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बीएसए को निरीक्षण में न शिक्षक मिले और न बच्चे
Updated Thu, 29 Nov 2018 01:54 AM IST
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बरेली। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी फिर सामने आई है। बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने 11 स्कूलों का निरीक्षण किया तो 18 शिक्षक गैरहाजिर मिले। एक स्कूल में कोई भी बच्चा उपस्थित नहीं था। कुछ में बच्चों की संख्या बेहद कम मिली। बीएसए ने सभी गैरहाजिर शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। वहीं बच्चों की कम उपस्थिति पर चेतावनी दी है।
देवरनिया के प्राइमरी स्कूल में बुधवार सुबह 9:05 बजे बीएसए पहुंची तो प्रधानाध्यापक मोहम्मद हसन, सहायक अध्यापक ज्योति राना, बेबी तबस्सुम, शिक्षामित्र विजेंद्र पाल एवं परवीन अनुपस्थित थीं। 233 बच्चों में सिर्फ 15 ही उपस्थित मिले। प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में हेडमास्टर तबस्सुम जैदी, सहायक अध्यापक प्रभुनाथ प्रसाद, हेमराज, अब्दुल हसन, शिक्षामित्र शाजिया एवं गीता गैरहाजिर थीं। यहां 229 में से एक भी बच्चा नहीं था। जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक पूनम सक्सेना, सुनीता, अमर सिंह, अनुदेशक प्रीति एवं ममता अनुपस्थित थीं। 164 बच्चों में से सिर्फ नौ उपस्थित थे। प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर में दोनों शिक्षामित्र रोमाना बी और सुमन गुप्ता अनुपस्थित थीं। 158 बच्चों में से सिर्फ 86 उपस्थित थे। बहेड़ी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय आदलपुर में शिक्षक तो थे, लेकिन 90 बच्चों में से 58 ही मिले। इटौआ धुरा के प्राइमरी स्कूल में 152 बच्चों में से 77, जूनियर हाईस्कूल में 58 में से 46 और प्राथमिक विद्यालय बड़ौरा में 70 बच्चों में 31 उपस्थित मिले।
40 बच्चों के स्कूल में पांच शिक्षक, बच्चे फिर भी नहीं आते
जिले में दर्जनों एकल विद्यालय चल रहे हैं, मगर सेटिंग के चलते बहेड़ी में सड़क किनारे स्थित प्राथमिक विद्यालय कनमन में दो शिक्षक और तीन शिक्षामित्र तैनात हैं जबकि बच्चों की संख्या सिर्फ 40 है। यह पांच शिक्षक मिलकर भी 40 बच्चों को पढ़ाई का माहौल नहीं दे पा रहे हैं। बीएसए को निरीक्षण में यहां सिर्फ आठ बच्चे ही उपस्थित मिले।
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कई स्कूलों में शिक्षक अनुपस्थित मिले हैं। सभी का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। इसके अलावा जिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम मिली है, उनके प्रधानाध्यापकों को चेतावनी दी गई है। - तनुजा त्रिपाठी, बीएसए
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देवरनिया के प्राइमरी स्कूल में बुधवार सुबह 9:05 बजे बीएसए पहुंची तो प्रधानाध्यापक मोहम्मद हसन, सहायक अध्यापक ज्योति राना, बेबी तबस्सुम, शिक्षामित्र विजेंद्र पाल एवं परवीन अनुपस्थित थीं। 233 बच्चों में सिर्फ 15 ही उपस्थित मिले। प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में हेडमास्टर तबस्सुम जैदी, सहायक अध्यापक प्रभुनाथ प्रसाद, हेमराज, अब्दुल हसन, शिक्षामित्र शाजिया एवं गीता गैरहाजिर थीं। यहां 229 में से एक भी बच्चा नहीं था। जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक पूनम सक्सेना, सुनीता, अमर सिंह, अनुदेशक प्रीति एवं ममता अनुपस्थित थीं। 164 बच्चों में से सिर्फ नौ उपस्थित थे। प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर में दोनों शिक्षामित्र रोमाना बी और सुमन गुप्ता अनुपस्थित थीं। 158 बच्चों में से सिर्फ 86 उपस्थित थे। बहेड़ी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय आदलपुर में शिक्षक तो थे, लेकिन 90 बच्चों में से 58 ही मिले। इटौआ धुरा के प्राइमरी स्कूल में 152 बच्चों में से 77, जूनियर हाईस्कूल में 58 में से 46 और प्राथमिक विद्यालय बड़ौरा में 70 बच्चों में 31 उपस्थित मिले।
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40 बच्चों के स्कूल में पांच शिक्षक, बच्चे फिर भी नहीं आते
जिले में दर्जनों एकल विद्यालय चल रहे हैं, मगर सेटिंग के चलते बहेड़ी में सड़क किनारे स्थित प्राथमिक विद्यालय कनमन में दो शिक्षक और तीन शिक्षामित्र तैनात हैं जबकि बच्चों की संख्या सिर्फ 40 है। यह पांच शिक्षक मिलकर भी 40 बच्चों को पढ़ाई का माहौल नहीं दे पा रहे हैं। बीएसए को निरीक्षण में यहां सिर्फ आठ बच्चे ही उपस्थित मिले।
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कई स्कूलों में शिक्षक अनुपस्थित मिले हैं। सभी का एक दिन का वेतन काटा जाएगा। इसके अलावा जिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम मिली है, उनके प्रधानाध्यापकों को चेतावनी दी गई है। - तनुजा त्रिपाठी, बीएसए