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राशन धंधेबाज को छोड़ने के आरोप में दो सिपाही सस्पेंड
Updated Sat, 03 Jun 2017 05:27 PM IST
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उझानी (बदायूं)।
छह दिन पहले बाइपास पर राशन के चावल से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़े जाने के मामले में नामजदगी होने के बाद पुलिस अफसरों ने भी हकीकत पर गौर करना शुरू कर दिया है। उस समय चावल की ट्रॉली पकड़े जाते वक्त युवक पुलिस की गिरफ्त से छूट कर भाग गया, दो सिपाहियों पर उसे छोड़ देने के आरोप लगे। शिकायत पर एसएसपी ने जांच कराई तो सिपाही दोषी मिले। इसी के चलते एसएसपी ने दोनों सिपाहियों का सस्पेंड कर दिया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में राशन के चावल के 120 कट्टों के साथ पुलिस कर्मियों ने चालक मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव फतुल्लागंज निवासी मनवीर को हिरासत में लिया था। ट्रैक्टर के साथ नगर निवासी एक धंधेबाज भी था जो रहस्यमय हालात में लापता हो गया। पुलिस कर्मियों का कहना था कि वह छूटकर भाग गया। इधर भाजपा के स्थानीय नेताओं ने दोनों सिपाहियों पर उसे छोड़ देने का आरोप लगाते हुए पुलिस अफसरों को अवगत करा दिया। कहा तो यहां तक गया कि उसके भागने से पहले भाजपा के नेताओं ने वीडियो भी बनाई। वीडियो में उसने चावल अनिल नामक युवक का बताया। पूर्ति निरीक्षक तरमीम अहमद ने ट्रैक्टर चालक के बयान लिए। जिसके आधार पर अनिल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नामजदगी कराई गई।
इस पूरे घटनाक्रम में एसएसपी चंद्रप्रकाश ने सिपाही उपेंद्र कुमार और भूपेश की भूमिका की जांच कराई। जांच में दोनों पर सवाल उठने के बाद उन्हें शुक्रवार रात को सस्पेंड कर दिया गया। जिस युवक को मौके पर छोड़ देने का आरोप लगा है, वह अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। पूर्ति निरीक्षक ने अपनी तहरीर में भी उसके नाम का जिक्र नहीं किया है। इधर, जानकारों का कहना है कि पूर्ति विभाग अब तक यह साफ नहीं कर पाया है कि राशन का चावल कहां से खरीदा गया। चावल किसी कोटेदार या फिर आवश्यक वस्तु निगम के गोदाम से लाया गया, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उसे बचाया गया तो धंधेबाजों पर अंकुश लगना मुश्किल हो जाएगा। सप्लाई इंसपेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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छह दिन पहले बाइपास पर राशन के चावल से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़े जाने के मामले में नामजदगी होने के बाद पुलिस अफसरों ने भी हकीकत पर गौर करना शुरू कर दिया है। उस समय चावल की ट्रॉली पकड़े जाते वक्त युवक पुलिस की गिरफ्त से छूट कर भाग गया, दो सिपाहियों पर उसे छोड़ देने के आरोप लगे। शिकायत पर एसएसपी ने जांच कराई तो सिपाही दोषी मिले। इसी के चलते एसएसपी ने दोनों सिपाहियों का सस्पेंड कर दिया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में राशन के चावल के 120 कट्टों के साथ पुलिस कर्मियों ने चालक मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव फतुल्लागंज निवासी मनवीर को हिरासत में लिया था। ट्रैक्टर के साथ नगर निवासी एक धंधेबाज भी था जो रहस्यमय हालात में लापता हो गया। पुलिस कर्मियों का कहना था कि वह छूटकर भाग गया। इधर भाजपा के स्थानीय नेताओं ने दोनों सिपाहियों पर उसे छोड़ देने का आरोप लगाते हुए पुलिस अफसरों को अवगत करा दिया। कहा तो यहां तक गया कि उसके भागने से पहले भाजपा के नेताओं ने वीडियो भी बनाई। वीडियो में उसने चावल अनिल नामक युवक का बताया। पूर्ति निरीक्षक तरमीम अहमद ने ट्रैक्टर चालक के बयान लिए। जिसके आधार पर अनिल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नामजदगी कराई गई।
इस पूरे घटनाक्रम में एसएसपी चंद्रप्रकाश ने सिपाही उपेंद्र कुमार और भूपेश की भूमिका की जांच कराई। जांच में दोनों पर सवाल उठने के बाद उन्हें शुक्रवार रात को सस्पेंड कर दिया गया। जिस युवक को मौके पर छोड़ देने का आरोप लगा है, वह अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। पूर्ति निरीक्षक ने अपनी तहरीर में भी उसके नाम का जिक्र नहीं किया है। इधर, जानकारों का कहना है कि पूर्ति विभाग अब तक यह साफ नहीं कर पाया है कि राशन का चावल कहां से खरीदा गया। चावल किसी कोटेदार या फिर आवश्यक वस्तु निगम के गोदाम से लाया गया, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उसे बचाया गया तो धंधेबाजों पर अंकुश लगना मुश्किल हो जाएगा। सप्लाई इंसपेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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