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बसपा और मायावती दलितों की सबसे बड़ी दुश्मन
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बरेली। एससीएसटी आयोग के अध्यक्ष और पूर्व डीजीपी बृजलाल ने बसपा सुप्रीमो मायावती को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि मायावती दलितों की सबसे बड़ी दुश्मन हैं। प्रदेश में जब बसपा की सरकार थी, तब बतौर सीएम मायावती ने एससीएसटी आयोग में गैर दलितों को उच्च पदों पर बिठाया था। अखिलेश सरकार में भी एससीएसटी आयोग में पिछड़े और मुस्लिम विभिन्न पदों पर विराजमान रहे। दोनों सरकारों में दलित पिटते रहे।
भाजपा अनुसूचित जाति-जनजाति प्रबुद्ध सम्मेलन की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में 13 मई, 2007 को तत्कालीन मुख्य सचिव शंभूनाथ के हस्ताक्षर से शासनादेश जारी किया गया था। इसमें एससीएसटी वर्ग के पीड़ितों की हत्या, बलात्कार और हत्या के प्रयास मामलों में ही एससीएक्ट में एफआईआर दर्ज करने का नियम बनाया गया था। बाकी मामलों में एफआईआर सामान्य में ही दर्ज होने के आदेश थे। इस वजह से सपा-बसपा सरकार में दलित पिटते रहे। उनके मुकदमे नहीं लिखे जाते थे। बृजलाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने पीड़ित दलितों की मुआवजा राशि कई गुना बढ़ाकर उनको राहत दी है। हत्या के मामलों में दलित के परिवार को पोस्टमार्टम तक आधा मुआवजा मिलने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि दलितों समेत हर वर्ग की हितैषी पार्टी भाजपा ही है। सम्मेलन में मेघनाथ कठेरिया, ओपी सागर, विशाल वाल्मीकि, राजेंद्र, लेखराज, बाबूराम, रामबाबू, डीपी भारती, पंकज आदि मौजूद रहे।
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भाजपा अनुसूचित जाति-जनजाति प्रबुद्ध सम्मेलन की बैठक में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में 13 मई, 2007 को तत्कालीन मुख्य सचिव शंभूनाथ के हस्ताक्षर से शासनादेश जारी किया गया था। इसमें एससीएसटी वर्ग के पीड़ितों की हत्या, बलात्कार और हत्या के प्रयास मामलों में ही एससीएक्ट में एफआईआर दर्ज करने का नियम बनाया गया था। बाकी मामलों में एफआईआर सामान्य में ही दर्ज होने के आदेश थे। इस वजह से सपा-बसपा सरकार में दलित पिटते रहे। उनके मुकदमे नहीं लिखे जाते थे। बृजलाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने पीड़ित दलितों की मुआवजा राशि कई गुना बढ़ाकर उनको राहत दी है। हत्या के मामलों में दलित के परिवार को पोस्टमार्टम तक आधा मुआवजा मिलने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि दलितों समेत हर वर्ग की हितैषी पार्टी भाजपा ही है। सम्मेलन में मेघनाथ कठेरिया, ओपी सागर, विशाल वाल्मीकि, राजेंद्र, लेखराज, बाबूराम, रामबाबू, डीपी भारती, पंकज आदि मौजूद रहे।
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