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ऐन वक्त पर मोदी ने कोई भी बिंदु नहीं छोड़ा
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बरेली। आलमपुर जाफराबाद के सैनिक ग्राउंड की चुनावी सभा में उमड़े अपार जनसमूह के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 30 मिनट के भाषण में कोई भी बिंदु ऐसा नहीं छोड़ा, जिसकी चर्चा नहीं की। रामगंगा के पावन जल से जीवन पाने वाली पवित्र धरती को सबसे पहले मोदी ने नमन करके स्वयं को बरेली से सीधा जोड़ा। फिर अलखनाथ और त्रिवटीनाथ का आशीर्वाद मांगा।
मतलब, पीएम मोदी ने बरेली की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को जनता के समक्ष रखकर यह साबित कर दिया कि वह रुहेलखंड की धरती से अनजान नहीं हैं। न ही यहां की जनता की समस्याओं से। इसीलिए जब विकास की बात आई तो कासगंज रेलवे ब्राडगेज, हवाई फ्लाइट, रामगंगा पर डैम और लालफाटक ओवरब्रिज का जिक्र किया। दो चरणों के मतदान का जिक्र कर जहां सपा-बसपा पर निशाना साधा, वहीं एनआरएचएम घोटाला, महापुरुषों की मूर्ति लगवाने के नाम पर घोटाले का जिक्र कर बसपा सरकार में हुए भ्रष्टाचार पर भी प्रहार किए। रंगदारी और जमीनों पर कब्जे करने की बात कहकर सपा सरकार की खामियां उजागर कीं। वहीं प्रधानमंत्री ने कश्मीर में अफस्पा हटाने, आतंकियों का समर्थन करने, हिंदू आतंकवाद कहकर सनातन परंपरा का अपमान करने के बहाने कांग्रेस की आलोचना की। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री ने किसानों के खातें में रुपए आने, मजदूरों को पेंशन, शौचालय, गैस कनेक्शन की बात कहकर ग्रामीण महिलाओं को भी साधा। राष्ट्रवाद उनके भाषण का अहम बिंदु था। सेना और सैनिकों की वीरता का जिक्र करके पीएम ने राष्ट्रवाद पर जनता का ध्यान खींचने की पूरी कोशिश की और वह इसमें काफी हद तक सफल भी रहे। हिंदु संस्कृति के अपमान का जिक्र कर पीएम ने जाति पांति तोड़कर भाजपा के परंपरागत वोटरों को भी साधा। मोदी के भाषण से उत्साहित भीड़ ने भी प्रधानमंत्री के भाषण के बीच में ‘मोदी-मोदी’ कहकर नारे लगाए। वहीं वंदे मातरम और भारत माता की जय कहकर पीएम के भाषण समाप्त हुआ।
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मतलब, पीएम मोदी ने बरेली की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को जनता के समक्ष रखकर यह साबित कर दिया कि वह रुहेलखंड की धरती से अनजान नहीं हैं। न ही यहां की जनता की समस्याओं से। इसीलिए जब विकास की बात आई तो कासगंज रेलवे ब्राडगेज, हवाई फ्लाइट, रामगंगा पर डैम और लालफाटक ओवरब्रिज का जिक्र किया। दो चरणों के मतदान का जिक्र कर जहां सपा-बसपा पर निशाना साधा, वहीं एनआरएचएम घोटाला, महापुरुषों की मूर्ति लगवाने के नाम पर घोटाले का जिक्र कर बसपा सरकार में हुए भ्रष्टाचार पर भी प्रहार किए। रंगदारी और जमीनों पर कब्जे करने की बात कहकर सपा सरकार की खामियां उजागर कीं। वहीं प्रधानमंत्री ने कश्मीर में अफस्पा हटाने, आतंकियों का समर्थन करने, हिंदू आतंकवाद कहकर सनातन परंपरा का अपमान करने के बहाने कांग्रेस की आलोचना की। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री ने किसानों के खातें में रुपए आने, मजदूरों को पेंशन, शौचालय, गैस कनेक्शन की बात कहकर ग्रामीण महिलाओं को भी साधा। राष्ट्रवाद उनके भाषण का अहम बिंदु था। सेना और सैनिकों की वीरता का जिक्र करके पीएम ने राष्ट्रवाद पर जनता का ध्यान खींचने की पूरी कोशिश की और वह इसमें काफी हद तक सफल भी रहे। हिंदु संस्कृति के अपमान का जिक्र कर पीएम ने जाति पांति तोड़कर भाजपा के परंपरागत वोटरों को भी साधा। मोदी के भाषण से उत्साहित भीड़ ने भी प्रधानमंत्री के भाषण के बीच में ‘मोदी-मोदी’ कहकर नारे लगाए। वहीं वंदे मातरम और भारत माता की जय कहकर पीएम के भाषण समाप्त हुआ।
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