{"_id":"5a90ea654f1c1b78028b6276","slug":"141519446629-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आल्टो कार के लिए रिश्\nता तोड़ने पर साल भर कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आल्टो कार के लिए रिश् ता तोड़ने पर साल भर कैद
Updated Sat, 24 Feb 2018 10:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार के लिए रिश्ता तोड़ने पर एक साल की कैद
बरेली। कार के लिए रिश्ता तोड़ने के दो आरोपियोें को अदालत ने एक साल कैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश एसीजेएम यशवंत कुमार सरोज ने किया।
घटना की रिपोर्ट बिथरी चैनपुर निवासी मेहंदी हसन ने लिखाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मेहंदी ने अपनी बेटी परवीन का रिश्ता 25 फरवरी, 2010 को थाना देवरनिया के गांव डांडीहमीर निवासी लईक अहमद से तय किया था। इसके बाद 20 मार्च, 2011 को मंगनी की रस्म हुई। इसमें मेहंदी ने 11 हजार रुपये और सामान दिया। शादी की तारीख 26 सितंबर, 2011 तय हुई। सारी तैैयारियां हो जाने और निमंत्रण बंट जाने के बाद 10 सितंबर को लईक ने मेहंदी को अपने घर बुलाया दहेज मेें कार देने की मांग की। उनके असमर्थता जताने पर लईक और उसके घरवालों ने रिश्ता तोड़ दिया। अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए। अदालत ने अभियुक्त लईक अहमद उर्फ ग़ुड्डू और रजिया खातून को दहेज प्रतिषेध अधिनियम को दोषी पाते हुए एक-एक साल की सजा सुनाई। दोनों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।
विज्ञापन
बरेली। कार के लिए रिश्ता तोड़ने के दो आरोपियोें को अदालत ने एक साल कैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश एसीजेएम यशवंत कुमार सरोज ने किया।
घटना की रिपोर्ट बिथरी चैनपुर निवासी मेहंदी हसन ने लिखाई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मेहंदी ने अपनी बेटी परवीन का रिश्ता 25 फरवरी, 2010 को थाना देवरनिया के गांव डांडीहमीर निवासी लईक अहमद से तय किया था। इसके बाद 20 मार्च, 2011 को मंगनी की रस्म हुई। इसमें मेहंदी ने 11 हजार रुपये और सामान दिया। शादी की तारीख 26 सितंबर, 2011 तय हुई। सारी तैैयारियां हो जाने और निमंत्रण बंट जाने के बाद 10 सितंबर को लईक ने मेहंदी को अपने घर बुलाया दहेज मेें कार देने की मांग की। उनके असमर्थता जताने पर लईक और उसके घरवालों ने रिश्ता तोड़ दिया। अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए। अदालत ने अभियुक्त लईक अहमद उर्फ ग़ुड्डू और रजिया खातून को दहेज प्रतिषेध अधिनियम को दोषी पाते हुए एक-एक साल की सजा सुनाई। दोनों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।