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ख्वाजा के 807वें उर्स पर रोशन कीं 807 मोमबत्तियां
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बरेली। ख्वाजा गरीब नवाज हजरत मोइनउद्दीन चिश्ती के 807वें उर्स के मौके पर यहां नौमहला स्थित दरगाह नासिरी पर जश्न मनाया गया। इस दौरान शाम को 807 मोमबत्तियां रोशन कर अकीदत का नजराना पेश किया गया।
इस मौके पर हुई तकरीरी महफिल में दरगाह के खादिम सूफी वसीम मियां साबरी नासरी ने ख्वाजा गरीब नवाज की जिंदगी और उनके भारत आने के सफर पर रोशनी डाली। वहीं जन सेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खान वारसी ने ख्वाजा के मोहब्बत और अमन के पैगाम को आम किया। इसी तरह मौलाना नसरुल हक, मौलाना मुनाजिर कादरी, मौलाना हस्सान रजा, मुफ्ती अब्दुल बकी ने भी खिताब किया। शाने अली कमाल मियां साबरी ने दुआ की। तकरीर के बाद महफिले समा का आयोजन किया गया। इसमें कव्वालों ने गरीब नवाज की शान में कलाम पेश किए। इसके बाद कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। आखिर में तबर्रुक तकसीम किया गया।
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इस मौके पर हुई तकरीरी महफिल में दरगाह के खादिम सूफी वसीम मियां साबरी नासरी ने ख्वाजा गरीब नवाज की जिंदगी और उनके भारत आने के सफर पर रोशनी डाली। वहीं जन सेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खान वारसी ने ख्वाजा के मोहब्बत और अमन के पैगाम को आम किया। इसी तरह मौलाना नसरुल हक, मौलाना मुनाजिर कादरी, मौलाना हस्सान रजा, मुफ्ती अब्दुल बकी ने भी खिताब किया। शाने अली कमाल मियां साबरी ने दुआ की। तकरीर के बाद महफिले समा का आयोजन किया गया। इसमें कव्वालों ने गरीब नवाज की शान में कलाम पेश किए। इसके बाद कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। आखिर में तबर्रुक तकसीम किया गया।
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