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नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की
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बरेली। तपेश्वर नाथ मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन बलि, वामन, भगवान श्रीकृष्ण व श्री राम के जन्म की कथा सुनाई। सुंदर झांकी प्रस्तुत हुई। कन्हैया जन्म की सूचना मिलते ही श्रद्धालु ‘नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की’ के गीत गाते हुए झूमने लगे। कथा व्यास पं. अतुलेश्वर सनाढ्य ने बताया कि भगवान कृष्ण का जन्म धर्म स्थापना के लिए हुआ था।
कथा में बताया कि कंस ने आकाशवाणी की सूचना पर देवकी, वसुदेव को कैद किया। एक-एक कर सातों बालकों मार डाला लेकिन आठवां जब जन्मा तो संयोग से यशोदा के गर्भ से एक कन्या का जन्म हुआ। जो और कुछ नहीं सिर्फ महामाया थी। जिस कोठरी में वह कैद थे, उसमें प्रकाश हुआ। वसुदेव ने नवजात श्रीकृष्ण को सूप में रख कारागृह से निकल पड़े और अथाह यमुना को पार कर नंदजी के घर पहुंचे। इसके बाद श्रीराम और अन्य प्रसंगों का बड़ा ही मनोहर वर्णन किया। इस दौरान मुख्य अतिथि आंवला सांसद धर्मेंद कश्यप मौजूद रहे।
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कथा में बताया कि कंस ने आकाशवाणी की सूचना पर देवकी, वसुदेव को कैद किया। एक-एक कर सातों बालकों मार डाला लेकिन आठवां जब जन्मा तो संयोग से यशोदा के गर्भ से एक कन्या का जन्म हुआ। जो और कुछ नहीं सिर्फ महामाया थी। जिस कोठरी में वह कैद थे, उसमें प्रकाश हुआ। वसुदेव ने नवजात श्रीकृष्ण को सूप में रख कारागृह से निकल पड़े और अथाह यमुना को पार कर नंदजी के घर पहुंचे। इसके बाद श्रीराम और अन्य प्रसंगों का बड़ा ही मनोहर वर्णन किया। इस दौरान मुख्य अतिथि आंवला सांसद धर्मेंद कश्यप मौजूद रहे।
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