयोग करने को कहा है।
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नियमानुसार हुई है शिक्षामित्र की नियुक्ति
जेडी ने अपनी रिपोर्ट में शिक्षामित्र की नियुक्ति के मामले की जांच कराने की संस्तुति की थी, जिस पर बीएसए ने शिक्षामित्र के नियुक्ति संबंधी दस्तावेज की जांच कराई। बीएसए के मुताबिक शिक्षामित्र की नियुक्ति महिला पद पर ही हुई है। शिक्षामित्र की भर्ती प्रक्रिया के दौरान अन्य किसी ने भी आवेदन नहीं किया था। इसलिए नियमानुसार तत्कालीन जिलाधिकारी ने अन्य आवेदन न होने की स्थिति में शिक्षामित्र की तैनाती को मंजूरी दी है।
औचक निरीक्षण के बाद शिक्षिका और शिक्षामित्र को विद्यालय में प्रभावित हो रही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के निर्देश दिए हैं। शिक्षामित्र की नियुक्ति नियमानुसार की गई है। अगर अब कोई विवाद उभरा तो दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- तनुजा त्रिपाठी, बीएसए