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कर्ज में डूबे किसान ने फंदे पर लटककर दी जान
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सहसवान (बदायूं)। ट्रैक्टर खरीदने को लिए गए कर्ज चुकाने में असमर्थ एक किसान ने तंग आकर जान दे दी। शिकारपुर गांव के किसान लालाराम (50) का शव उनके ही खेत में पेड़ पर फंदे पर लटका मिला।
लालाराम शुक्रवार शाम खेत पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। काफी देर तक वह घर नहीं लौटे तो परिवार वालों को चिंता हुई। परिवार वाले उन्हें खोजते हुए खेत पर पहुंचे तो एक पेड़ पर अंगोछे के फंदे से उनकी लाश लटकी देखी। ग्राम प्रधान तहसीलदार सिंह की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों के मुताबिक कुछ समय पहले लालाराम ने ट्रैक्टर खरीदने के लिए बैंक से कर्ज लिया था। परिजनों के मुताबिक एसबीआई का डेढ़ लाख रुपये का बकाया चल रहा था, जबकि लगभग 50 हजार का कर्ज उन्होंने किसी से बेटी की शादी के लिए लिया था। कर्ज चुकाने के लिए लालाराम ने कुछ जमीन भी बेच दी, मगर फिर भी वह कर्जदार बने रहे। इससे लालाराम परेशान थे। लालाराम की करीब सात-आठ बीघा जमीन ही बची है। परिजनों ने यह भी बताया कि कर्जमाफी की पहली सूची में लालाराम का नाम नहीं आया था, पिछले दिनों उसने दोबारा आवेदन किया था। ब्यूरो
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फिलहाल यह मामला मेरी जानकारी में नहीं आया है। अगर ऐसा हुआ है तो उसकी जांच की जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहना संभव होगा। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी।
- राम निवास शर्मा, एडीएम प्रशासन
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लालाराम शुक्रवार शाम खेत पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। काफी देर तक वह घर नहीं लौटे तो परिवार वालों को चिंता हुई। परिवार वाले उन्हें खोजते हुए खेत पर पहुंचे तो एक पेड़ पर अंगोछे के फंदे से उनकी लाश लटकी देखी। ग्राम प्रधान तहसीलदार सिंह की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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परिजनों के मुताबिक कुछ समय पहले लालाराम ने ट्रैक्टर खरीदने के लिए बैंक से कर्ज लिया था। परिजनों के मुताबिक एसबीआई का डेढ़ लाख रुपये का बकाया चल रहा था, जबकि लगभग 50 हजार का कर्ज उन्होंने किसी से बेटी की शादी के लिए लिया था। कर्ज चुकाने के लिए लालाराम ने कुछ जमीन भी बेच दी, मगर फिर भी वह कर्जदार बने रहे। इससे लालाराम परेशान थे। लालाराम की करीब सात-आठ बीघा जमीन ही बची है। परिजनों ने यह भी बताया कि कर्जमाफी की पहली सूची में लालाराम का नाम नहीं आया था, पिछले दिनों उसने दोबारा आवेदन किया था। ब्यूरो
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फिलहाल यह मामला मेरी जानकारी में नहीं आया है। अगर ऐसा हुआ है तो उसकी जांच की जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहना संभव होगा। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार अग्रिम कार्रवाई भी की जाएगी।
- राम निवास शर्मा, एडीएम प्रशासन