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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   अरिल नदी मे अविरल धार बहाने के लिये डी एम ने फावडा चलाकर ष्षुरूआत की--फोटो 01 आर अरिल नदी पर फावडा चलाते डी एम,सी डी 18-22-37

अरिल नदी मे अविरल धार बहाने के लिये डी एम ने फावडा चलाकर ष्षुरूआत की--फोटो 01 आर अरिल नदी पर फावडा चलाते डी एम,सी डी 18-22-37

Sun, 11 Mar 2018 10:04 AM IST
Updated Sun, 11 Mar 2018 10:04 AM IST
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अरिल नदी मे अविरल धार बहाने के लिये डी एम ने फावडा चलाकर ष्षुरूआत की--फोटो 01 आर अरिल नदी पर फावडा चलाते डी एम,सी डी  18-22-37
की--फोटो 01 आर अरिल नदी पर फावडा चलाते डी एम,सी डी ओ,एस डी एम,तहसीलदार,उी सी मनेरेगा,02 आर प्राथमिक स्कूल मे अभिलेख चैक करते डी एम ,03 आर नदी किनारे अवैध कब्जा करके बना दिये उपलाघर
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अरिल नदी को पुनर्जीवित करने का काम शुरू
डीएम ने फावड़ा चलाकर की काम की शुरूआत
अमर उजाला ब्यूरो
आंवला/बिशारतगंज। दो दशक से सूखी पड़ी अरिल नदी को पुनर्जीवित करने का काम शनिवार से शुरू हो गया। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने लोहारी गांव में अधीनस्थों के साथ फावडटा चलाकर नदी की खुदाई शुरूआत की। हालांकि उनके जाते ही सुबह से जी जान से काम में जुटे मनरेगा श्रमिक गायब हो गए। नदी की खुदाई का काम दोपहर तक ही हो सका।
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विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी अरिल नदी को पुनर्जीवित करने का प्रदेश सरकार ने सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह की पहल पर बीड़ा उठाया है। मनरेगा के तहत नदी की खुदाई का काम शनिवार से शुरू हुआ। अरिल नदी आंवला के ब्लॉक रामनगर, मझगवां और आलमपुर जाफराबाद के 49 गांवों में फसलों की सिंचाई का सबसे बड़ा साधन थी लेकिन इसके सूख जाने के बाद से किसान बेहद परेशान हैं। नदी सूख जाने पर इसकी जमीन पर किनारे बसे गांवों के लोगों ने कब्जे करने शुरू कर दिए। इसकी वास्तविकता डीएम ने निरीक्षण करके खुद देखी और राजस्व विभाग के अधिकारियों को पैमाइश कराके अवैध कब्जे हटवाने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीडीओ सत्येंद्र कुमार, एसडीएम ममता मालवीय, तहसीलदार राजेश कुमार, डीसी मनरेगा गंगाराम, बीडीओ मझगवां, संतपाल वर्मा, ग्राम विकास अधिकारी युधिष्ठर सिंह आदि मौजूद रहे।
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हर 100 मीटर पर बनेंगे चेकिंग प्वाइंट
आंवला। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि अरिल नदी में पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए जब खुदाई कराई गई तो सात फुट खुदाई के बाद ही वर्षों से बंद नदी के प्राकृतिक स्रोत खुलने लगे। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात करने के बाद बताया कि प्रत्येक 100 मीटर पर चेकिंग प्वाइंट बनाकर पानी रोकने के लिए बांध बनाया जाएगा। ताकि बारिश के पानी को नदी में रोका जा सके और किसानों को इसका लाभ मिले।


नदी किनारे मल देखकर जताई नाराजगी
आंवला/बिशारतगंज। सूखी पड़ी अरिल नदी के किनारे मल और नदी किनारों पर अवैध कब्जे देखकर डीएम ने नाराजगी जताते हुए लोहारी गांव के प्रधान से गांव में शौचालयों के बारे में जानकारी ली। डीएम ने ग्राम प्रधान को नदी किनारे शौच पर सख्ती से रोक लगाने को कहा। तहसील प्रशासन को पैमाइश कराकर अवैध कब्जे हटवाने के निर्देश दिए।
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