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Bareilly News: सालभर में 13411 शिकायतों का फर्जी निस्तारण, क्रॉस चेकिंग में खुला फर्जीवाड़ा; दोबारा होगी जांच

Tue, 02 Jun 2026 12:50 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Tue, 02 Jun 2026 12:50 AM IST
सार

बरेली में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली पर 13,411 शिकायतों का फर्जी निस्तारण सामने आया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इनकी दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट 30 जून तक देनी होगी। एआई से निस्तारण की हकीकत परखी जाएगी।

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13,411 Complaints Falsely Disposed of in Bareilly Over the Year
आईजीआरएस पोर्टल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बरेली में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर शिकायतों का फर्जी निस्तारण किया जा रहा है। आलम यह है कि सालभर में 13,411 मामलों का फर्जी निस्तारण कर दिया गया। ये वह मामले हैं जो शासन की ओर से कराई गई क्रॉस चेकिंग में सामने आए हैं। इनकी वास्तविक तादाद इससे कहीं ज्यादा है। अब मुख्य सचिव एसपी गोयल ने पकड़ में आए डिफाल्टर श्रेणी के 13,411 मामलों की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। इन मामलों का निस्तारण कर 30 जून तक रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। 

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अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) व अन्य तकनीकी टूल्स की मदद से शिकायतों के निस्तारण की हकीकत परखी जाएगी। इसी आधार पर लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार, एसडीएम की ग्रेडिंग तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शासन स्तर से इसके लिए जिलाधिकारी को एआई टूल भी उपलब्ध कराया गया है। 
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इस अभियान के दौरान जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हर सप्ताह ब्लॉक स्तर पर चौपाल का भी आयोजन होगा, जिसकी समीक्षा जिलाधिकारी स्तर से की जाएगी। अफसरों को भी चेताया गया है कि अभियान के दौरान लापरवाही सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। 

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इन मामलों की होगी दोबारा जांच
रास्ते, चकरोड, नाली पर कब्जे संबंधी विवाद, चकबंदी में वरासत, न्यायालयों के आदेशों के अमलदरामद, पट्टे की भूमि और तालाब पर कब्जे की शिकायत, आबादी की भूमि से जुड़े प्रकरण, भू-माफिया का कब्जा, भूमि अधिग्रहण/व्यवस्थापन/ हस्तांतरण/मुआवजा संबंधी प्रकरण, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि/संशोधन, रास्ता/चकरोड के विवाद, विभागीय संपत्ति अथवा भूमि के अतिक्रमण या कब्जे के प्रकरण, संक्रमणीय भूमिधरों के मध्य पैमाइश संबंधी प्रकरण, सार्वजनिक भूमि जैसे तालाब/खलिहान/श्मशान/खेल मैदान/आरक्षित भूमि आदि पर कब्जे से जुड़े प्रकरण।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह ने बताया कि 13,411 प्रकरणों की दोबारा जांच के लिए तहसील, ब्लाक के अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी जा रही है। 30 जून इन मामलों का निस्तारण करना होगा। लापरवाही बरतने वाले अफसरों-कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

कागजों पर शिकायतों का निस्तारण, हकीकत में भटक रहे फरियादी
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण के मामले में मार्च में बरेली जिले की रैंकिंग 10वीं थी। अप्रैल में यह पांचवें नंबर पर आ गई। इसको लेकर अधिकारी भले ही अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे इतर है। शिकायतों को ऑनलाइन निस्तारित कर दिया गया, लेकिन हकीकत में कुछ नहीं हुआ। न्याय पाने के लिए फरियादी बार-बार अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। अप्रैल में 4675 शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लिए गए तो 757 फरियादियों ने निस्तारण से असंतुष्टि जाहिर की।

फरियादियों ने बताई हकीकत 
केस- एक
भोजीपुरा ब्लॉक के घघोरा पिपरिया निवासी भागीरथ ने सितंबर में सदर तहसील में खतौनी संशोधन के संबंध में शिकायत की थी। ऑनलाइन शिकायत को निस्तारण दिखा दिया गया, लेकिन खतौनी पर अब तक उनका नाम संशोधित नहीं हो पाया। 

केस- दो
सदर तहसील के गिरधारीपुर निवासी बृजेश कुमार ने पक्की पैमाइश के लिए आवेदन किया है। वर्ष 2022 में कोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक सुनवाई नहीं हो सकी। इसमें लेखपाल की तरफ से दूसरी रिपोर्ट लगा दी गई है। अब तक वह 25 बार तहसील का चक्कर काट चुके हैं। 

केस- तीन
मीरगंज के चंदपुर जोगियान निवासी चांद बाबू ने वर्ष 2024 में उनकी जमीन पर कूड़ादान बनाने की शिकायत की थी। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर बगैर उनकी सहमति से रिपोर्ट लगा दी। वह दो साल से विभाग का चक्कर काट रहे हैं। 

केस- चार
शहर के रामपुर गार्डन में अनुरोध अग्रवाल हाउस टैक्स के गलत बिल को लेकर आठ साल से निगम का चक्कर काट रहे हैं। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने इसमें से कुछ धनराशि जमा भी कर दी, लेकिन अब तक मामले का निस्तारण नहीं हो सका।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण गंभीरता से होता है। कुछ मामलों में अगर गलत रिपोर्ट लगा दी जाती हैं तो दोषियों पर कार्रवाई की जाती है। दोबारा सुनवाई कर उनको निस्तारित किया जाता है। 
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